CM सम्राट चौधरी का मुंगेर में बड़ा एलान : मोदी-नीतीश के काम को गिनाते हुए अपराधियों और डॉक्टरों को दी खुली चेतावनी
मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने मुंगेर के टेटिया बंबर से 'पंचायत विकास शिविर' का शुभारंभ किया, गांवों को सशक्त बनाने और अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। उन ...और पढ़ें

बिहार में अब हर महीने लगेगा 'पंचायत विकास शिविर', सीएम सम्राट चौधरी का बड़ा ऐलान; 30 दिन में काम नहीं हुआ तो नपेंगे अधिकारी
HighLights
मुख्यमंत्री ने मुंगेर से 'पंचायत विकास शिविर' का किया शुभारंभ।
टेटिया बंबर को मिलेंगे दो डिग्री कॉलेज, अधिकारियों को चेतावनी।
2029 तक सभी जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेंगे, स्वास्थ्य सुधार।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। बिहार के मुंगेर जिले के टेटिया बंबर प्रखंड से मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने प्रदेशव्यापी 'पंचायत विकास शिविर' का शुभारंभ किया। इस दौरान उन्होंने राज्य के विकास का खाका खींचते हुए सरकारी अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए और कई बड़ी घोषणाएं कीं। मुख्यमंत्री ने कहा कि बिहार को आत्मनिर्भर बनाने के लिए गांवों को सशक्त करना अनिवार्य है।
गांवों के विकास से ही समृद्ध होगा बिहार
मुख्यमंत्री ने कहा कि जब गांव समृद्ध होंगे, तभी बिहार समृद्ध बनेगा और विकसित भारत का सपना साकार होगा। इसी उद्देश्य से राज्य सरकार ने प्रत्येक माह के अंतिम रविवार को 'पंचायत विकास शिविर' आयोजित करने का निर्णय लिया है। पंचायतों में छूटे हुए विकास कार्यों की समीक्षा और नई योजनाओं के क्रियान्वयन के लिए यह शिविर मील का पत्थर साबित होगा।
हर महीने अंतिम रविवार को होगा शिविर
सीएम ने बताया कि राज्य की 8500 पंचायतों में अब एक व्यवस्थित कार्यप्रणाली अपनाई जाएगी। इसके तहत प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को पंचायत स्तर पर 'सहयोग शिविर' तथा अंतिम रविवार को 'पंचायत विकास शिविर' लगेगा। इन शिविरों के माध्यम से गरीबी उन्मूलन, स्वास्थ्य, जल प्रबंधन, स्वच्छता और सामाजिक न्याय जैसे विषयों पर चर्चा कर योजनाओं को धरातल पर उतारा जाएगा।
30 दिन के भीतर काम नहीं हुआ तो निलंबन
प्रशासनिक सख्ती बरतते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट चेतावनी दी है। उन्होंने बताया कि अब तक आयोजित सहयोग शिविरों में करीब चार लाख आवेदन प्राप्त हुए, जिनमें से साढ़े तीन लाख का निष्पादन हो चुका है। लापरवाही बरतने वाले नौ हजार अधिकारियों को नोटिस दिया गया है। उन्होंने कहा कि यदि कोई अधिकारी 30 दिनों के भीतर जनता की समस्या का समाधान नहीं करेगा, तो 31वें दिन उसे निलंबित कर दिया जाएगा।
खबरें और भी
- मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने कहा- भारत के लिए समृद्ध बिहार बनाना जरूरी
- मुख्यमंत्री ने टेटिया बंबर से पूरे राज्य में पंचायत विकास शिविर का किया शुभारंभ
- प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के नेतृत्व में विकास की नई इबारत लिखी गई
- 15 अगस्त के बाद अस्पतालों से मरीज रेफर करने पर होगी कार्रवाई
- बिहार में अपराधियाें के लिए कोई जगह नहीं, जारी रहेगा सरकार का एक्शन
टेटिया बंबर को मिलेंगे दो डिग्री कॉलेज
शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी घोषणा करते हुए सीएम ने कहा कि राज्य सरकार हर प्रखंड में एक डिग्री कॉलेज खोल रही है, लेकिन टेटिया बंबर बिहार का पहला ऐसा प्रखंड होगा जहां दो डिग्री कॉलेज संचालित होंगे। यहां की भौगोलिक और आर्थिक स्थिति को देखते हुए यह फैसला लिया गया है, ताकि छात्रों को उच्च शिक्षा के लिए बाहर न जाना पड़े।
सरकारी अस्पतालों से रेफरल पर लगेगी रोक
स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर बनाने के निर्देश देते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि 15 अगस्त 2026 के बाद किसी भी सरकारी अस्पताल से मरीजों को बिना उचित कारण के रेफर नहीं किया जाएगा। यदि ऐसा हुआ, तो संबंधित अधिकारियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्वास्थ्य केंद्रों में संसाधनों और चिकित्सीय सुविधाओं को हर हाल में सुनिश्चित करने का निर्देश दिया।
2029 तक सभी जिला मुख्यालय फोरलेन से जुड़ेंगे
बुनियादी ढांचे पर बात करते हुए सीएम ने कहा कि वर्ष 2029 तक बिहार के सभी जिला मुख्यालयों को फोरलेन सड़क से जोड़ने का लक्ष्य है। साथ ही सभी प्रखंडों को पथ निर्माण विभाग की सड़कों से जोड़ा जाएगा। वहीं, जीविका समूहों की चर्चा करते हुए उन्होंने बताया कि 1.81 करोड़ महिलाएं इससे जुड़ी हैं। अपराध नियंत्रण पर उन्होंने दो-टूक कहा कि अपराधियों के लिए बिहार में कोई जगह नहीं है, उनके खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।