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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Feb 10, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    MIT Muzaffarpur: एमआईटी में बिल्डिंग और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन की पढ़ाई शुरू, बढ़ेंगे नौकरी के अवसर

    Updated: Mon, 10 Feb 2025 04:20 PM (IST)

    एमआईटी (मुजफ्फरपुर इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी) ने सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोग्राम (सीओई) के तहत बिल्डिंग ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन में दो नए कोर्स शु ...और पढ़ें

    एमआईटी में शुरू हुए बिल्डिंग ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन कोर्स (सांकेतिक तस्वीर)
    एमआईटी में शुरू हुए बिल्डिंग ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन कोर्स (सांकेतिक तस्वीर)

    HighLights

    1. सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोग्राम में एमआईटी में शुरू हुए दो कोर्स
    2. दोनों ही कोर्स में 30-30 सीटों का किया गया निर्धारण
    3. ये कोर्स पूरे बिहार में केवल एमआईटी में ही संचालित हो रहे

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। एमआईटी (मुजफ्फरपुर इंस्टीट्युट ऑफ टेक्नोलॉजी) में सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोग्राम (सीओई) के तहत दो नए कोर्स का संचालन शुरू हो गया है। प्रोग्राम के तहत संस्थान में बिल्डिंग ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन से जुड़ा कोर्स शुरू हुआ है। इसकी शुरुआत 29 जनवरी से संस्थान में हो चुकी है। दोनों ही कोर्स में 30-30 सीटें निर्धारित हैं।

    बिल्डिंग ऑटोमेशन की कक्षाएं अभी दोपहर तीन बजे से सात बजे तक चलाई जा रही है। बिहार स्किल डेवलपमेंट मिशन के तहत एक कार्यक्रम का संचालन किया जा रहा है। इसमें दो कोर्स बिल्डिंग ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन हैं। दोनों ही कोर्स के संचालन की अनुमति विज्ञान, प्रावैधिकी और तकनीकी शिक्षा विभाग से दी गई है।

    ये कोर्स पूरे बिहार में केवल एमआईटी में ही संचालित हो रहे हैं। नेशनल स्किल डेवलपमेंट मिशन के माध्यम से कोर्स का सर्टिफिकेट प्रदान किया जाता है। दोनों कोर्स 570 घंटों के हैं। करीब छह महीने से अधिक के लिए इसका संचालन किया जाना है।

    बायोमेट्रिक से बनेगी हाजिरी

    • कोर्स के दौरान विद्यार्थियों का 80 प्रतिशत उपस्थिति होना अनिवार्य है तभी उन्हें सर्टिफिकेट मिलेगा। वहीं, हाजिरी भी बायोमेट्रिक से बन रही है। उनका आधार लिंक्ड है और रेटिना से उपस्थिति बनाई जा रही है।
    • संस्थान में अध्ययनरत इलेक्ट्रॉनिक्स, बीएमआर और मैकेनिकल के विद्यार्थी अभी कोर्स में नामंकित हैं। आने वाले दिनों में इसमें डिप्लोमा उत्तीर्ण विद्यार्थियों को भी जोड़ा जा सकता है।
    • डीएसटीटीई की ओर से जारी निर्देश के तहत अभी यह कोर्स केवल कालेज के छात्रों के लिए संचालित होगा।बीटेक सेकंड ईयर के विद्यार्थी प्रशिक्षण हासिल कर रहे हैं।

    बड़ी कंपनियों में बढ़ेंगे नौकरी के अवसर

    बीटेक के साथ ही बिल्डिंग ऑटोमेशन और इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन का प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को कई बड़ी-बड़ी कंपनियों में नौकरी के अवसर उपलब्ध होते हैं। बिल्डिंग आटोमेशन में सीसीटीवी इंस्टाल करने, इसके एक्सेस प्वाइंट, कैसे स्टोर किया जाता है से लेकर अन्य तकनीकों का प्रशिक्षण दिया जाता है।

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    ठीक इसी तरह फायर अलार्म सिस्टम कैसे काम करता है, इसका अलग - अलग प्वाइंट लगाना आदि का प्रशिक्षण मिलता है। किसी भी प्रोजेक्ट पर टीम वर्क में काम करने के लिए स्किल्स को कैसे बेहतर किया जाए इसका भी एक मॉड्यूल कोर्स में है।

    सेंटर ऑफ एक्सीलेंस प्रोग्राम के तहत एमआईटी में इंडस्ट्रियल ऑटोमेशन और बिल्डिंग ऑटोमेशन की शुरुआत की गई है। इससे छात्र बीटेक की पढ़ाई के साथ-साथ अपना स्किल डेवलपमेंट भी कर पाएंगे। कैंपस प्लेसमेंट में ऐसे विद्यार्थियों को अतिरिक्त मौके मिलेंगे। नए ट्रेंड के अनुसार अब कंपनियां ऐसे विद्यार्थियों को प्राथमिकता देती है। कोर्स से विद्यार्थियों को बेहतर रोजगार के अवसर प्राप्त होंगे। - डॉ. एमके झा, एमआईटी, प्राचार्य।

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