'भूखा हूं... अधनंगा हूं...' MLC वंशीधर ब्रजवासी का अनोखा विरोध, भिखारी बन हाथ में कटोरा-थाली लेकर विधान परिषद पहुंचे
विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी ने वित्तरहित शिक्षकों की बदहाली उजागर करने के लिए विधान परिषद में भिखारी का वेश धारण कर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। ...और पढ़ें
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HighLights
MLC वंशीधर ब्रजवासी ने भिखारी बनकर विरोध प्रदर्शन किया।
यह प्रदर्शन वित्तरहित शिक्षकों की आर्थिक बदहाली के लिए था।
सरकार से स्थायी समाधान और नियमित वेतन की मांग की।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। 'सरकार का मारा हूं... वक्त से हारा हूं... भूखा हूं... अधनंगा हूं... किसी तरह से जिंदा हूं...।' विधान पार्षद वंशीधर ब्रजवासी भिखारी के वेश में, एक हाथ में कटोरा और दूसरे हाथ में थाली लेकर परिसर में घूमते रहे।
एक अन्य पोस्टर में वित्तरहित शिक्षक की स्थिति का उल्लेख करते हुए लिखा गया था कि उनका पेशा राष्ट्र निर्माण करना है, समाज में शिक्षक का दर्जा सर्वोच्च माना जाता है, कई शिक्षक पीएचडी जैसी उच्च योग्यता रखते हैं और राज्य के सकल नामांकन अनुपात में 60 प्रतिशत से अधिक योगदान देते हैं, लेकिन उनकी आजीविका का साधन केवल सरकारी अनुदान बनकर रह गया है।

विधान पार्षद ने कहा कि यह प्रदर्शन किसी व्यक्ति विशेष के खिलाफ नहीं, बल्कि वर्षों से उपेक्षित वित्तरहित कर्मियों की पीड़ा को सरकार और समाज के सामने रखने का प्रयास है। उन्होंने आरोप लगाया कि करीब 10 माह पहले सरकार ने इस मुद्दे पर निर्णय के लिए नौ सदस्यीय समिति गठित की थी।
तत्कालीन शिक्षा मंत्री ने एक सप्ताह में बैठक कर निर्णय का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। उन्होंने कहा कि वित्तरहित कर्मी आर्थिक संकट से जूझ रहे हैं और सरकार उनकी समस्याओं के प्रति संवेदनशील नहीं है।
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विधानपार्षद ने राष्ट्रकवि रामधारी सिंह 'दिनकर' की कविता का उल्लेख करते हुए कहा कि समय पर सहायता नहीं मिलने से उसका महत्व समाप्त हो जाता है। उन्होंने मुख्यमंत्री से वित्तरहित शिक्षकों एवं कर्मियों के लिए स्थायी समाधान और नियमित वेतन व्यवस्था लागू करने की मांग की।