1932 के अमर बलिदानियों की गवाह रही इमारत का बदलेगा स्वरूप, ब्रिटिशकालीन तारापुर थाना भवन में संग्रहालय सह पुस्तकालय
तारापुर का ब्रिटिशकालीन थाना भवन अब एक भव्य संग्रहालय सह पुस्तकालय बनेगा, जो 1932 के स्वतंत्रता संग्राम के अमर बलिदानियों की याद दिलाएगा। इसके जीर्णोद ...और पढ़ें

मुंगेर के तारापुर के अमर बलिदानियों की स्मृतियों को सहेजेगा ब्रिटिशकालीन थाना, संग्रहालय सह पुस्तकालय निर्माण की कवायद तेज
HighLights
ब्रिटिशकालीन तारापुर थाना भवन का हो रहा जीर्णोद्धार।
इसे संग्रहालय सह पुस्तकालय में बदला जा रहा है।
1932 के स्वतंत्रता सेनानियों की यादें होंगी संरक्षित।
संवाद सहयोगी, तारापुर (मुंगेर)। तारापुर के ऐतिहासिक स्वतंत्रता संग्राम और अमर बलिदानियों का गवाह रहा ब्रिटिशकालीन थाना भवन अब एक भव्य ऐतिहासिक धरोहर का रूप लेगा। इस ऐतिहासिक इमारत को संरक्षित करने और इसके जीर्णोद्धार की कवायद काफी तेज़ कर दी गई है।
गौरतलब है कि उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ₹9.99 लाख की लागत से बीते 15 फरवरी को इस महत्वाकांक्षी परियोजना का शिलान्यास किया था। इस भवन का कायाकल्प कर यहाँ एक आधुनिक संग्रहालय (म्यूजियम) सह पुस्तकालय (लाइब्रेरी) का निर्माण कराया जा रहा है।
प्रशासन की मौजूदगी में खुला मालखाना
थाना भवन के कई कमरे वर्षों से बंद पड़े थे और उनमें मालखाने का पुराना सामान रखा होने के कारण निर्माण कार्य में बाधा आ रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए अनुमंडल पदाधिकारी (SDO) राकेश रंजन कुमार के निर्देश पर बीपीआरओ (BPRO) गौतम भारती को दंडाधिकारी (मैजिस्ट्रेट) के रूप में प्रतिनियुक्त किया गया।
मूल स्वरूप में लौटने लगी इमारत
उनकी देखरेख में बंद कमरों का ताला खोलकर मालखाने में रखे सामान की विधिवत इन्वेंट्री (सूची) तैयार की गई और सभी सामानों को सुरक्षित स्थान पर स्थानांतरित कराया गया। इसके साथ ही, निर्माण कार्य के दौरान बाद के वर्षों में किए गए सभी अस्थायी निर्माणों (अतिक्रमण) को भी हटा दिया गया है। इससे ब्रिटिशकालीन थाना भवन का वास्तविक और मूल ऐतिहासिक स्वरूप एक बार फिर उभरकर सामने आने लगा है।
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15 फरवरी 1932 का गौरवशाली इतिहास
भवन के मूल ऐतिहासिक ढांचे को बिना कोई नुकसान पहुँचाए, उसे संरक्षित रखते हुए ही पुनर्निर्माण कराया जा रहा है। इतिहास के पन्नों को पलटें तो 15 फरवरी 1932 को स्वतंत्रता सेनानियों ने ब्रिटिश हुकूमत के खिलाफ बिगुल फूंकते हुए इसी थाना भवन पर तिरंगा फहराने का साहसिक प्रयास किया था। उस दौरान अंग्रेजी पुलिस की बर्बर गोलीबारी में कई जांबाज स्वतंत्रता सेनानियों ने देश के लिए अपने प्राणों की आहुति दे दी थी। इन्हीं अमर बलिदानियों की स्मृतियों को जीवंत रखने और नई पीढ़ी को स्थानीय इतिहास से रूबरू कराने के उद्देश्य से इस परिसर का विकास किया जा रहा है।
युवाओं के लिए बनेगा प्रेरणा केंद्र
स्थानीय प्रबुद्ध नागरिकों का मानना है कि यह परियोजना पूरी होने के बाद यह भवन न केवल एक प्रमुख ऐतिहासिक धरोहर के रूप में स्थापित होगा, बल्कि क्षेत्र के युवाओं के लिए प्रेरणा, ज्ञान और अध्ययन का एक बड़ा केंद्र बनकर उभरेगा।