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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Mar 21, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Bhumi: बिहार के इस जिले में जमीन की कीमत का सर्वे शुरू, 2 से 3 गुना तक बढ़ सकता है MVR

    Updated: Fri, 21 Mar 2025 02:20 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर में पिछले नौ वर्षों से सरकारी दरों में वृद्धि नहीं हुई है जबकि बाजार दर तीन से चार गुना बढ़ गई है। इस बीच निबंधन विभाग ने एमवीआर (न्यूनतम म ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर जिले में जमीन की कीमत का सर्वे शुरू
    मुजफ्फरपुर जिले में जमीन की कीमत का सर्वे शुरू

    HighLights

    1. शहर से सटे इलाके में एमवीआर की तुलना में जमीन की बाजार दर अधिक
    2. निबंधन कार्यालय करा रहा है सर्वे, ग्रामीण क्षेत्रों की कीमत में भी होगी वृद्धि

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले में पिछले नौ वर्षों से जमीन की सरकारी दर (Bihar Jamin Sarkari Rate) में वृद्धि नहीं हुई है। इस बीच जमीन की बाजार दर तीन से चार गुना तक बढ़ गई है। इसे देखते हुए जमीन की सरकारी दर बढ़ने की संभावना है। एमवीआर (न्यूनतम मूल्य रजिस्टर) में वृद्धि से पहले निबंधन विभाग की ओर से सर्वे शुरू किया गया है।

    जिला अवर निबंधक मनीष कुमार ने कहा कि जमीन की बाजार दर से एमवीआर की तुलना की जा रही है। इसमें काफी अंतर आया है।

    शहरी इलाकों में बढ़ी जमीन की कीमत

    विदित हो कि शहर से सटे इलाके और आयोजना क्षेत्र में पिछले सात-आठ वर्षों में जमीन की कीमत काफी बढ़ी है। इन क्षेत्रों में 40 से 50 लाख रुपये प्रति कट्ठा जमीन की बाजार दर हो गई है। वहीं, यहां एमवीआर पांच से दस लाख रुपये के बीच ही है।

    बाजार दर के अनुपात में एमवीआर में बढ़ोतरी नहीं की गई है। ऐसे में सरकार को राजस्व का नुकसान हो रहा है। माना जा रहा है कि शहरी क्षेत्र के एमवीआर में दो से तीन गुना तक की वृद्धि होगी।

    ग्रामीण क्षेत्रों में भी जहां पिछले कुछ वर्षों में सड़कें बनीं हैं वहां जमीन की बाजार दर दो से तीन गुना बढ़ गई है। यहां से जमीन की कीमत दो से ढाई गुना तक बढ़ सकती है।

    रविवार व अवकाश के दिन भी खुलेगा निबंधन कार्यालय

    निबंधन कार्यालय इस माह रविवार व घोषित अवकाश के दिन भी खुला रहेगा। निबंधन से संबंधित सभी आवश्यक कार्य होंगे। मद्य निषेध, उत्पाद एवं निबंधन विभाग के उप निबंधन महानिरीक्षक ने सभी जिला अवर निबंधक और अवर निबंधक को पत्र भेजकर इसकी जानकारी दी है।

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    उन्होंने कहा है कि राजस्व हित को देखते हुए 23 व 30 मार्च को रविवार के अलावा 22 व 31 मार्च को घोषित अवकाश के दिन भी सभी निबंधन कार्यालय खुले रहेंगे। जमीन रजिस्ट्री कराने से लेकर सभी कामकाज सुचारु रूप से किए जाएंगे।

    उन्होंने सभी संबंधितों को आम दिनों की तरह कार्यालय में उपस्थित होने को कहा है ताकि अधिक से अधिक राजस्व की वसूली हो सके।

    कर्मियों के पास मिला राजस्व अभिलेख तो होगी कानूनी कारवाई

    राजस्व अभिलेखों की हार्ड कॉपी साथ में लेकर घूमने और हलका कार्यालयों में रखने पर कानूनी कारवाई की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के सचिव ने सभी समाहर्ताओं को इससे अवगत कराते हुए इसका शत प्रतिशत अनुपालन सुनिश्चित कराने को कहा है।

    उन्होंने कहा कि सभी कर्मी राजस्व अभिलेखों की सॉफ्ट और स्कैंड कॉपी लैपटॉप में अनिवार्य रूप से रखेंगे। इसके अलावा, अगर राजस्व अभिलेखों की हार्ड कॉपी इधर-उधर मीला तो संबंधित पर कारवाई की चेतावनी दी गई है। उन्होंने अंचल अभिलेखागार में ही अभिलेख और जमाबंदी रजिस्टर को सुरक्षित रखने को कहा है।

    सचिव ने कहा कि अंचल और हलका कार्यालय में राजस्व संबंधित कार्यों में बिचौलिए के हस्तक्षेप पर पूरी तरह रोक लगाना सुनिश्चित करें। इसपर रोक लगाने के लिए आवश्यक है कि समाहर्ता स्वयं प्रत्येक पखवारे औचक रूप से निरीक्षक करें। इसके अलावा अपर समाहर्ता, एसडीओ और डीसीएलआर साप्ताहिक रूप से भौतिक निरीक्षण करें।

    बताया गया कि राजस्व संबंधित कार्यों में बिचौलिए के हस्तक्षेप करने और आवेदकों से अवैध वसूली की लगातार शिकायत विभाग तक पहुंच रही है। राजस्व अभिलेखों का दुरुपयोग भी बिचौलियों की ओर से किया जा रहा है। इसपर रोक लगाने के लिए आवश्यक कदम उठाने को कहा है, ताकि आम जनता को सरकारी कामकाज कराने में परेशानी नहीं हो।

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