यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 01, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Teacher News: इन शिक्षकों को स्कूलों में नहीं मिलेगी पोस्टिंग, शिक्षा विभाग ने दिए साफ निर्देश
मुजफ्फरपुर में शिक्षकों का तबादला ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शपथ पत्र अपलोड करने के बाद ही होगा। शिक्षकों को दो शपथ पत्र अपलोड करने होंगे। इसमें यह उल्लेखि ...और पढ़ें

HighLights
- शपथ पत्र नहीं देने वाले शिक्षकों का नहीं होगा विद्यालय आवंटन
- पत्नी के पदस्थापना के आधार पर जिले के 97 शिक्षकों का ऐच्छिक जिले में ट्रांसफर
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर शपथ पत्र अपलोड नहीं करने वाले शिक्षकों का विद्यालय आवंटन स्थगित रखा जाएगा। इसके लिए शिक्षकों को दो शपथ पत्र अपलोड करने होंगे। शिक्षकों का स्थानांतरण (ट्रांसफर) उनकी ओर से ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर दिए गए घोषणा के आलोक में होगा।
इसमें यह उल्लेखित होगा कि उनकी ओर से दी जा रही सूचना में किसी प्रकार की गड़बड़ी पाए जाने पर अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकेगी। साथ ही आवंटित किए गए जिले को वे स्वीकार करते हैं। जहां प्राथमिकता के आधार पर रिक्ति उपलब्ध नहीं होगी वहां उसके निकटतम विद्यालय के पंचायत-प्रखंड में पदस्थापन करने पर उन्हें स्वीकार होगा।
मुजफ्फरपुर के 96 शिक्षकों का ट्रांसफर ऐच्छिक जिले में हुआ:
जिले में पत्नी की पदस्थापन के आधार पर मुजफ्फरपुर के 96 शिक्षकों का ट्रांसफर ऐच्छिक जिले में हुआ है। साफ्टवेयर के आधार पर राज्य के 2151 शिक्षकों का स्थानांतरण उनकी ओर से दिए गए विकल्प के आधार पर किया गया है। स्थानांतरित शिक्षकों का विद्यालय आवंटन 10 से 20 अप्रैल तक किया जाएगा।
अंतर जिला स्थानांतरण की स्थिति में स्थानांतरित शिक्षकों की वरीयता का निर्धारण उस कोटि के शिक्षकों के संबंध में पूर्व से निर्गत प्रावधानों के अनुरूप नए जिले में योगदान के बाद निर्धारित होगा।
छात्र-शिक्षक अनुपात में शिक्षकों को अन्यत्र किया जा सकता स्थानांतरण:
- शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश में कहा गया है कि भविष्य में छात्र- शिक्षक अनुपात में असंतुलन की स्थिति में स्थानांतरित शिक्षकों को अन्यत्र स्थानांतरण किया जा सकता है।
- स्थानांतरण में स्थानीय निकाय के शिक्षकों को छोड़कर सभी कोटि के शिक्षकों का स्थानांतरण किया गया है।
- अगर किसी स्थानीय निकाय के शिक्षक का स्थानांतरण हो गया है तो डीइओ इस संबंध में ई- शिक्षा कोष पोर्टल पर सूचना देंगे।
- भविष्य में सक्षमता परीक्षा उत्तीर्ण करने और विद्यालय में योगदान के बाद ही उनके स्थानांतरण पर निर्णय लिया जाएगा।
- साथ ही विभागीय कार्यवाही एवं निगरानी जांच, वित्तीय गबन में शामिल शिक्षकों के स्थानांतरण पर विचार नहीं किया जाएगा।
- अगर ऐसे शिक्षकों का ट्रांसफर हो गया है तो डीइओ ऐसे शिक्षकों को विरमित नहीं करेंगे।
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उल्लेखनीय है कि शिक्षा विभाग की ओर से जारी आदेश के तहत विशेष समस्याओं से ग्रसित शिक्षक-शिक्षिकाओं से स्थानांतरण के लिए ई- शिक्षाकोष पोर्टल पर 1 दिसंबर से 15 दिसंबर तक ऑनलाइन आवेदन प्राप्त हुए थे। राज्य स्तर पर कुल एक लाख नब्बे हजार शिक्षकों के आवेदन प्राप्त हुए हैं।