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    मुंगेर के लाल दरवाजा से निगम का बोरिंग गायब, रातों-रात उखाड़ ले गए 150 फीट पाइप

    Updated: Tue, 23 Jun 2026 07:22 PM (IST)

    मुंगेर के लाल दरवाजा यादव टोली से नगर निगम का एक समर्सिबल बोरिंग 150 फीट पाइप सहित रातों-रात गायब हो गया, जिससे करीब 20 परिवारों को पेयजल संकट का सामन ...और पढ़ें

    मुंगेर के लाल दरवाजा से निगम का बोरिंग गायब, रातों-रात उखाड़ ले गए 150 फीट पाइप

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    संवाद सूत्र, मुंगेर। एक ओर नगर निगम गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल संकट से बचाने के लिए नए समर्सिबल लगाने और टैंकरों से पानी आपूर्ति के दावे कर रहा है, वहीं दूसरी ओर अपने ही संसाधनों की सुरक्षा को लेकर लापरवाही सामने आई है।

    वार्ड संख्या दो के लाल दरवाजा यादव टोली में निगम का एक समर्सिबल बोरिंग रातों-रात 150 फीट पाइप समेत गायब हो गया। चौंकाने वाली बात है कि घटना के 15 दिन से अधिक बीत जाने के बाद भी निगम के अधिकारियों को इसकी भनक तक नहीं लगी।

    स्थानीय लोगों के अनुसार, इस बोरिंग से आसपास के करीब 20 परिवारों को नियमित रूप से पानी मिलता था। समर्सिबल गायब होने के बाद लोगों को पेयजल के लिए दूसरे स्रोतों पर निर्भर होना पड़ रहा है। इससे लोगों की परेशानी बढ़ गई है।

    ग्रामीणों का कहना है कि यदि निगम समय-समय पर अपने जलापूर्ति संसाधनों की निगरानी करता, तो इतनी बड़ी चोरी संभव नहीं होती। लोगों ने सवाल उठाया कि जब नगर निगम अपनी संपत्ति की सुरक्षा नहीं कर पा रहा है, तो आम जनता को बेहतर सुविधाएं देने का दावा कितना कारगर है।

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    अभियंता को मिला जांच का आदेश

    मामले की जानकारी उप नगर आयुक्त नसीमुद्दीन खान तक पहुंचने के बाद उन्होंने तत्काल संज्ञान लेते हुए सहायक अभियंता को जांच का निर्देश दिया है। साथ ही 24 घंटे के भीतर विस्तृत प्रतिवेदन मांगा गया है। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।

    बता दें कि निगम क्षेत्र के 45 वार्डों में शायद ही कोई ऐसा वार्ड बचा हो, जहां पूर्व में लगाए गए चापाकल या जलापूर्ति उपकरणों की चोरी नहीं हुई हो।

    इसके बावजूद अब तक न तो प्रभावी निगरानी व्यवस्था विकसित की गई और न ही चोरी रोकने के लिए कोई ठोस रणनीति बनाई गई है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि आखिर निगम की संपत्तियां कब तक चोरों के निशाने पर रहेंगी।

    चापानल भी चोरों के निशाने पर

    नगर निगम क्षेत्र में समर्सिबल ही नहीं, चापानलों की चोरी भी लगातार चिंता का विषय बन गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार 45 वार्डों में शायद ही कोई ऐसा इलाका बचा हो जहां पूर्व में लगाए गए चापानलों के हैंडपंप पाइप या अन्य उपकरण चोरी नहीं हुए हों।

    कई मामलों में शिकायत के बावजूद कार्रवाई नहीं हुई। इससे निगम की निगरानी व्यवस्था और संपत्तियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। इससे पहले जहां-जहां लगे वाटर कूलर से भी कीमती उपकरण गायब हो चुके हैं, जिसे अभी तक चालू नहीं किया गया है।