मधुबनी में बदलेगी मांस-मछली बाजार की तस्वीर, अब खुले में बिक्री नहीं, बनेगा हाईटेक मीट-फिश मार्केट
मधुबनी नगर निगम खुले में मांस-मछली की बिक्री रोकने के लिए आधुनिक मीट एवं फिश मार्केट विकसित करेगा। यह पहल एक शिकायत के बाद शुरू हुई है, जिससे शहर में ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है। (फोटो-AI)
HighLights
मधुबनी में खुले में मांस-मछली बिक्री पर लगेगी रोक।
नगर निगम विकसित करेगा आधुनिक मीट एवं फिश मार्केट।
शिकायत के बाद स्वच्छता और जनस्वास्थ्य में होगा सुधार।
जागरण संवाददाता, मधुबनी । शहर में खुले में संचालित मांस एवं मछली की दुकानों को व्यवस्थित और स्वच्छ बनाने की दिशा में नगर निगम ने बड़ी पहल शुरू कर दी है।
मुख्यमंत्री सचिवालय के सहयोग पोर्टल पर दर्ज शिकायत के बाद नगर निगम ने आधुनिक मीट एवं फिश मार्केट विकसित करने की प्रक्रिया तेज कर दी है। टाउन वेंडिंग कमेटी (टीवीसी) की बैठक में इस प्रस्ताव को मंजूरी मिल चुकी है।
इसके साथ ही बिना लाइसेंस खुले में मांस एवं मछली बेचने वाले दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी गई है। नगर निगम का कहना है कि नई व्यवस्था लागू होने से शहर में स्वच्छता, जनस्वास्थ्य और यातायात व्यवस्था में सुधार होगा।
शिकायत के बाद शुरू हुई कार्रवाई
यह पहल व्यवहार न्यायालय, मधुबनी के अधिवक्ता राकेश रंजन झा की शिकायत के बाद शुरू हुई। उन्होंने मुख्यमंत्री सचिवालय के सहयोग पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर बताया था कि शहर के प्रमुख चौक-चौराहों, मुख्य सड़कों और फुटपाथों पर बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के खुले में मांस और मछली की बिक्री की जा रही है। इससे न केवल बिहार नगरपालिका अधिनियम, 2007 के प्रावधानों का उल्लंघन हो रहा है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ रहा है।
आधुनिक मीट एवं फिश मार्केट बनाने का निर्णय
नगर निगम ने मुख्यमंत्री सचिवालय को भेजे अपने प्रतिवेदन में बताया है कि टाउन वेंडिंग कमेटी की बैठक में आधुनिक मीट एवं फिश मार्केट बनाने का निर्णय लिया गया है।
इस बाजार में मांस और मछली की सभी दुकानों को व्यवस्थित तरीके से स्थानांतरित किया जाएगा। इससे खुले में बिक्री पर रोक लगेगी और लोगों को स्वच्छ वातावरण में खाद्य सामग्री उपलब्ध हो सकेगी।
बिना लाइसेंस दुकानों पर सख्ती
नगर निगम ने बिना लाइसेंस संचालित दुकानों के विरुद्ध अभियान शुरू कर दिया है। इसके लिए विशेष टीम का गठन कर जांच की जा रही है। साथ ही सभी मांस एवं मछली विक्रेताओं को नियमानुसार ट्रेड लाइसेंस लेने के लिए माइकिंग के माध्यम से लगातार जागरूक किया जा रहा है। निगम का उद्देश्य सभी दुकानदारों को कानूनी दायरे में लाकर व्यवस्थित कारोबार सुनिश्चित करना है।
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स्वास्थ्य और सामाजिक सरोकारों पर फोकस
शिकायत में यह भी कहा गया था कि खुले में धूल, मक्खियों और प्रदूषण के बीच मांस एवं मछली की बिक्री से संक्रमण फैलने का खतरा बना रहता है। इसके अलावा धार्मिक स्थलों और शैक्षणिक संस्थानों के आसपास खुले में मांस लटकाकर बेचने से सामाजिक और धार्मिक भावनाएं भी प्रभावित होती हैं। नगर निगम का मानना है कि आधुनिक बाजार बनने से इन समस्याओं का समाधान होगा।
पीपीपी मॉडल पर विकसित करने का सुझाव
शिकायतकर्ता ने सुझाव दिया है कि आधुनिक, स्वच्छ और पूरी तरह ढके हुए मीट एवं फिश मार्केट का निर्माण पब्लिक-प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) मॉडल पर कराया जाए। इससे नगर निगम पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ नहीं पड़ेगा और छोटे दुकानदारों की आजीविका भी प्रभावित नहीं होगी। साथ ही नागरिकों को बेहतर और सुरक्षित खरीदारी का वातावरण मिलेगा।
शहर को मिलेगा स्वच्छ और व्यवस्थित बाजार
नगर निगम का मानना है कि आधुनिक मीट एवं फिश मार्केट बनने के बाद शहर की सड़कों और फुटपाथों पर अतिक्रमण कम होगा, स्वच्छता व्यवस्था बेहतर होगी और खाद्य सुरक्षा के मानकों का पालन सुनिश्चित किया जा सकेगा। इससे एक ओर लोगों को साफ-सुथरा बाजार मिलेगा तो दूसरी ओर मांस एवं मछली विक्रेताओं के कारोबार को भी व्यवस्थित पहचान मिलेगी।