मुजफ्फरपुर में जलबोझी के दौरान नदी में डूबे दो युवक, आथर घाट पर हुआ हादसा
Muzaffarpur Athar Ghat: मुजफ्फरपुर के मुशहरी थाना क्षेत्र के आथर घाट पर जलबोझी के दौरान दो युवकों की नदी में ...और पढ़ें

जलबोझी के दौरान एक युवक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। फोटो : जागरण

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इमरान अहमद, मुशहरी (मुजफ्फरपुर)। River Drowning Incident: जिले के मुशहरी थाना क्षेत्र स्थित आथर घाट पर सोमवार की सुबह जलबोझी के दौरान नदी में डूबने से दो युवकों की मौत हो गई।
दोनों अंतिम सावन की सोमवारी पर जलबोझी के लिए आथर घाट से पवित्र गंगाजल लेने पहुंचे थे। ग्रामीणों के अनुसार, जलबोझी के दौरान एक युवक का पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया।
बचाने में दूसरा युवक भी डूबा
उसे डूबता देख वहां मौजूद दूसरा युवक बचाने के लिए नदी में आगे बढ़ा, लेकिन तेज धारा में दोनों बह गए। देखते ही देखते दोनों काफी दूर निकल गए।
घटना की सूचना मिलने पर मुशहरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों, मछुआरों व गोताखोरों की मदद से दोनों की तलाश शुरू कराई।

तलाश अभियान के दौरान एक युवक को अधमरी हालत में नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस उसे मुशहरी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंची, जहां चिकित्सकों ने मृत घोषित कर दिया। युवक की सांस चलती देख पुलिस उसे एसकेएमसीएच लेकर गई, लेकिन वहां डॉक्टरों ने भी उसकी मौत की पुष्टि कर दी।
दूसरे युवक का शव बरामद
कुछ देर बाद गोताखोरों ने दूसरे युवक का शव भी नदी से बरामद कर लिया। मृतकों की पहचान मनियारी थाना क्षेत्र के मनियारी भगवानपुर टोला निवासी राम स्वरूप के 17 वर्षीय पुत्र कृष्णा कुमार और राकेश चौधरी के 14 वर्षीय पुत्र नीतीश कुमार के रूप में हुई है। दोनों बाबा दूधनाथ धाम मंदिर में जलाभिषेक के लिए आथर घाट से पवित्र गंगाजल लेने गए थे।
देवव्रत कुमार सहनी ने प्रशासन पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि हर वर्ष बड़ी संख्या में कांवरिया और श्रद्धालु आथर घाट से जलबोझी करते हैं, लेकिन प्रशासन की ओर से सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जाते हैं। उनका कहना है कि घाट पर सुरक्षा और निगरानी की व्यवस्था होती तो हादसा रोका जा सकता था।
पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग
थानाध्यक्ष सुबोध कुमार मेहता ने बताया कि सूचना मिलने के बाद पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचा। मछुआरों और गोताखोरों के सहयोग से दोनों युवकों की तलाश की गई। एक युवक को अधमरी हालत में और दूसरे का शव बरामद किया गया।
सामाजिक कार्यकर्ता विकास पाठक ने डीएम, एसएसपी और अनुमंडल पदाधिकारी को आवेदन देकर युवकों की डूबने से हुई मौत को प्रशासनिक लापरवाही बताते हुए जिम्मेदार पदाधिकारी पर कार्रवाई की मांग की है।
उनका कहना है कि घटना से पहले कई बार घाट पर बैरिकेडिंग और एसडीआरएफ टीम की तैनाती की मांग की गई थी, लेकिन इस पर कोई संज्ञान नहीं लिया गया।
विकास पाठक के अनुसार, अगर घाट पर बैरिकेडिंग और एसडीआरएफ की टीम तैनात होती तो दोनों युवकों की जान बचाई जा सकती थी।
