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सीने के दर्द से टूट गई जिंदगी की आस, मुंगेर में तीन बच्चों की मां ने खाया जहर, हालत नाजुक

Published: Mon, 26 Oct 2026 01:27 PM (IST)

मुंगेर में गरीबी और असहनीय सीने के दर्द से जूझ रही तीन बच्चों की मां काजल कुमारी ने जहरीला पदार्थ ...और पढ़ें

मुंगेर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही काजल कुमारी।

मुंगेर सदर अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में जिंदगी और मौत की जंग लड़ रही काजल कुमारी।

HighLights

  1. मुंगेर में मां ने गरीबी-दर्द से तंग आकर खाया जहर।

  2. दो साल से सीने के असहनीय दर्द से थी परेशान।

  3. तीन मासूम बच्चों का भविष्य अब अधर में लटका।

संवाद सहयोगी, मुंगेर। जिले में गरीबी, बीमारी और मुफलिसी के बीच जिंदगी की जंग लड़ रही एक लाचार महिला ने बीमारी के दर्द से छुटकारा पाने के लिए ऐसा आत्मघाती कदम उठा लिया, जिससे तीन मासूम बच्चों के सिर से मां का साया हमेशा के लिए उठने का खतरा मंडराने लगा है।

मामला मुंगेर जिले के सफियासराय थाना क्षेत्र अंतर्गत पूर्वी टोला फरदा का है, जहाँ गोविंद चौधरी की पत्नी काजल कुमारी ने सीने में लंबे समय से हो रहे असहनीय दर्द और आर्थिक तंगी से तंग आकर जहरीला पदार्थ खा लिया।

जहर खाने के बाद जब महिला की तबीयत बिगड़ने लगी, तो परिजनों के बीच हड़कंप मच गया। आनन-फानन में स्वजन उसे इलाज के लिए मुंगेर सदर अस्पताल लेकर पहुँचे, जहाँ डॉक्टरों की देखरेख में उसका उपचार जारी है।

दो साल से दर्द और तीन महीने से बढ़ गई थी परेशानी

अस्पताल में जिंदगी और मौत से जूझ रही पीड़ित काजल ने बताया कि वह पिछले दो वर्षों से सीने के लगातार दर्द से परेशान चल रही थी। बीते तीन महीनों से यह दर्द इतना भयंकर और असहनीय हो गया था कि उसका एक-एक पल जीना दूभर हो गया था।

महिला का पति ईंट-भट्ठे पर दैनिक मजदूरी करता है। पति की मामूली कमाई से परिवार के लिए दो वक्त की रोटी का इंतजाम करना ही मुश्किल साबित हो रहा था, ऐसे में किसी बड़े शहर या विशेषज्ञ डॉक्टर के पास जाकर महंगा इलाज कराना परिवार के बस से पूरी तरह बाहर था। इलाज न मिल पाने और दर्द से कोई राहत न मिलने पर बेबस होकर उसने अपनी जीवनलीला समाप्त करने की नियत से जहर गटक लिया।

तीन मासूमों पर मंडराया संकट, 2019 में हुई थी शादी

काजल के इस कदम से उसके तीन छोटे-छोटे मासूम बच्चों के भविष्य और जिंदगी पर गहरा संकट खड़ा हो गया है। जिस मां के सहारे बच्चों का बचपन पलता है, वही मां खुद बीमारी और भुखमरी जैसी मजबूरी के आगे घुटने टेकने को मजबूर हो गई। स्वजनों ने बताया कि काजल की शादी वर्ष 2019 में कम उम्र में प्रेम विवाह के जरिए हुई थी।

शादी के बाद से ही परिवार की आर्थिक स्थिति बेहद कमजोर रही, जिसके कारण समय पर सही चिकित्सकीय परामर्श और दवाइयां नहीं मिल सकीं। फिलहाल सदर अस्पताल के डॉक्टरों द्वारा महिला की जान बचाने का हरसंभव प्रयास किया जा रहा है।

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