यह एक आर्काइव लेख है, जिसे May 08, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Politics : दो ग्लास सत्तू और मोदी-नीतीश... आजकल बिहार के आम कार्यकर्ता कुछ इस तरह बिता रहे 24 घंटे
Bihar Politics बिहार में लोकसभा चुनाव के तीसरे चरण का मतदान हो चुका है। अब नजर आने वाले चरणों पर हैं। इस बीच चुनावों की लंबी अवधि को लेकर पार्टियों क ...और पढ़ें

HighLights
- दोपहर में चावल-दाल और रात में पूड़ी-सब्जी-दाल की व्यवस्था
- हर दिन सुबह में दिया जाता है टास्क, रात में लिया जाता है फीडबैक
रजनीश, मुंगेर। Bihar Politics : दो दिन से तापमान कम है पर चुनावी पारा चढ़ गया है। सुबह के सात बजे हैं। जैन धर्मशाला स्थित राजग के प्रधान कार्यालय में कार्यकर्ता मौजूद हैं। बड़ी संख्या में एनडीए के ये कार्यकर्ता चुनावी प्रचार में अपने-अपने क्षेत्र में जाने के लिए यहां पहुंचे हैं।
कार्यालय प्रभारी गृजेश कुमार सभी कार्यकर्ताओं को सूची के हिसाब से क्षेत्र में जाने के लिए समझा रहे हैं। कार्यालय के नीचे गाड़ियां भी खड़ी हैं। कोई चाय की चुस्की ले रहा है तो कोई दो ग्लास सत्तू के साथ जनता के बीच पहुंचने के लिए निकल रहा है।
सुबह आठ बजे तक रवानगी
प्रचार गाड़ी की जिम्मेदारी विक्की गुप्ता के पास है। चालक से बात कर रहे हैं, यहां डीजल लेना है, इस क्षेत्र में जाना है। आठ बजे तक कार्यालय में कम ही लोग बचे हैं। कार्यालय प्रभारी और कुछ कार्यकर्ता ही कार्यालय में हैं।
कार्यालय प्रभारी ने बताया कि सुबह आठ बजे तक कार्यकर्ताओं की टोली गांवों की ओर निकलने लगती है। एनडीए कार्यकर्ता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के विकास के प्रति सोच के साथ वोटरों के बीच पहुंच रहे हैं।
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प्रखंड कार्यालयों में भी चाय-नाश्ते की व्यवस्था
उन्होंने बताया कि प्रधान कार्यालय के अलावा मुंगेर और जमालपुर विधानसभा के सभी प्रखंडों में कार्यालय है। इन कार्यालयों में चाय-नाश्ता और भोजन की व्यवस्था है। उन्होंने बताया कि कई कार्यकर्ता ऐसे हैं जो घर से ही भोजन करके पहुंचते हैं।
एक बजे क्षेत्र घूमने के बाद लोग पहुंचते हैं और चावल-दाल, सब्जी, भुजिया-पापड़ आदि का भोजन करते हैं। भोजन करने के कुछ देर बाद चले जाते हैं। रात में भोजन की व्यवस्था पूड़ी-सब्जी, भुजिया, दाल आदि है। एक बड़ा हाल है। इसके अलावा प्रधान कार्यालय में कमरे भी हैं।
शाम को चल पड़ता है फीडबैक का सिलसिला
शाम में लौटने के बाद सभी कार्यकर्ताओं से फिडबैक भी लिया जाता है। अगले दिन किन-किन गांव का दौरा करना है, इसकी रणनीति तैयार की जाती है। कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव है, फिर से मुंगेर लोकसभा क्षेत्र में एनडीए का परचम लहराना है।
ऐसे में चार से पांच घंटे सोने का भी मौका मिल जाता है, काफी है। सुबह उठने की जल्दबाजी रहती है और फिर चुनाव प्रचार पर निकल जाते हैं। कार्यकर्ताओं का कहना है कि चुनाव प्रचार में कोई कोर कसर नहीं रह जाए, इसके लिए लगातार पंचायत और गांव-गांव का दौरा किया जा रहा है।