बिहार के मुंगेर में 42 किलोमीटर लंबा मरीन ड्राइव जल्द होगा तैयार, एलाइनमेंट का हवाई सर्वे पूरा
मुंगेर में 42 किलोमीटर लंबे मरीन ड्राइव (गंगा पथ) के निर्माण कार्य में तेजी आई है। हाल ही में पथ निर्माण विभाग के सचिव और जिलाधिकारी ने हेलीकॉप्टर से ...और पढ़ें

मुंगेर मरीन ड्राइव का हवाई सर्वे। फोटो जागरण
HighLights
मुंगेर मरीन ड्राइव के एलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण संपन्न।
42 किमी लंबा गंगा पथ 5327 करोड़ में बनेगा।
रोजगार, पर्यटन और मुंगेर के विकास को बढ़ावा मिलेगा।
संवाद सहयोगी, मुंगेर। पटना के बाद मुंगेर में बन रहे हे मरीन ड्राइव के काम में तेजी आ गई है। इसके लिए सरकार के वरीय अधिकारी एवं जिला प्रशासन पूरी तरह सक्रिय हैं। शनिवार को बिहार स्टेट रोड डेवलपमेंट कॉरपोरेशन लिमिटेड द्वारा बनाए जाने वाले मरीन ड्राइव के एलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण किया गया।
पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल, BSRD के निदेशक ने जिलाधिकारी निखिल धनराज निप्पाणीकर के साथ हेलीकाप्टर से मरीन ड्राइव के एलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण किया।
मरीन ड्राइव के साथ ही मुंगेर-मिर्जाचैकी फोरलेन, मुंगेर-मोकामा तथा रक्साैल-हल्दिया फोरलेन पथ के एलाइनमेंट का भी अधिकारियों ने जायजा लिया।
सर्वेक्षण के दौरान गंगा जल मार्ग में बनने वाले सभी एलाइनमेंट का बारीकि से अवलोकन किया गया। हवाई सर्वेक्षण के बाद जिलाधिकारी ने कहा कि निर्धारित समय पर मुंगेरवासियों मरीन ड्राइव व जल्द फोरलेन का तोहफा मिलेगा।
एलाइनमेंट की सारी रूप रेखा तैयार कर विभाग को सौंपी जाएगी। निर्माण की प्रक्रिया शुरू होगी। इससे निश्चित रूप से मुंगेर के विकास को नई गति और दिशा मिलेगी।
5327 करोड़ की लागत से किया जा रहा तैयार
बता दें कि मुंगेर के सफियाबाद हेरुदियारा से बरियारपुर और घोरघट होते हुए सुल्तानगंज तक 42 किलोमीटर गंगा किनारे मरीन ड्राइव गंगा पथ का निर्माण 5327 करोड़ की लागत से किया जाना है।
42 किलोमीटर बनने वाले गंगा पथ में 30.12 किलोमीटर सड़क ग्रेड पर तथा 11.88 किमी. सड़क एलिवेटेड होगी। एजेंसी को मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य चार वर्षों में पूरा करने का लक्ष्य दिया गया है।
दूसरे चरण में सुल्तानगंज से भागलपुर होते हुए सबौर तक 40.80 किलोमीटर लंबा गंगा पथ बनेगा। दूसरे चरण में अजगैवीनाथ धाम से सबौर तक बनने वाले मरीन ड्राइव की अनुमानित लागत 3842.48 करोड़ रुपये है।
पर्यटन केे साथ बढ़ेगा रोजगार
मरीन ड्राइव बनने से क्षेत्र में रोजगार के अवसर में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। सड़क किनारे चाय-नाश्ता की दुकान के अलावा फूड स्टाल, छोटी-बड़ी दुकानें खुलेंगी। साथ ही दक्षिण और उत्तर बिहार के जिलों से सड़क मार्ग से आवागमन सुलभ होने के कारण विभिन्न तरह की व्यावसायिक गतिविधियां भी शुरू होंगी।
इससे स्थानीय लोगों को अपने ही क्षेत्र में रोजगार मिलेगा और बाहर पलायन की मजबूरी कम होगी। मरीन ड्राइव से मुंगेरवासियों को सुबह-शाम घूमने के लिए सुंदर और सुरक्षित स्थल मिलेगा।
मरीन ड्राइव से लोग गंगा के लहरों को निहार कर आनंद ले सकेंगे। मरीन ड्राइव के अंतर्गत आने वाले विभिन्न गंगा घाटों और मंदिरों का भी कायाकल्प होगा। इससे धार्मिक स्थलों और पर्यटक स्थलों में दूर दराज से श्रद्धालु व सैलानी पहुंचेंगे। इससे रोजगार के अवसर में बढ़ोतरी होगी।
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मुंगेर-सुलतानगंज के बीच बनने वाले गंगा पथ के एलाइनमेंट का हवाई सर्वेक्षण शनिवार को पथ निर्माण विभाग के सचिव और निर्माण एजेंसी के निदेशक ने लिया। मरीन ड्राइव के निर्माण से जिले की अलग पहचान बनेगी। रोजगार में वृद्धि के साथ पर्यटक स्थलों का विकास होगा। गंगा पथ का निर्माण मुंगेर के विकास की नयी गाथा लिखेगा। -निखिल धनराज निप्पाणीकर, जिलाधिकारी