Trending

    विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

    चैत्र नवरात्रि 2026: 9 दिनों में मां दुर्गा के इन नौ स्वरूपों की होगी पूजा, देखें तिथि व महत्व

    By Sr. Ajit Kumar Edited By: Ajit kumar
    Updated: Sun, 15 Mar 2026 02:34 PM (IST)

    Chaitra Navratri Dates: चैत्र नवरात्रि 2026 का पर्व 19 मार्च से 27 मार्च तक मनाया जाएगा। इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों की पूज ...और पढ़ें

    यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।

    यह तस्वीर एआई की मदद से तैयार की गई है।

    timer icon

    समय कम है?

    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

    संक्षेप में पढ़ें

    डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। चैत्र नवरात्रि 2026 (Chaitra Navratri 2026) का पर्व 19 मार्च से शुरू होकर 27 मार्च तक मनाया जाएगा। इस दौरान नौ दिनों तक मां दुर्गा के नौ अलग-अलग स्वरूपों (Navdurga Forms) की पूजा-अर्चना की जाती है। श्रद्धालु तिथि के अनुसार मां के प्रत्येक स्वरूप की आराधना करते हैं और उनसे सुख, शांति व समृद्धि की कामना करते हैं।

    ज्योतिषाचार्य पं. अभिषेक चतुर्वेदी कहते हैं नवरात्रि के हर दिन मां दुर्गा के एक विशेष रूप की पूजा (Durga Puja Rituals) की जाती है, जिसे नवदुर्गा कहा जाता है।

    Pandit Abhishek chaturvedi 1

    चैत्र नवरात्रि 2026 में मां दुर्गा के नौ स्वरूप

    प्रतिपदा – 19 मार्च: मां शैलपुत्री: यह पर्वतराज हिमालय की पुत्री मानी जाती हैं और स्थिरता व दृढ़ संकल्प का प्रतीक हैं।

    द्वितीया – 20 मार्च: मां ब्रह्मचारिणी: इनकी पूजा से संयम, तप, त्याग और वैराग्य की भावना बढ़ती है।

    तृतीया – 21 मार्च: मां चंद्रघंटा: मस्तक पर घंटे के आकार का चंद्रमा धारण करने वाली मां चंद्रघंटा साहस और वीरता का प्रतीक हैं।

    चतुर्थी – 22 मार्च: मां कूष्मांडा: माना जाता है कि मां कूष्मांडा ने अपनी मंद मुस्कान से ब्रह्मांड की रचना की थी।

    पंचमी – 23 मार्च: मां स्कंदमाता: ये भगवान कार्तिकेय की माता हैं और इनकी पूजा से सुख-शांति तथा मोक्ष का मार्ग प्रशस्त होता है।

    षष्ठी – 24 मार्च: मां कात्यायनी : महर्षि कात्यायन की पुत्री मां कात्यायनी की आराधना से धर्म, अर्थ, काम और मोक्ष की प्राप्ति होती है।

    सप्तमी – 25 मार्च: मां कालरात्रि : मां कालरात्रि का स्वरूप भले ही उग्र माना जाता है, लेकिन वे भक्तों को सदैव शुभ फल प्रदान करती हैं और बुरी शक्तियों का नाश करती हैं।

    अष्टमी – 26 मार्च: मां महागौरी : मां महागौरी पवित्रता और शांति का प्रतीक हैं। उनकी पूजा से भक्तों के पाप दूर होते हैं और जीवन में सुख-समृद्धि आती है।

    नवमी – 27 मार्च: मां सिद्धिदात्री : नवरात्रि के अंतिम दिन मां सिद्धिदात्री की पूजा होती है। वे भक्तों को सिद्धियां और सफलता प्रदान करती हैं। इसी दिन राम नवमी का पर्व भी मनाया जाता है।

    नवरात्रि के दौरान श्रद्धालु व्रत रखकर और पूजा-अर्चना कर मां दुर्गा के इन नौ स्वरूपों की आराधना करते हैं। मान्यता है कि सच्चे मन से मां की उपासना करने से जीवन के कष्ट दूर होते हैं और सुख-समृद्धि की प्राप्ति होती है।