यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Sep 10, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Bihar Weather Update: दिनभर रिमझिम बारिश से लुढ़का तापमान, अगले पांच दिनों तक कैसा रहेगा मौसम का मिजाज
Bihar Weather Update सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिन में धूप निकली मगर प्रभावकारी नहीं दिखी। मौसमीय वेधशाला पूसा के आक ...और पढ़ें

HighLights
- रुक-रुक कर होती रही बारिश, धूप की मिटी तपिश
- 15 तक अरहर की बोआई को संपन्न करें किसान, विज्ञानियों ने दिए सुझाव
मुजफ्फरपुर, जागरण संवाददाता। सुबह से आसमान में बादल छाए रहे। रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिन में धूप निकली, मगर प्रभावकारी नहीं दिखी। इस बीच जलवायु परिवर्तन पर उच्च अध्ययन केंद्र डॉ राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय पूसा के अनुसार अधिकतम तापमान 30.6 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा।
यह सामान्य से 1.7 डिग्री ज्यादा रहा। न्यूनतम तापमान 24.5 डिग्री सेल्सियस पर पहुंचा। यह सामान्य से 0.7 डिग्री सेल्सियस कम रहा। सापेक्ष आर्द्रता सबह सात बजे 96 प्रतिशत पर पहुंची। दोपहर दो बजे 88 प्रतिशत रही। पूरवा हवा 7.9 किलोमीटर प्रति घंटे की गति से चली। पिछले 24 घंटे में 12.4 मिलीमीटर बारिश हुई।
पिछले तीन दिन तक यह रही स्थिति
मौसमीय वेधशाला पूसा के आकलन के अनुसार पिछले तीन दिनों का औसत अधिकतम एवं न्यूनतम तापमान क्रमश: 33.5 एवं 24.2 डिग्री सेल्सियस रहा। औसत सापेक्ष आर्द्रता 93 प्रतिशत सुबह में एवं दोपहर में 74 प्रतिशत, हवा की औसत गति 0.3 किमी प्रति घंटा रही।
अगले पांच दिन तक मानसून रहेगी सक्रिय
वरीय मौसम विज्ञानी डॉ.ए सत्तार ने बताया कि अगले पांच दिन के पूर्वानुमान की अवधि में उत्तर बिहार के जिलो में हल्के से मध्यम बादल छाये रह सकते हैं। तराई तथा मैदानी भागों के के जिलों के कुछ स्थानों पर मध्यम वर्षा होने की संभावना है। उसके बाद वर्षा की सक्रियता में कमी आएगी।
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इस अवधि में अधिकतम तापमान 32 से 34 डिग्री सेल्सियस एवं न्यूनतम तापमान 24-26 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। सापेक्ष आर्द्रता सुबह में 75 से 85 प्रतिशत तथा दोपहर में 55 से 65 प्रतिशत रहेगी। पूर्वानुमानित अवधि में मुख्य रूप से पुरवा हवा औसतन 10-15 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से चलेगी।
ऊंची जमीन में करें अरहर की बोआई
मौसम विज्ञानी डॉ.गुलाब सिंह ने किसानों को सुझाव दिया कि 15 सितम्बर तक अरहर की बोआई उचास जमीन में संपन्न कर ले। इसके लिए पूसा-9 एवं शरद प्रभेद अनुशंसित है। बोआई के समय प्रति हेक्टेयर 20 किलोग्राम नेत्रजन 45 किलोग्राम स्फुर 20 किलोग्राम पोटाश तथा 20 किलोग्राम सल्फर का व्यवहार करें।
बोआई के 24 घंटे पूर्व 2.5 ग्राम थीरम दवा से प्रति किलोग्राम बीज की दर से उपचार करें। जून-जुलाई में बोयी गई अरहर की फसल में कीट व्याधि का निरीक्षण करते रहें।