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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 13, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Muzaffarpur News: सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर तीन सीओ और सात SHO पर कार्रवाई, DM ने लिया बड़ा एक्शन

    By Edited By: Rajat Mourya
    Updated: Fri, 13 Oct 2023 07:54 PM (GMT+05:30)

    मुजफ्फरपुर के जिला अधिकारी ने सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर तीन अंचलाधिकारी और सात थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की है। डीएम ने कहा कि रिमाइंडर के बावजूद पद ...और पढ़ें

    सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर तीन सीओ और सात SHO पर कार्रवाई, DM ने लिया बड़ा एक्शन
    सुनवाई में अनुपस्थित रहने पर तीन सीओ और सात SHO पर कार्रवाई, DM ने लिया बड़ा एक्शन

    HighLights

    1. जिलाधिकारी ने लापरवाह कार्यशैली पर जताई आपत्ति, सभी से मांगा स्पष्टीकरण
    2. लोक शिकायत के मामले में रिमाइंडर देने के बावजूद नहीं हो रहे थे उपस्थित

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। लोक शिकायत निवारण से संबंधित परिवादों की सुनवाई में लगातार अनुपस्थित होने के कारण तीन अंचलाधिकारी और सात थानाध्यक्षों पर कार्रवाई की गई है। डीएम ने इनकी लापरवाह कार्यशैली पर आपत्ति जताई है। डीएम ने कहा कि सरकारी कार्यों के निष्पादन में इस प्रकार की कार्यशैली यह दर्शाता है कि आपके द्वारा रुचि नहीं ली जा रही है।

    इस पर उन्होंने मुशहरी, बोचहां और बंदरा सीओ के अलावा मीनापुर, बेनीबाद, अहियापुर, सदर, सकरा, पीयर और बरियारपुर ओपी प्रभारियों से स्पष्टीकरण मांगा है। 24 घंटे के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं देने पर कार्रवाई की बात कही है।

    'जब भी संबंधित अधिकारी को उपस्थित रहने के लिए...'

    जिला अधिकारी कहा है कि लोक शिकायत में आमजन से जुड़े हुए मामले की सुनवाई कर निष्पादन किया जाता है। इसके लिए जब भी संबंधित पदाधिकारियों को उपस्थित होने के लिए कहा जाता है तो वे इसे अनसुना कर देते हैं। इस कारण परिवाद का निष्पादन नहीं होता है या फिर इसमें बहुत देरी होती है।

    उन्होंने कहा कि इस पर मुख्यालय से भी लगातार अपडेट लिया जाता है। निष्पादन में देरी होने पर नाराजगी जताई जाती है।

    रिमाइंडर के बावजूद नहीं लिया संज्ञान

    डीएम ने कहा कि उक्त सभी पदाधिकारियों को कई बार रिमाइंडर भेजकर उपस्थित होने का निर्देश दिया गया था। बावजूद किसी ने संज्ञान नहीं लिया। जबकि लोक शिकायत से संबंधित परिवादों की सुनवाई के दौरान उपस्थित होना अनिवार्य है। तभी उनके द्वारा रखे गए पक्ष को आधार पर मानकर फैसला सुनाया जाता है। लेकिन अनुपस्थित रहने के कारण सुनवाई बार-बार टल जाती है।

    उन्होंने स्पष्टीकरण देने के साथ लोक शिकायत से जुड़े मामले को गंभीरता से लेते हुए भविष्य में कार्यशैली में सुधार लाने को कहा है।

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