भारत-नेपाल सीमा पर अब दूर तक दिखेगी हर हलचल, बिहार के छह जिलों में बनेंगे 108 वाच टावर
नेपाल में भारत विरोधी गतिविधियों के मद्देनजर भारत-नेपाल सीमा पर सुरक्षा बढ़ाने के लिए बिहार के छह जिलों में 108 ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। हाल के दिनों में नेपाल में चल रही भारत विरोधी गतिविधियों को देखते हुए सीमा की सुरक्षा और निगरानी बढ़ाई जा रही है। इसके तहत भारत-नेपाल सीमा पर वाच टावर का निर्माण किया जाएगा।
भारत-नेपाल सीमा से जुड़े बिहार के छह जिलों में 108 ऐसे वाच टावर बनाए जाएंगे। इस संबंध में गृह विभाग ने संबंधित जिले पश्चिम चंपारण, पूर्वी चंपारण, सीतामढ़ी, मधुबनी, सुपौल और अररिया के डीएम को पत्र भेजा है।
विभाग के अवर सचिव मनीष कुमार की ओर से उक्त जिलों के जिलाधिकारी को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि बिहार में भारत-नेपाल अंतरराष्ट्रीय सीमा पर निगरानी और परिचालन क्षमता को मजबूत किया जाना है।
इसके तहत रणनीतिक रूप से चिह्नित किए गए स्थानों पर निगरानी टावर के निर्माण का प्रस्ताव दिया गया है। छह जिलों में ऐसे 108 स्थलों पर वाच टावरों का निर्माण किया जाना है।
इसके लिए 10मीटरx10मीटर (सौ वर्ग मीटर) माप वाली भूमि के अधिग्रहण और इसके हस्तांतरण को सर्वोच्च प्राथमिकता दिया जाना है। आग्रह है कि वाच टावर निर्माण के लिए यथाशीघ्र जमीन उपलब्ध कराई जाए।
सीमा पर चल रही कई गतिविधियां
हाल के दिनों में सीमा के साथ नो मेंस लैंड पर भी भारत विरोधी गतिविधियां देखने को मिली हैं। नो मेंस लैंड पर अतिक्रमण किया गया है। वहीं इस क्षेत्र में स्थायी निर्माण कार्य भी किया जा रहा है।
सीमा पर सैकड़ों पिलर या तो गायब हैं या टूटे हुए हैं। सबसे महत्वपूर्ण नेपाल के आंतरिक हालात भी हैं। खासकर मधेश क्षेत्र में आंदोलन के बाद एक धर्म विशेष के लोगों को निशाना बनाया जा रहा है। इससे उनका पलायन सीमा के पार होने की आशंका है। सीमा पर तस्करी रोकने के लिए भी निगरानी को बढ़ाया जाना है।
- भारत-नेपाल सीमा पर बनेंगे 108 वाच टावर
- सौ-सौ वर्गमीटर जमीन की होगी जरूरत, बिहार के छह जिलों की सीमा नेपाल से है जुड़ती
- गृह विभाग ने डीएम को जमीन अधिग्रहण की कार्रवाई प्राथमिकता से कराने का किया आग्रह
