CHANDRA GRAHAN 2026: आज लग रहा चंद्र ग्रहण, किसको फायदा, किसको नुकसान...जानें सूतक काल और सावधानियां
Lunar Eclipse on Holi 2026: यह 'ग्रस्तोदित खंडग्रास' ग्रहण भारत में दृश्य होगा, इसलिए सूतक काल प्रभावी रहेगा। ग्रहण सिंह राशि में होने से सभी 12 राशिय ...और पढ़ें

सभी तस्वीरें एआई टूल चैट जीपीटी की मदद से तैयार की गई हैं।

समय कम है?
जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में
डिजिटल डेस्क, मुजफ्फरपुर। Chandra Grahan India Time: वर्ष 2026 का पहला चंद्र ग्रहण आज यानी 3 मार्च, मंगलवार (Chandra Grahan Date and Time)को फाल्गुन शुक्ल पक्ष की पूर्णिमा पर लग रहा है। धार्मिक और ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण विशेष महत्व रखता है।
यह ‘ग्रस्तोदित खंडग्रास चंद्र ग्रहण’ होगा, यानी चंद्रमा के उदय के समय ही ग्रहण की अवस्था दिखाई देगी। चूंकि यह भारत में दृश्य रहेगा, इसलिए सूतक काल और उससे जुड़े नियम प्रभावी माने जाएंगे। ज्योतिषाचार्य पं. अभिषेक चतुर्वेदी के अनुसार यह ग्रहण सिंह राशि और पूर्वा फाल्गुनी नक्षत्र में घटित होगा, जिससे सभी 12 राशियों पर इसका प्रभाव पड़ेगा (Lunar Eclipse 2026 Astrology)।
किन-किन क्षेत्रों में दिखेगा ग्रहण? (Lunar Eclipse Visibility Map)
यह चंद्र ग्रहण एशिया के अधिकांश देशों, विशेषकर भारत सहित पूर्वी और मध्य एशिया में दिखाई देगा। ऑस्ट्रेलिया और ओशिनिया में इसका दृश्य सबसे स्पष्ट रहेगा। इसके अलावा उत्तर व मध्य अमेरिका, दक्षिण अमेरिका के पश्चिमी हिस्से और प्रशांत महासागर क्षेत्र में भी यह पूर्ण रूप से देखा जा सकेगा। हालांकि अफ्रीका और यूरोप के अधिकांश हिस्सों में यह ग्रहण दिखाई नहीं देगा।
भारत में ग्रहण का समय (Lunar Eclipse 2026 India Time)
भारत में यह ग्रहण चंद्रोदय के समय दिखाई देगा और अधिकांश स्थानों पर अंतिम चरण स्पष्ट रहेगा।
- उपछाया ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 02:14 बजे
- आंशिक ग्रहण प्रारंभ: दोपहर 03:20 बजे
- पूर्ण चंद्र ग्रहण (टोटैलिटी): शाम 04:34 से 05:32 बजे तक
- आंशिक ग्रहण समाप्ति: शाम 06:45 बजे
- उपछाया समाप्ति: शाम 07:53 बजे
पूर्वोत्तर भारत, खासकर असम और अरुणाचल प्रदेश में पूर्णता की झलक मिल सकती है। दिल्ली, मुंबई और कोलकाता जैसे शहरों में चंद्रमा के उदय के समय आंशिक ग्रहण लगभग 20 से 25 मिनट तक दिखाई देगा।
खबरें और भी
सूतक काल कब से प्रभावी? (Sutak Kaal Timing 2026)
धार्मिक मान्यता के अनुसार चंद्र ग्रहण का सूतक ग्रहण प्रारंभ से नौ घंटे पहले लग जाता है।
- सूतक प्रारंभ: 3 मार्च 2026, सुबह 06:20 बजे
- सूतक समाप्ति: शाम 06:45 बजे (ग्रहण मोक्ष के साथ)
चूंकि ग्रहण भारत में दृश्य है, इसलिए यहां सूतक के नियम मान्य रहेंगे।
ग्रहण के दौरान क्या करें, क्या न करें? (Lunar Eclipse 2026 Dos and Don'ts)
क्या न करें
- सूतक लगने के बाद भोजन से परहेज करें (बच्चों, बुजुर्गों व रोगियों को छूट)
- सुई, कैंची, चाकू जैसी नुकीली वस्तुओं का उपयोग न करें
- कोई नया या शुभ कार्य प्रारंभ न करें
- मंदिर के पट बंद रखें और मूर्तियों का स्पर्श न करें
- ग्रहण काल में सोने से बचें
- यात्रा और दांपत्य संबंध से भी परहेज करें
क्या करें
- ‘ॐ नमः शिवाय’ या महामृत्युंजय मंत्र का जाप करें
- खाने-पीने की वस्तुओं में पहले से तुलसी पत्ता या कुशा डाल दें
- रामायण, गीता या हनुमान चालीसा का पाठ करें
- ग्रहण के स्पर्श से पहले और बाद में स्नान करें
ग्रहण के बाद क्या करें?
- ग्रहण समाप्ति के तुरंत बाद स्नान करें
- घर और मंदिर में गंगाजल का छिड़काव करें
- मूर्तियों का शुद्धिकरण करें
- अपनी क्षमता अनुसार अन्न, वस्त्र या धन का दान करें
- ताजा भोजन बनाकर ही ग्रहण करें
राशियों पर क्या होगा असर? (Impact of Lunar Eclipse on Zodiac Signs)
ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहण सभी 12 राशियों को प्रभावित करेगा। आइए जानते हैं, किसे लाभ और किसे सावधानी की जरूरत है।
मेष (मध्यम) :शिक्षा और संतान पक्ष को लेकर चिंता संभव। निवेश संबंधी निर्णय फिलहाल टालें।
वृषभ (शुभ): सुख-सुविधाओं में वृद्धि के योग। माता के स्वास्थ्य का ध्यान रखें।
मिथुन (बहुत शुभ): साहस और पराक्रम में वृद्धि। भाई-बहनों से सहयोग मिल सकता है।
कर्क (सामान्य): धन बचत में कठिनाई। गले या दांत से जुड़ी समस्या संभव।
सिंह (सावधानी अनिवार्य): ग्रहण आपकी ही राशि में लग रहा है। मानसिक तनाव, क्रोध और चोट की आशंका। संयम बेहद जरूरी।
कन्या (मध्यम): अनावश्यक खर्च बढ़ सकता है। अनिद्रा या मानसिक अस्थिरता संभव। विवादों से दूर रहें।
तुला (बहुत शुभ): आय के नए स्रोत बन सकते हैं। लंबे समय से अटके कार्य पूरे होने की संभावना।
वृश्चिक (शुभ): करियर में नई जिम्मेदारी मिल सकती है। मान-सम्मान बढ़ेगा।
धनु (सामान्य): भाग्य का साथ अपेक्षाकृत कम। लंबी यात्रा में सतर्कता रखें।
मकर (सावधानी अनिवार्य): अचानक बड़ा खर्च सामने आ सकता है। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी संभव।
कुंभ (सामान्य):वैवाहिक जीवन या साझेदारी में गलतफहमी हो सकती है। धैर्य रखें।
मीन (शुभ):कोर्ट-कचहरी के मामलों में सफलता के संकेत। शत्रुओं पर विजय संभव।
विशेष सावधानियां
- सूतक काल में मूर्ति स्पर्श या पूजा-पाठ से परहेज करें, केवल मानसिक जाप करें।
- सिंह राशि के जातक लाल या सुनहरे वस्त्र पहनने से बचें और ‘ॐ नमः शिवाय’ का अधिक जाप करें।
- गर्भवती महिलाएं नुकीली वस्तुओं से दूर रहें और यथासंभव घर के भीतर रहें।
ज्योतिषाचार्य का मानना है कि ग्रहण का प्रभाव जीवन में उतार-चढ़ाव ला सकता है, लेकिन संयम, सकारात्मक सोच और आध्यात्मिक साधना से इसके दुष्प्रभावों को काफी हद तक संतुलित किया जा सकता है।
यह आस्था और खगोल विज्ञान दोनों का अद्भुत संगम है। जहां एक ओर आकाश में खगोलीय घटना घटित होगी, वहीं दूसरी ओर श्रद्धालु इसे आत्मचिंतन और साधना का अवसर मानेंगे।



