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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 26, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar Liquor Ban: मुजफ्फरपुर में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू, 8 साल में 14 हजार से ज्यादा पियक्कड़ व तस्कर गिरफ्तार

    Updated: Mon, 26 Aug 2024 03:50 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर में शराबबंदी के बाद से अबतक 14 हजार 655 आरोपितों को गिरफ्तार किया जा चुका है। उत्पाद विभाग की टीम ने एक अप्रैल 2016 से 30 जून 2024 तक जिले ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू। (सांकेतिक फोटो)
    मुजफ्फरपुर में शराबबंदी कानून सख्ती से लागू। (सांकेतिक फोटो)

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Bihar Liquor Ban: मद्य निषेध व उत्पाद विभाग की टीम ने राज्य में शराबबंदी कानून लागू होने के बाद आठ वर्षों में धंधेबाज समेत 14 हजार 655 आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इसमें शराब धंधेबाजों की तुलना में पीने वालों की संख्या अधिक है। विभाग की ओर से इसकी रिपोर्ट मुख्यालय को भेजी गई है।

    रिपोर्ट में बताया गया है कि एक अप्रैल 2016 से 30 जून 2024 तक उत्पाद टीम द्वारा जिले में कुल 6327 छापेमारी की गई। इस दौरान 1170 मामले दर्ज किए गए। इसमें 14655 आरोपितों को गिरफ्तार किया गया है।

    छापेमारी के दौरान 461 वाहनों को जब्त किया गया है। साथ ही धंधेबाजों के ठिकाने से 74 हजार लीटर देसी और 3.69 लाख लीटर विदेशी शराब जब्त की गई है। उत्पाद इंस्पेक्टर शिवेंद्र कुमार ने बताया कि शराब धंधेबाजों के विरुद्ध लगातार अभियान चलाया जा रहा है।

    डाग स्क्वॉड से ज्यादा पकड़ी जा रही शराब की खेप

    धंधेबाजों के सिंडिकेट को ध्वस्त करने के लिए उत्पाद टीम को कई तरह के संसाधनों से लैस तो कराया गया है, लेकिन धंधेबाज रोज नए-नए तरीके प्रयोग कर शराब की खेप मंगवा रहे है।

    सीमावर्ती इलाके में हैंड हैंडलर डिवाइस और स्कैनर को चकमा देकर शराब की बड़ी खेप धंधेबाजों के ठिकाने तक पहुंच जा रही है।

    इस पर उत्पाद विभाग की टीम डाग स्क्वाड के सहारे लगातार शराब की बड़ी खेप पकड़ रही है। बता दें कि उत्पाद विभाग को ड्रोन, हैंड हैंडलर डिवाइस व डाग स्क्वॉड टीम दी गई है, लेकिन धंधेबाज इस पैटर्न से बचने के लिए नए-नए प्रयोग कर रहे हैं।

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    मिली जानकारी के मुताबिक, डिवाइस में एक रेंज के बाद स्कैन करने की क्षमता नहीं होती है। ऐसे में डिवाइस के रेंज तक खाद्य सामग्री व अन्य प्रोडक्टस को रखकर उसके भीतर तहखाना बनाकर शराब की खेप लाई जा रही है।

    विभाग के अधिकारियों की मानें तो, हैंड हैंडलर डिवाइस की स्कैनिंग क्षमता करीब ढाई से तीन फीट होती है। ऐसे में धंधेबाज उस दूरी तक सामान खकर उसके भीतर शराब की खेप को छिपा देते हैं।

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