बाबा गरीबनाथ मंदिर में बदला एंट्री सिस्टम, मेटल डिटेक्टर से जांच के बाद ही प्रवेश, वाहनों के लिए रोक
Garibnath Mandir Security: मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में श्रावणी मेले के लिए सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन में बड़े बदलाव किए गए हैं। अब श्रद्धालुओं ...और पढ़ें

सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए विशेष विधि व्यवस्था कार्यकारिणी समिति का गठन। फाइल फोटो

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जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Baba Garibnath Temple: बिहार के प्रसिद्ध उत्तर बिहार के देवघर कहे जाने वाले मुजफ्फरपुर के बाबा गरीबनाथ मंदिर में इस बार श्रावणी मेले के दौरान सुरक्षा और विधि व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है।
मंदिर में प्रवेश करने वाले हर एक श्रद्धालु की अब कड़ी सुरक्षा जांच होगी। जिलाधिकारी (डीएम) कुमार गौरव ने सुरक्षा और भीड़ प्रबंधन को दुरुस्त करने के लिए एक विशेष 'विधि व्यवस्था कार्यकारिणी समिति' का गठन किया है।
इसमें अपर समाहर्ता समेत छह वरिष्ठ पदाधिकारियों को जिम्मेदारी सौंपी गई है। प्रशासन ने सभी तैयारियों को 30 जुलाई से पहले मुकम्मल करने का सख्त निर्देश दिया है।
डोर फ्रेम और हैंड मेटल डिटेक्टर से जांच
नियमों के मुताबिक, बाबा गरीबनाथ मंदिर के मुख्य प्रवेश द्वार पर डोर फ्रेम मेटल डिटेक्टर (DFMD) लगाए जाएंगे।
इसके साथ ही प्रवेश द्वार और कतारों में हैंड हेल्ड मेटल डिटेक्टर के साथ भारी संख्या में पुलिस बल की तैनाती रहेगी। मंदिर के भीतर जाने वाले सभी श्रद्धालुओं की सघन जांच की जाएगी, ताकि सुरक्षा व्यवस्था पूरी तरह चाक-चौबंद रहे।
महिला-पुरुषों के लिए अलग कतार
श्रद्धालुओं की भारी भीड़ को नियंत्रित करने के लिए महिला और पुरुष भक्तों के लिए अलग-अलग कतार (लाइन) की व्यवस्था की जा रही है। इसके लिए हरिसभा चौक से लेकर मंदिर परिसर तक मजबूत बैरिकेडिंग का निर्माण कराया जाएगा।
इसके अलावा, जिला स्कूल परिसर में 'जिगजैग' (घुमावदार कतार मार्ग) बनाया जाएगा। यदि मुख्य मार्ग पर भीड़ का दबाव अत्यधिक बढ़ता है, तो कांवरियों को जिला स्कूल के जिगजैग से डाइवर्ट करते हुए हाथी चौक के रास्ते मंदिर तक सुरक्षित ले जाया जाएगा।
शहर के प्रमुख एंट्री पॉइंट्स पर ड्रॉप गेट
कांवरिया पथ को पूरी तरह सुरक्षित और पैदल चलने योग्य बनाने के लिए शहर के सभी मुख्य एंट्री पॉइंट्स पर ड्रॉप गेट और बैरिकेडिंग लगाई जाएगी।
कांवरिया रूट पर किसी भी प्रकार के वाहन के परिचालन की अनुमति नहीं होगी। यहाँ तक कि मोटरसाइकिल और ई-रिक्शा के प्रवेश पर भी पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा।
इसके लिए रामदयालु समपार फाटक, कच्ची पक्की चौक, अखाड़ाघाट रोड, मिठनपुरा चौक, पानी टंकी, आरडीएस कॉलेज चौक और सदर अस्पताल रोड समेत सभी प्रमुख रास्तों को चिह्नित कर बैरिकेड किया जा रहा है।
फकुली से मंदिर तक एंबुलेंस की तैनाती
बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए इस बार दो प्रमुख जगहों, रजला और आरडीएस (RDS) कॉलेज में भव्य 'टेंट सिटी' का निर्माण किया जा रहा है। इसके साथ ही विभिन्न ठहराव स्थलों पर आपातकालीन स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड (अग्निशमन) की गाड़ियां 24 घंटे तैनात रहेंगी।
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श्रद्धालुओं की सेहत का ख्याल रखने के लिए पर्याप्त संख्या में स्वास्थ्य शिविर लगाए जा रहे हैं, जहां डॉक्टर, पैरामेडिकल स्टाफ और जरूरी दवाइयां हर वक्त उपलब्ध रहेंगी।
फकुली से लेकर मुख्य मंदिर तक पूरे कांवरिया पथ में एंबुलेंस मुस्तैद रहेगी, जिसके हेल्पलाइन नंबर सभी ड्यूटी पर तैनात अधिकारियों और पुलिसकर्मियों के पास उपलब्ध रहेंगे।