विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

कानून के रखवाले ही बने अपराधी? मुंगेर अपहरण मामले में चौंकाने वाला सच

Published: Fri, 06 Feb 2026 08:45 PM (IST)

मुंगेर में मद्य निषेध विभाग के सिपाहियों पर शराब तस्करों के साथ मिलकर अपहरण और अवैध वसूली का आरोप लगा ...और पढ़ें

मुंगेर में मद्य निषेध विभाग के सिपाही पर अपहरण और वसूली का आरोप

मुंगेर में मद्य निषेध विभाग के सिपाही पर अपहरण और वसूली का आरोप

संवाद सूत्र, जमालपुर (मुंगेर)। जिस मद्य निषेध विभाग को बिहार में शराबबंदी को सख्ती से लागू कराने की जिम्मेदारी दी गई है, उसी विभाग के कुछ कर्मियों ने अपने पद और वर्दी को दागदार कर दिया है। मुंगेर जिले में शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई करने के बजाय उनसे सांठगांठ कर अपहरण और अवैध वसूली की सनसनीखेज साजिश रचने का मामला सामने आया है। इस कांड में मुंगेर पुलिस ने मद्य निषेध विभाग के सिपाही विकास कुमार को गिरफ्तार किया है, जबकि दूसरा सिपाही नीरज कुमार फरार बताया जा रहा है।

पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी अनुसंधान के आधार पर पूरे मामले का खुलासा हुआ है। बताया जा रहा है कि दोनों सिपाही वर्ष 2025 में जिले में योगदान दिए थे और योगदान के बाद से ही शराब तस्करों के साथ मिलकर अवैध वसूली का नेटवर्क खड़ा कर लिया था। इस बार मामला उजागर हो गया, लेकिन पुलिस का दावा है कि इससे पहले भी जमालपुर और धरहरा प्रखंड क्षेत्र में कई लोगों से इसी तरह की वसूली की जा चुकी है।

तीन फरवरी की रात का पूरा घटनाक्रम

घटना तीन फरवरी, मंगलवार रात की है। हथियार के बल पर दो छात्रों का अपहरण कर उनसे फिरौती वसूली गई। बदमाशों ने दोनों छात्रों को करीब छह घंटे तक अलग-अलग थाना क्षेत्रों में घुमाया और स्वजनों से 50 हजार रुपये की मांग की। आखिरकार 16 हजार रुपये लेकर दोनों छात्रों को छोड़ दिया गया।

अपहृत छात्रों की पहचान सत्यमेव कुमार उर्फ कृष (15 वर्ष), पिता शंभू पासवान, और अभिषेक कुमार (18 वर्ष), पिता रणजीत कुमार के रूप में हुई है। दोनों जमालपुर थाना क्षेत्र के जहांगीरा मोहल्ला के निवासी हैं। सत्यमेव मैट्रिक का छात्र है, जबकि अभिषेक इंटर पास कर चुका है।

  • दो तस्कर सह स्पाई की मदद से रात में करता था धंधा
  • एक उत्पाद का सिपाही गिरफ्तार, दूसरा अबतक फरार

मंगलवार रात करीब आठ बजे दोनों छात्र भोजन के बाद टहलने निकले थे। वे ईस्ट कॉलोनी थाना क्षेत्र स्थित आरपीएफ मैदान के पास चल रहे सड़क निर्माण कार्य को देखने पहुंचे थे। इसी दौरान मैदान में बैठे चार युवकों ने उनसे नाम, पता और समुदाय पूछा। अचानक हथियार निकालकर दोनों को जबरन बाइक पर बैठा लिया गया। एक छात्र को लाल रंग की बाइक पर और दूसरे को काली बाइक पर बैठाकर बदमाश पहाड़ के किनारे होते हुए धरहरा-बिलोखर की ओर ले गए।

सुनसान स्थान पर पहुंचते ही दोनों छात्रों के साथ बेरहमी से मारपीट की गई। इसके बाद हथियार दिखाकर एक छात्र का मोबाइल चालू कराया गया और स्वजनों से फोन पर बात कराई गई। बदमाशों ने दोनों छात्रों को शराब के साथ पकड़े जाने की झूठी कहानी गढ़ते हुए धमकी दी और उन्हें छुड़ाने के लिए 50 हजार रुपये की मांग की।

लोकेशन बदलकर बनाई दबाव की रणनीति

डरे-सहमे स्वजनों को पहले निमियाटांड़ पेट्रोल पंप, फिर धरहरा के माताडीह और अंत में दरियापुर से बरमन्नी जाने वाले रास्ते पर बुलाया गया। अंतिम स्थान पर 16 हजार रुपये एक युवक को सौंपे गए। रकम मिलने के बाद भी बदमाशों ने छात्रों के साथ मारपीट की और उन्हें माताडीह से भुरका जाने वाले रास्ते पर स्थित एक सरकारी स्कूल के पास छोड़ दिया। परिजन रात करीब एक बजे दोनों छात्रों को सुरक्षित घर ले आए।

बुधवार सुबह घटना की सूचना थाने को दी गई, जिसके बाद पुलिस सक्रिय हुई। जांच में मद्य निषेध विभाग के दो सिपाही और दो शराब तस्कर सह स्पाई की संलिप्तता सामने आई। पुलिस का कहना है कि फरार सिपाही की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है और मामले की गहन जांच की जा रही है।

इस घटना ने न सिर्फ कानून व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि उस वर्दी को भी शर्मसार किया है, जिसे आम लोग सुरक्षा का प्रतीक मानते हैं।

देश और दुनिया की ताजा खबरों के लिए Hindi News देखें। Live Cricket Score , IPO Listings, Shiv Chalisa, राशिफल और दुर्गा चालीसा पर अन्य जानकारी पाएं।