कुढ़नी में गरीब किसान के साथ 'जमीन के खेल' में बड़ी धोखाधड़ी, आवासीय की जगह बांसवाड़ी लिख दी
कुढ़नी में एक गरीब किसान को आवासीय जमीन के बजाय बांसवाड़ी भूमि रजिस्ट्री कर दी गई, जिससे उसके सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है। ...और पढ़ें

एआई जेनरेटेड
HighLights
किसान को आवासीय की जगह बांसवाड़ी भूमि रजिस्ट्री की गई।
सर्वे के दौरान धोखाधड़ी का खुलासा, आवास संकट गहराया।
प्रशासन ने जागरूकता और दोषियों पर कार्रवाई के निर्देश दिए।
संवाद सूत्र, कमलपुरा (कुढ़नी)। थाना क्षेत्र के हरपुर बलड़ा पंचायत अंतर्गत करमचंद बलरा टोले कमलपुरा में एक गरीब किसान के साथ जमीन रजिस्ट्री में धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, किसान आवासीय जमीन खरीदकर घर बनाने के उद्देश्य से रजिस्ट्री कराने गया था, लेकिन उसे खेसरा संख्या 96 के बजाय 97 की जमीन रजिस्ट्री कर दी गई, जो कि बांसवाड़ी (गैर-आवासीय) भूमि निकली।
मामले का खुलासा उस समय हुआ जब सर्वे अधिकारी जमीन का सर्वे करने उक्त जमीन पर पहुंचे। जांच में रजिस्ट्री दस्तावेज में खेसरा 97 दर्ज पाया गया, जबकि किसान को आवासीय भूमि का भरोसा दिलाया गया था। पीड़ित किसान रामदेव सहनी ने बताया कि उसने आवासीय जमीन के हिसाब से पूरी कीमत अदा की और पिछले दो वर्षों से उस पर घर बनाकर रह रहा है।
जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा
अब स्थिति यह है कि अन्य पट्टीदारों द्वारा उसे उक्त जमीन खाली करने का दबाव बनाया जा रहा है और रजिस्ट्री की गई जमीन पर जाने को कहा जा रहा है। इस घटना से पीड़ित परिवार के सामने आवास का संकट खड़ा हो गया है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि ग्रामीण क्षेत्रों में इस तरह की धोखाधड़ी के मामले बढ़ रहे हैं, जहां जानकारी के अभाव में गरीब किसान आसानी से ठगी का शिकार हो जाते हैं। प्रशासन ने दियें बचाव के उपाय व सामाजिक पहल से उक्त मामले को निपटाने का निर्देश।
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अभियान चलाकर लोगों को भूमि संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी
स्थानीय प्रबुद्धजनों का कहना है कि जमीन खरीदते समय खेसरा,खाता और प्लॉट की पूरी जानकारी राजस्व विभाग से सत्यापित कर लेनी चाहिए। रजिस्ट्री से पहले जमीन का भौतिक सत्यापन और सीमांकन कराना जरूरी है। साथ ही, दस्तावेजों की जांच के लिए वकील या जानकार व्यक्ति की मदद लेना भी आवश्यक है।
ग्रामीण स्तर पर जागरूकता अभियान चलाकर लोगों को भूमि संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी दी जानी चाहिए। पंचायत प्रतिनिधियों और प्रशासन को ऐसे मामलों में सख्ती से कार्रवाई कर दोषियों पर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित करनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाओं पर रोक लग सके।