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    लोन के नाम पर औराई में 400 से ज्यादा महिलाओं से ठगी, ऑफिस बंद कर फरार हुए कर्मी

    By Shitesh Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Fri, 27 Feb 2026 02:50 PM (IST)

    Microfinance Scam Bihar: औरई में मुद्रा कैपिटल सर्विस कंपनी ने 400 से अधिक महिलाओं से 10 लाख रुपये की ठगी की। कंपनी ने लोन का झांसा देकर बीमा शुल्क वस ...और पढ़ें

    Women Cheated Case: 50 हजार से एक लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा दिया था। फाइल फोटो

    Women Cheated Case: 50 हजार से एक लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा दिया था। फाइल फोटो 

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    संवाद सहयोगी, औराई (मुजफ्फरपुर)। Aurai Muzaffarpur Loan Fraud: लोन दिलाने का झांसा देकर औराई प्रखंड में 400 से अधिक महिलाओं से करीब 10 लाख रुपये की ठगी किए जाने का मामला सामने आया है।

    दिसंबर 2025 में मकसूदपुर चौक स्थित मौल वाली गली में खुली ‘मुद्रा कैपिटल सर्विस प्राइवेट लिमिटेड’ नामक कंपनी ने आसपास के गांवों की महिलाओं को 50 हजार से एक लाख रुपये तक का लोन दिलाने का भरोसा दिया था।

    कंपनी के कर्मियों ने महिलाओं से इंश्योरेंस और प्रोसेसिंग फीस के नाम पर 2200 से 4600 रुपये तक वसूले। 27 दिसंबर को लोन की राशि खाते में भेजने की बात कही गई, लेकिन पैसा नहीं आने पर महिलाओं ने कर्मी सोनू कुमार से संपर्क किया तो उसका मोबाइल बंद मिला। जब महिलाएं कार्यालय पहुंचीं तो वहां ताला लटका था और बोर्ड भी हटा दिया गया था। इसके बाद ठगी का मामला उजागर हुआ।

    महिलाओं का आरोप है कि कंपनी के प्रतिनिधियों ने जीविका समूह की तर्ज पर बैठक कर समूह बनवाए और उसी आधार पर पैसे वसूले। संभूता और भलुरा गांव की जीविका सीएम भी इस जाल में फंस गईं। संभूता की एक सीएम ने आठ महिलाओं से 27 हजार रुपये लेकर कंपनी को दिए थे। कई महिलाओं ने नगद तो कुछ ने फोनपे के जरिए भुगतान किया।

    इस मामले में महिलाओं ने थाने में आवेदन दिया था। तत्कालीन थानाध्यक्ष राजा सिंह ने जांच कर एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।

    इधर 28 जनवरी को सरहंचिया पंचायत के पटोरी गांव में भी इसी तरह की ठगी की घटना सामने आई। शेखर कुमार और अरुण सिंह नामक दो व्यक्तियों ने खुद को कोटक महिंद्रा फाइनेंस कंपनी का प्रतिनिधि बताकर 60 हजार रुपये कैश लोन देने का झांसा दिया। दो वर्षों में 12 हजार रुपये ब्याज और 24 माह तक तीन हजार रुपये मासिक किस्त की शर्त बताई गई।

    इन लोगों ने 11 महिलाओं के आधार, पहचान पत्र और पैन कार्ड की प्रतियां लीं। इसके बाद प्रति महिला 3550 रुपये इंश्योरेंस के नाम पर वसूले। समूह लीडर कविता देवी और भगवती देवी के माध्यम से नौ महिलाओं से कुल 31,500 रुपये एकत्र किए गए। पैसे लेने के बाद आरोपितों ने फोटो खिंचवाई और दोपहर में ऑफिस बुलाने की बात कहकर फरार हो गए। बाद में उनका मोबाइल भी बंद मिला।

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    इस मामले में अब तक किसी महिला ने थाने में लिखित शिकायत नहीं दी है।