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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jan 02, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Cyber Crime: ठगों के निशाने पर बेरोजगार, वर्क फ्रॉम होम के नाम पर धोखाधड़ी; खाते से 29 लाख से ज्यादा पार

    Updated: Thu, 02 Jan 2025 04:04 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर में साइबर अपराधियों ने वर्क फ्राम होम का झांसा देकर युवक से 13.45 लाख व युवती से 15.92 लाख रुपये की ऑनलाइन ठगी की। वाट्सएप नंबर पर छोटे-छोट ...और पढ़ें

    वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बेरोजगारों से ठगी
    वर्क फ्रॉम होम के नाम पर बेरोजगारों से ठगी

    HighLights

    1. कमाई का झांसा देकर बेरोजगार युवक-युवती से ठगी
    2. टास्क पूरा करने पर कमाई का झांसा देकर बनाया शिकार
    3. दोनों ने साइबर थाने में अलग-अलग दर्ज कराई प्राथमिकी

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर: साइबर अपराधियों के गिरोह ने वर्क फ्रॉम होम से कमाई का झांसा देकर पारू थाना के भगवानपुर सिमरा गांव निवासी सुनील कुमार से 13 लाख 45 हजार 540 रुपये व अहियापुर के अचायी ग्राम की लावण्या से 15 लाख 92 हजार 727 रुपये की ऑनलाइन ठगी कर ली।

    इस संबंध में दोनों पीड़ितों ने साइबर थाने में अलग-अलग प्राथमिकी कराई है। साइबर थाना पुलिस दोनों मामले की जांच कर रही है। अब तक आरोपियों के बारे में कोई भी जानकारी सामने नहीं आई है। 

    टेलीग्राम ग्रुप पर जोड़कर ठगी

    • सुनील कुमार ने अपनी प्राथमिकी में बताया कि उनके वाट्सएप नंबर पर छोटे-छोटे टास्क पूरा करने पर कमाई करने का मैसेज आया।
    • उन्होंने इसमें अपनी सहमति जताई। उसे एक टास्क दिया गया, टास्क पूरा होने के बाद उसे एक टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा गया।
    • इस ग्रुप में चार लोग शामिल थे। इस ग्रुप में शामिल लोगों की सलाह पर उसने टास्क पूरा किया तो उसके अकाउंट में पहली बार 150 रुपये भेजे गए।
    • इसके बाद ऑनलाइन पांच हजार रुपये भेजने को कहा गया। यह रुपये भेजने के बाद ज्यादा रुपये की मांग की। झांसे में आकर रुपये भेजने लगा।
    • जब भी रुपये भेजने से मना करता तो ग्रुप में शामिल लोग उसे इसके लिए प्रेरित करने लगते। इस क्रम में उसने कुल 13 लाख 45 हजार हजार 540 रुपये भेजे। उसने रुपये वापस मांगे तो इसके लिए भी रुपये जमा कराया गया।

    टेलीग्राम से ठगे 15 लाख से ज्यादा रुपये

    अयाचीग्राम की लावण्या ने अपनी प्राथमिकी में कहा है कि नौ दिसंबर को उसकी टेलीग्राम आइडी पर किसी दिव्या पटेल ने वर्क फ्रॉम होम काम करने के लिए संपर्क किया गया। दूसरी महिला ने उसे टेलीग्राम ग्रुप से जोड़ा। इसमें 37 लोग शामिल थे। इस ग्रुप का एडमिन कोई महेश नाम का व्यक्ति था।

    उसकी एजेंट बनी इशु ने एक साइट पर लिंक कराकर उसे रजिस्टर्ड कराया। इसके बाद उसे बिना किसी राशि के एक हजार से काम करने दिया गया। इसके बाद हर दिन दस हजार रुपये जमा करने के बाद काम करने को कहा गया।

    कमीशन की लालच में आकर उससे कई बार में कुल 15 लाख 92 हजार 927 रुपये जमा कराए गए। बाद में इस राशि की निकासी होने के लिए रुपये जमा करने को कहा गया। ठगी की आशंका होने पर उसने साइबर क्राइम पोर्टल में इसकी शिकायत दर्ज कराई।

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