यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 18, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Bhumi: रेवेन्यू ऑफिसर और सीओ पर रोज लगेगा 500 रुपये का जुर्माना, लैंड म्यूटेशन की डेडलाइन फिक्स
मुजफ्फरपुर में दाखिल खारिज के 5500 से अधिक आवेदन समय सीमा बीत जाने के बाद भी लंबित हैं। जिलाधिकारी ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। छह अंचलों की स्थिति ...और पढ़ें

HighLights
- तय समय खत्म, दाखिल खारिज के 55 सौ से अधिक आवेदन लंबित
- छह अंचलों की स्थिति सबसे खराब, जिलाधिकारी ने जताई चिंता
- 25 तक 90 प्रतिशत आवेदनों के निष्पादन का मिला अल्टीमेटम
डीसीएलआर करेंगे मॉनिटरिंग
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जिले से लेकर मुख्यालय तक निगरानी, फिर भी 15 दिन में वसूली शून्य
दूसरी ओर, नीलामवाद के लंबित मामलों का निष्पादन करने के लिए जिला से लेकर मुख्यालय से निगरानी की जा रही है। लगातार निर्देश दिए जा रहे हैं। जिले में नीलामपत्र पदाधिकारियों की संख्या बढ़ाकर 90 कर दी गई। इसके बावजूद भी निष्पादन की गति बहुत धीमी है। पिछले 15 दिनों में वसूली शून्य है।
इसपर जिला नीलामपत्र पदाधिकारी ने चिंता जताई है। उन्होंने सभी नीलामपत्र पदाधिकारियों को पत्र भेजकर लंबित वादों के निष्पादन को लेकर गंभीरता बरतने को कहा है। साथ ही रुचि लेकर लंबित मामलों का निष्पादन करने का निर्देश दिया है। इसके लिए उन्होने अब मॉनिटरिंग में सख्ती बढ़ा दी है।
सभी नीलामपत्र पदाधिकारियों को प्रतिदिन अपडेट रिपोर्ट देने को कहा है। इसमें वसूली की स्थिति, नोटिस भेजने की स्थिति समेत अन्य बिंदुओं पर रिपोर्ट मांगी है, ताकि यह पता लग सके कि किस पदाधिकारी के स्तर से कार्रवाई को लेकर गंभीरता बरती जा रही है।
विदित हो कि जिले में 42 हजार से अधिक नीलामवाद के मामले लंबित हैं। पिछले दिनों 16 हजार से अधिक वादों का हस्तांतरण नए नीलामपत्र पदाधिकारियों को किया गया था। इसके बावजूद भी निष्पादन की गति तेज नहीं हो सकी, जबकि मुख्य सचिव ने भी इसपर संज्ञान लिया था और सभी जिलों को प्राथमिकता के आधार पर निष्पादन करने का निर्देश दिया था।