Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 26, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Land News: दाखिल-खारिज का आवेदन अटकाना CO और RO को पड़ गया महंगा, अब 3 दिन के अंदर जेब से भरने होंगे पैसे

    Updated: Sat, 26 Apr 2025 11:27 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर जिले में दाखिल-खारिज के आवेदनों को लटकाने पर डीएम के आदेशानुसार मीनापुर के सीओ पर 30 हजार और राजस्व कर्मचारी पर 20 हजार रुपये का जुर्माना ल ...और पढ़ें

    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर
    प्रस्तुति के लिए इस्तेमाल की गई तस्वीर

    HighLights

    1. डीएम के आदेश पर सीओ को तीस और राजस्व कर्मचारी को 20 हजार का आर्थिक दंड
    2. तीन दिनों में जमा करनी होगी राशि, डीएम की कार्रवाई से सीओ व कर्मचारियों में हड़कंप

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले में दाखिल-खारिज के मामले लटकाने वाले अंचलाधिकारी और राजस्व कर्मचारियों को अब आर्थिक रूप से भी दंडित किया जा रहा है।

    डीएम सुब्रत कुमार सेन के आदेश पर एसडीओ पूर्वी अमित कुमार ने मीनापुर के अंचलाधिकारी और राजस्व अधिकारी पर क्रमश: तीस हजार और बीस हजार रुपये का दंड अधिरोपित किया है।

    तीन दिनों में दोनों अधिकारियों को दंड की राशि कोषागार में जमा करनी होगी। दंड जमा करने तक वेतन बंद किए जाने का भी आदेश दिया गया है।

    1430 दाखिल-खारिज के मामले निष्पादन के लिए लंबित

    विदित हो कि आमलोगों को समय से योजनाओं का लाभ मिल सके, इसके लिए डीएम लगातार मानीटरिंग करते हैं। इस क्रम में वह 17 अप्रैल को मीनापुर अंचल कार्यालय का निरीक्षण किया था।

    डीएम ने पाया कि 1430 दाखिल-खारिज के मामले निष्पादन के लिए लंबित थे। इसपर नाराजगी जताई थी। इसके अलावा परिमार्जन प्लस के भी 1231 आवेदन लंबित थे। डीएम ने इसे भी चिंताजनक माना था।

    इसके अलावा भी कई मामलों में गड़बड़ी पर सीओ और राजस्व अधिकारी से स्पष्टीकरण मांगा था। साथ ही 60 दिनों से अधिक समय तक लंबित दाखिल-खारिज के मामले पर आर्थिक दंड लगाने की बात कही गई।

    सौ रुपये प्रति मामले का दंड

    डीएम के आदेश पर एसडीओ पूर्वी ने इसकी समीक्षा की। इसमें पाया गया कि मीनापुर अंचल में दाखिल खारिज के ढाई सौ ऐसे वाद पाए गए जिसका निष्पादन 60 दिनों के बाद तक नहीं किया गया था।

    इसे देखते हुए अंचलाधिकारी को दो सौ मामलों को लेकर दंडित किया गया। प्रति मामले में डेढ़ सौ का जुर्माना लगाते हुए कुल 30 हजार रुपये का दंड लगाया गया।

    वहीं सौ रुपये प्रति मामले का दंड अधिरोपित करते हुए राजस्व कर्मचारी को 20 हजार रुपये जमा करने का आदेश दिया गया।

    दाेनों अधिकारियों को तीन दिनों में उक्त राशि जमा करने को कहा गया है। दंड की राशि जमा करने तक दोनों का वेतन बंद रहेगा।

    यह भी पढ़ें-

    Pahalgam: बस इस वजह से पहलगाम में बच गई बिहार के 2 दंपती और 3 बच्चों की जान, पुलिस के व्यवहार से सहम गए सभी