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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Dec 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    बदल जाएगी मुजफ्फरपुर की सूरत, युवा अब रोजगार के लिए नहीं होंगे परेशान; 788 एकड़ जमीन पर लगेंगे बड़े उद्योग

    Updated: Sun, 15 Dec 2024 04:40 PM (GMT+05:30)

    पारू और सरैया में उद्योग विस्तार की कवायद शुरू हो गई है। इसके लिए पारू में 788 एकड़ 21 डिसमिल भूमि चिह्नित की गई है जिसमें 486 एकड़ 60 डिसमिल चतुरपट्ट ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. मोतीपुर के बाद पारू और सरैया में किया जाएगा उद्योग विस्तार
    2. पारू सीओ ने तीन मौजों में सरकारी भूमि चिह्नित कर दी रिपोर्ट

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। बेला और मोतीपुर के बाद अब पारू और सरैया में उद्योग विस्तार होगा। इसकी कवायद शुरू हो गई है। प्रथम फेज में भूमि चयन, हस्तांतरण और अधिग्रहण की प्रक्रिया होगी। इसके बाद हितबद्ध रैयतों को मुआवजा भुगतान और तृतीय फेज में इंफ्रास्टचर का काम किया जाना है।

    इसके लिए शनिवार को पारू सीओ की ओर से तीन मौजे में 788 एकड़ 21 डिसमिल भूमि चिह्नित करते हुए जिला भू-अर्जन कार्यालय को रिपोर्ट भेजी गई है। इसमें पारू अंचल के चतुरपट्टी में 486 एकड़ 60 डिसमिल, चिउटाहा में 193 एकड़ 99 डिसमिल और भोजपट्टी में 107 एकड़ 62 डिसमिल भूमि चिह्नित की गई है।

    अंचल अमीन से प्रस्तावित खाता, खेसरा वाली भूमि का नजरी नक्शा भी तैयार करवाकर सौंप दिया गया है। उक्त 788 एकड़ 21 डिसमिल में से 28 एकड़ 26 डिसमिल भूमि बिहार सरकार के नाम से दर्ज है। शेष भूमि निजी बताई गई है।

    अब जिला भू-अर्जन कार्यालय की ओर से निजी भूमि के अधिग्रहण पर खर्च होने वाली राशि का अनुमानित प्राक्कलन तैयार किया जाएगा। इसके बाद राशि उपलब्ध कराने का प्रस्ताव उद्योग विभाग को भेजा जाएगा।

    राशि मुहैया होने के बाद निजी भूमि का अधिग्रहण करते हुए हितबद्ध रैयतों को उचित दर पर मुआवजा का भुगतान किया जाएगा। सरैया में भी भूमि उपलब्ध कराने के लिए उद्योग विभाग की ओर से अपर समाहर्ता को पत्र लिखा गया था। इसके आलोक में सरैया सीओ से भूमि चिह्नित कर रिपोर्ट मांगी गई है।

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    विस्तार होने के बाद लगाए जाएंगे विभिन्न उद्योग-धंधे

    विदित हो कि जिले में औद्योगिक क्षेत्र के विस्तार के लिए व्यापक स्तर पर कार्य किया जा रहा है। मोतीपुर और बेला में पहले से उद्योग विभाग की योजनाएं संचालित हैं। इनमें बैग और लेदर क्लस्टर प्रमुख हैं। इसके अलावा कई अन्य प्रकार के उद्योग धंधे औद्योगिक क्षेत्र में संचालित किए जा रहे हैं।

    इसी प्रकार सरैया और पारू में उद्योग क्षेत्र का विस्तार किया जाएगा। विभाग की मानें तो आने वाले पांच वर्षों में पारू और सरैया में औद्योगिक क्षेत्र विकसित कर लिया जाएगा।

    उद्योग महाप्रबंधक अभिलाषा भारती ने बताया कि विभाग की ओर से प्रस्ताव मांगा गया है। इसी के आलोक में भूमि चिह्नित करने की तैयारी चल रही है। फेजवार उद्योग क्षेत्र का विस्तार किया जाना है।

    इंफ्रास्टक्चर का काम पूरा होने के बाद आएंगी कंपनियां

    • बताया जा रहा है कि सरैया और पारू में इंफ्रास्टक्चर का काम पूरा होने के बाद देश की विभिन्न कंपनियों के प्रतिनिधियों को बुलाया जाएगा।
    • इसके बाद कौन-कौन से उद्योग-धंधे वहां पर संचालित किए जाएंगे, इसपर निर्णय लिया जाएगा।
    • जहां भी औद्योगिक क्षेत्र विकसित होगा, वहां पर जीविका कैंटीन अनिवार्य रूप से खोली जाएगी, ताकि कर्मी और अधिकारियों को खानपान की दिक्कत नहीं हो।

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