जमालपुर-भागलपुर रूट पर जल्द बनेगी तीसरी सुरंग और रेललाइन, 130 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ेगी ट्रेन
जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर तीसरी सुरंग और थर्ड-फोर्थ लाइन बिछाने की बहुप्रतीक्षित परियोजना ने गति पकड़ ली है। राजस्व और वन विभाग की संयुक्त टीम ने विस् ...और पढ़ें

एआई द्वारा जेनरेट इमेज।
HighLights
तीसरी सुरंग और थर्ड-फोर्थ लाइन परियोजना ने पकड़ी रफ्तार।
ट्रेनों की अधिकतम गति 130 किमी प्रति घंटा तक बढ़ेगी।
मालगाड़ियों के लिए अलग ट्रैक, यात्री ट्रेनों को लाभ।
संवाद सहयोगी, जमालपुर (मुंगेर)। जमालपुर-भागलपुर रेलखंड पर तीसरी सुरंग निर्माण और थर्ड-फोर्थ लाइन बिछाने की बहुप्रतीक्षित परियोजना अब रफ्तार पकड़ चुकी है।
राजस्व व वन विभाग की संयुक्त टीम ने विस्तृत सर्वे कर दूसरी सुरंग के दक्षिणी हिस्से में करीब 40 फीट क्षेत्र को चिह्नित करते हुए तीसरी सुरंग के निर्माण का आधार तय किया।
सर्वे टीम नक्शों के साथ भागलपुर, नाथनगर, सुल्तानगंज, बरियारपुर, रतनपुर होते हुए जमालपुर के बरियाकोल सुरंग क्षेत्र तक पहुंची।
इस दौरान अप लाइन के दक्षिण दिशा में लगातार मापी की जा रही है। कहीं 50 फीट, तो कहीं 60 और 82 फीट तक भूमि को अधिग्रहण के लिए चिह्नित किया गया है।
रेलवे अधिकारियों के साथ राजस्व कर्मी और वन विभाग की टीम ने संयुक्त रूप से स्थल निरीक्षण कर रिपोर्ट तैयार की है। दोनों दिशाओं में ट्रेनों का दबाव कम होगा और परिचालन अधिक सुचारू बनेगा।
सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद ट्रेनों की अधिकतम रफ्तार 110 से बढ़ाकर 130 किमी घंटा तक की जा सकेगी। परियोजना के तहत करीब 200 घरों और कई एकड़ जमीन को अधिग्रहण के दायरे में लाया गया है।
साल के अंत तक निर्माण कार्य शुरू
रतनपुर से लेकर भागलपुर तक प्रभावित क्षेत्रों का चिन्हांकन किया जा चुका है। रेलवे प्रशासन का लक्ष्य है कि वर्ष के अंत तक निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाए।
रेलखंड पर तीसरी लाइन करीब 52.81 किलोमीटर तक बिछाई जाएगी, जिस पर लगभग 1094.53 करोड़ रुपये खर्च होने का अनुमान है।
इस लाइन के बनने से मालगाड़ियों को अलग ट्रैक मिलेगा, जिससे सवारी गाड़ियों की समयपालन क्षमता में बड़ा सुधार होगा। वर्तमान में दोनों लाइनों पर करीब 200 ट्रेनों का दबाव है, जिससे अक्सर जाम की स्थिति बनती है।
यह पूरी परियोजनाएं से जहां रेल यात्रा सुरक्षित व सुगम होगा, वहीं रेलवे नेटवर्क को आधुनिक बनाएगी। ट्रेनों की स्पीड, संख्या, ससमय परिचालन को जोर देगी।
शिब्रम माझी, सीपीआरओ, कोलकाता