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    मुजफ्फरपुर में दिव्यांग की जलने से मौत, मां ने कहा- संपत्ति के लिए पिता और भाई ने मार डाला

    Updated: Mon, 04 May 2026 02:02 PM (IST)

    सरैया के खैरा गांव में एक दिव्यांग युवक की जलकर मौत हो गई। उसकी मां ने संपत्ति विवाद में पति और छोटे बेटे पर हत्या का आरोप लगाया है, जिसके बाद पुलिस म ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर में दिव्यांग की जलने से मौत, मां ने कहा- संपत्ति के लिए पिता और भाई ने मार डाला

    मुजफ्फरपुर में दिव्यांग की जलने से मौत, मां ने कहा- संपत्ति के लिए पिता और भाई ने मार डाला

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    संवाद सहयोगी, सरैया। जैतपुर थाना क्षेत्र के खैरा गांव में दिव्यांग युवक की जलने से मौत हो गई। युवक की मां ने संपत्ति के लिए अपने पति और छोटे पुत्र पर हत्या का आरोप लगाया है।

    उसने कहा कि दोनों ने मिलकर उसे जला कर मार दिया। घटना के बाद से दोनों आरोपित पिता-पुत्र फरार हैं। खैरा गांव निवासी 45 वर्षीय राजेश राय एक पैर से दिव्यांग था।

    ग्रामीणों के मुताबिक, यह घटना तब हुई जब राजेश झोपड़ी में सो रहे थे। आग की लपटे इतनी तेज थी कि देखते ही देखते झोपड़ी पूरी जलकर राख हो गई। ग्रामीण जब तक आग बुझाने की कोशिश करते राजेश पूरी तरह से जल चुके थे। मौके पर ही उसकी मौत हो गई।

    हाथ-पैर बांधकर जलाने का आरोप:

    घटना की सूचना पर जैतपुर पुलिस मौके पर पहुंची। इस बीच मृतक की मां, बहनोई और अन्य ग्रामीणों ने परिवार के लोगों पर ही हत्या का आरोप लगाया।

    मृतक की मां तेतरी देवी ने बताया कि संपत्ति हड़पने की नीयत से उसके पति, छोटे बेटे मिथिलेश राय और उसकी पत्नी रानी ने मिलकर राजेश को जलाकर मार डाला है।

    उसने कहा कि राजेश को हाथ-पैर बांधकर जलाया गया। उसके मुताबिक दो बीघा जमीन समेत अन्य संपत्ति है, जिससे सभी आरोपित राजेश को बेदखल करना चाहते थे।

    संपत्ति के विवाद में दो दिन पहले भी आई थी पुलिस:

    बताया जा रहा है कि राजेश के पिता राजकुमार राय की पांच संतान हैं। तीन बेटे और दो बेटियों में राजेश सबसे बड़े थे। दिव्यांग होने के कारण उनकी शादी नहीं हुई थी। वह अपनी बूढ़ी मां के साथ रहते थे। दुकान चलाकर अपना व अपनी मां का भरण-पोषण करते थे।

    संपत्ति को लेकर राजेश का पिता राजकुमार राय और छोटे भाई से अक्सर विवाद होता रहता था। विवाद इतना बढ़ गया था कि घटना से दो दिन पहले भी पुलिस मौके पर सुलह-समझौते के लिए पहुंची थी और सभी को समझाया गया था।

    छिन गया मां का सहारा:

    इस पूरी घटना का सबसे दर्दनाक पहलू मृतक की मां की बेबसी है। उसका सहारा छीन लिया गया। अपने बेटे की जलती चिता की खबर सुनकर वह सुध-बुध खो बैठी है और उसकी चीत्कार से पूरे गांव का माहौल गमगीन हो गया है।

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    ग्रामीणों का कहना है कि हैवानों ने बेटे की जान नहीं ली, बल्कि एक मां को भी जीते-जी मार डाला है। पूरे इलाके में इस घटना को लेकर भारी आक्रोश और तनाव है।

    ग्रामीणों के मुताबिक, मृतक राजेश की मां तेतरी देवी अपने बड़े बेटे के साथ ही रहती थी। दिव्यांग होने के बावजूद राजेश मां की देखभाल में कोई कसर नहीं छोड़ते थे।जैतपुर थाना प्रभारी रंजनी कांत पटेल ने बताया कि आग लगने की सूचना पर पुलिस टीम रात में ही मौके पर पहुंची थी। राजेश का जला हुआ शव बरामद कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। स्वजन की ओर से लगाए गए आरोपों सहित सभी बिंदुओं पर गहनता से जांच की जा रही है।