बिहार के किसानों को दोहरी सौगात, आम-लीची का बीमा और बटाईदारों को योजनाओं का लाभ
Mango Litchi Crop Insurance : कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने मुजफ्फरपुर में घोषणा की कि बिहार के आम और लीची उत्पादक किसानों को अब फसल बीमा का लाभ मिलेगा।

Farmer ID Card for Sharecroppers : खेत बचेगा तो किसान बचेगा अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पहुंचे कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा।
HighLights
आम और लीची की फसल को अब मिलेगा बीमा सुरक्षा।
बटाईदार किसानों के लिए फार्मर आईडी कार्ड बनेंगे।
खाद की अधिक कीमत वसूलने पर होगी कड़ी कार्रवाई।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर ।Bihar Farmers Welfare Schemes : आम और लीची की खेती करने वाले किसानों को अब फसल बीमा का लाभ मिलने की राह खुल रही है। वहीं दूसरे की जमीन पर खेती करने वाले बटाईदार किसानों को भी सरकारी कृषि योजनाओं से जोड़ने की तैयारी है।
कृषि मंत्री विजय कुमार सिन्हा ने सोमवार को मुजफ्फरपुर में इन महत्वपूर्ण पहलों की जानकारी देते हुए किसानों को उनकी मेहनत का उचित आर्थिक लाभ दिलाने का भरोसा दिया।
उन्होंने खाद की निर्धारित कीमत से अधिक वसूली करने वाले दुकानदारों पर कार्रवाई की चेतावनी भी दी। रामदयालु नगर स्थित होटल अतिथि में कृषि विभाग की ओर से आयोजित खेत बचाओ अभियान-सह-कृषि जन कल्याण संवाद का शुभारंभ करते हुए मंत्री ने कहा कि खेती-किसानी की समृद्धि से ही बिहार मजबूत होगा।

आम-लीची की फसल को बीमा सुरक्षा
मुजफ्फरपुर सहित पूरे बिहार के आम और लीची उत्पादक किसानों की वर्षों पुरानी मांग को पूरा करने की दिशा में पहल की जा रही है। अब इन फसलों को भी फसल बीमा योजना के दायरे में लाया जाएगा। इसके लिए डिजिटल सर्वे में आवश्यक प्रावधान किया जा रहा है। इससे आम और लीची की खेती करने वाले किसानों को फसल बीमा का लाभ मिलने का रास्ता साफ होगा।

बटाईदार किसानों का बनेगा फार्मर आईडी कार्ड
अब बटाई पर खेती करने वाले किसानों को भी कृषि योजनाओं का लाभ दिलाने की तैयारी है। कृषि मंत्री ने बताया कि एग्रीस्टैक के तहत किसानों का फार्मर आईडी कार्ड बनाया जाएगा, ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र किसानों तक पहुंच सके। बटाईदार किसानों की आईडी 11 महीने तक वैध होगी। इस कार्ड से संबंधित जमीन पर उनका मालिकाना अधिकार नहीं बनेगा।
खाद की कीमत से अधिक वसूली पर कार्रवाई
किसानों को यूरिया, डीएपी और अन्य उर्वरक सरकारी दर पर ही उपलब्ध कराने का निर्देश दिया गया है। मंत्री ने स्पष्ट किया कि निर्धारित कीमत से अधिक राशि वसूलने वाले दुकानदारों के विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।
खाद की खरीद में पारदर्शिता लाने के लिए यूपीआई से भुगतान की नई व्यवस्था विकसित करने की पहल भी की जा रही है। इसके लिए केंद्र सरकार के स्तर पर रास्ता निकालने का प्रयास होगा। यह सुझाव जिला भाजपा के पूर्वी अध्यक्ष विवेक कुमार ने दिया था।
750 से अधिक स्कूलों में मिट्टी जांच प्रयोगशाला
कृषि मंत्री ने उपजाऊ मिट्टी और स्वच्छ जल को आने वाली पीढ़ियों के लिए सबसे महत्वपूर्ण विरासत बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों को स्कूल स्तर से ही मिट्टी का महत्व समझाने के उद्देश्य से राज्य के 750 से अधिक हाईस्कूलों में मिट्टी जांच प्रयोगशालाएं स्थापित की जा रही हैं। इससे विद्यार्थियों में मिट्टी के संरक्षण और टिकाऊ खेती के प्रति जागरूकता बढ़ेगी।
खेती में रोजगार और उद्यमिता की अपार संभावनाएं
मंत्री ने युवाओं से खेती को बोझ के बजाय अवसर के रूप में देखने की अपील की। उन्होंने कहा कि कृषि में विज्ञान, तकनीक, ड्रोन सेवा और स्टार्टअप के माध्यम से रोजगार के नए रास्ते खुल सकते हैं।
मखाना, मक्का और लीची के प्रसंस्करण, पैकेजिंग तथा ब्रांडिंग में भी बेहतर संभावनाएं हैं। ग्रामीण महिलाओं को मशरूम उत्पादन, मधुमक्खी पालन, बीज उत्पादन और खाद्य प्रसंस्करण से जोड़कर उद्यमिता को बढ़ावा दिया जा सकता है।
रबी में 15 से 16 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य
कृषि मंत्री ने बताया कि खेत बचाओ अभियान के पहले चरण में खरीफ मौसम के दौरान राज्यभर में 7,275 किसान बैठकें आयोजित की गईं, जिनमें छह लाख से अधिक किसानों ने भाग लिया। अब रबी मौसम में अभियान को राज्य के 534 प्रखंडों के प्रत्येक प्रखंड की दो पंचायतों तक पहुंचाने की योजना है। इसके माध्यम से 15 से 16 लाख किसानों को जोड़ने का लक्ष्य रखा गया है।
छह प्रगतिशील किसान सम्मानित
कार्यक्रम में कृषि के विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर काम करने वाले छह प्रगतिशील किसानों को सम्मानित किया गया। इनमें मुशहरी के मखाना उत्पादक रजनीश कुमार, बोचहां की मधुमक्खी पालक अनिता कुमारी कुशवाहा, मुशहरी की फार्म मशीनरी बैंक संचालक चंदा देवी, औराई के प्राकृतिक खेती करने वाले गोपाल प्रसाद शाही, मड़वन के एफपीओ संचालक मृत्युंजय दास और सरैया के स्टार्टअप किसान केशव कुमार शामिल थे।
कार्यक्रम के अंत में कृषि मंत्री ने किसानों और अधिकारियों को नशामुक्त बिहार बनाने का संकल्प दिलाया। मौके पर कृषि विभाग के निदेशक सहित विभाग के वरीय अधिकारी मौजूद रहे। धन्यवाद ज्ञापन जिला कृषि पदाधिकारी भारत भूषण ने किया।
इस मौके पर भाजपा पश्चिमी जिला अध्यक्ष हरिमोहन चौधरी, निगम पार्षद केपी पप्पू, पद्मश्री राजकुमारी देवी (किसान चाची), कृषि निदेशक मुकेश लाल, उद्यान निदेशक अभिषेक कुमार, बामेती निदेशक पवन कुमार, राष्ट्रीय लीची अनुसंधान केंद्र के निदेशक डॉ. विकास दास और आत्मा के उप परियोजना निदेशक विनोद कुमार सिंह सहित विभाग के अन्य पदाधिकारी उपस्थित थे।
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