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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 24, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: 'चुनाव हरा दिया, अब कैसा लग रहा...', जब वाजपेयी का यह अंदाज देख भौचक रह गए थे लोग

    Updated: Sun, 24 Dec 2023 09:43 PM (IST)

    Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary अटल बिहार वाजपेयी 2004 की भीषण बाढ़ का जायजा लेने बिहार के मुजफ्फरपुर पहुंचे थे। उनके आने की सूचना फैलते ही बड़ ...और पढ़ें

    Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: बिहार की भीषण बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे थे वाजपेयी।
    Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary: बिहार की भीषण बाढ़ का जायजा लेने पहुंचे थे वाजपेयी।

    HighLights

    1. हवाई अड्डे पर कार्यकर्ताओं के सामने छलक पड़ा था पूर्व प्रधानमंत्री का दर्द।
    2. अपने मजाकिया अंदाज में लोगों से बोले थे वाजपेयी- चुनाव हरा दिया, अब कैसा लग रहा।
    3. अटल की अपील पर कार्यकर्ताओं ने बाढ़ पीड़ितों के लिए चंदा करके पहुंचाई थी राहत सामग्री।

    प्रेम शंकर मिश्रा, मुजफ्फरपुर। Atal Bihari Vajpayee Birth Anniversary बिहार में भीषण बाढ़ है। पीड़ितों के राहत और बचाव कार्य में भाजपा के कार्यकर्ता लग जाएं। सरकारी मशीनरी के साथ मिलकर पीड़ितों की मदद करें। बिहार की वर्ष 2004 की भीषण बाढ़ का जायजा लेने के बाद पताही हवाई अड्डे पर भाजपा कार्यकर्ताओं से उक्त अपील पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी कर रहे थे।

    दरअसल, वह बाढ़ पीड़ित जिलों का हवाई सर्वेक्षण करने के बाद यहां पहुंचे थे। उनके आने की सूचना फैलते ही बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता वहां पहुंच गए। बाढ़ पीड़ितों की पीड़ा से दुखी वाजपेयी ने लोगों से बात करते हुए अपने मजाकिया अंदाज में कहा था कि चुनाव हरा दिए, अब कैसा लग रहा।

    उल्टा पड़ गया था जल्द चुनाव कराने का निर्णय

    विदित हो कि वर्ष 2004 का लोकसभा चुनाव तत्कालीन एनडीए की सरकार ने निर्धारित समय से पहले कराए थे।तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी की नेतृत्व वाली सरकार की लोकप्रियता को आधार मानते हुए यह निर्णय लिया गया था, मगर यह दाव उल्टा पड़ गया था।

    मई में चुनाव परिणाम आया तो कांग्रेस के 145 सीटों के मुकाबले बीजेपी को 138 सीटें ही मिलीं। 14 दलों ने मिलकर यूपीए गठबंधबन बनाया और वाजपेयी सरकार सत्ता से बाहर हो गई।

    ये है पूरा वाकया

    सत्ता जाने के बाद भी वाजपेयी ने इसके तीन माह बाद बिहार के बाढ़ प्रभावित जिलों का जायजा लिया था। तब भाजपा के जिला प्रवक्ता रहे मनीष कुमार कहते हैं कि पूर्व प्रधानमंत्री का मुजफ्फरपुर से गहरा नाता था। चुनाव प्रचार में यहां बराबर आते थे। यह संयोग रहा कि उनके हेलीकॉप्टर में ईंधन भरवाना था। पताही हवाई अड्डे के गेस्ट रूम में उनके ठहरने की व्यवस्था हुई। तत्कालीन प्रदेश अध्यक्ष गोपाल नारायण सिंह भी उनके साथ थे।

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    मनीष कुमार बताते हैं कि पूर्वी प्रधानमंत्री वाजपेयी के आने की सूचना फैली तो तत्कालीन पार्टी जिलाध्यक्ष सुरेश कुमार शर्मा समेत हजारों की संख्या में कार्यकर्ता और शहरवासी वहां पहुंच गए। लोगों को देख चिर परिचित अंदाज में उनके चेहरे पर मुस्कान आई। हाल चाल जाना। जिले के कटरा, औराई, गायघाट समेत बाढ़ प्रभावित प्रखंडों में राहत वितरण को लेकर चर्चा की।

    इसी चर्चा के बीच उनके मुंह से निकल गया, "चुनाव हरा दिए, अब कैसा लग रहा?" यह सवाल अप्रत्याशित था। कार्यकर्ताओं की ओर से भी जवाब नहीं आया, क्योंकि तब यह माना जा रहा था कि वाजपेयी फिर पीएम बनेंगे, मगर यह नहीं हो सका।

    अटल की अपील पर बाढ़ पीड़ितों की सेवा में जुट गए थे कार्यकर्ता

    मनीष कहते हैं, उनका यह सवाल चर्चा का विषय बना रहा। यह इसलिए कि लोगों को मलाल रह गया कि उन्हें फिर प्रधानमंत्री नहीं बना सके। हालांकि, उनकी अपील पर पार्टी के कार्यकर्ताओं ने चंदा कर राहत सामग्री जुटाई। तत्कालीन प्रमंडलीय आयुक्त अंजनी कुमार सिंह से मिलकर इसे वहां भिजवाया गया। कार्यकर्तार्ओं में इस सेवा भाव का संतोष रहा। साथ ही यह मरहम भी की जार्ज फर्नांडीज चुनाव जीत गए थे।

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