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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 18, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    Bihar: तेज रफ्तार मौर्य एक्‍सप्रेस से कूद रही थी 6 साल की बच्‍ची, देवदूत बन या‍त्री ने बचाया; ये है पूरा मामला

    By Gopal TiwariEdited By: Prateek Jain
    Updated: Fri, 18 Aug 2023 10:28 PM (IST)

    मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर शुक्रवार की दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक छह साल की बच्ची ने एसी कोच से कूदने का प्रयास करने लगी। ह ...और पढ़ें

    मुजफ्फरपुर जंक्‍शन प्‍लेटफार्म पर चेन पुल होने के बाद पहुंची पुलिस।
    मुजफ्फरपुर जंक्‍शन प्‍लेटफार्म पर चेन पुल होने के बाद पहुंची पुलिस।

    HighLights

    1. यात्री ने चेन पुल कर मौर्य एक्सप्रेस को रोका, मची अफरा-तफरी
    2. मां-बाप की गलती से चली जाती मासूम की जान, आरपीएफ ने लगाई फटकार

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर: मुजफ्फरपुर जंक्शन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर शुक्रवार की दोपहर उस वक्त अफरा-तफरी मच गई जब एक छह साल की बच्ची ने एसी कोच से कूदने का प्रयास करने लगी।

    हल्ला होने पर कोच में बैठे एक यात्री गेट पर आ गए और बच्ची को पकड़कर कूदने से रोक लिया, उसके बाद (चेन पुल) वैक्यूम कर ट्रेन को रोका गया। इससे बच्ची बाल-बाल बच गई।

    क्‍यों पैदा हुई ऐसी स्थिति?

    गहमागहमी देख ट्रेन में चल रहे रेलवे सुरक्षा बल के एस्कॉर्ट भी पहुंचे, तब तक सारा माजरा सामने आ गया, उसके बाद उक्त दंपती को आरपीएफ ने कड़ी फटकार लगाई।

    दरअसल, हुआ यह कि समस्तीपुर जाने के लिए एक परिवार स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या एक पर बैठे थे। इस बीच मौर्य एक्सप्रेस आई। दूसरे यात्री ने उक्त ट्रेन को समस्तीपुर के रास्ते हटिया जाने की जानकारी दी, उसके बाद दंपती एसी कोच में चढ़ने लगे।

    मां-बाप से बिछड़ने का डर...

    उन्‍होंने पहले बच्ची को चढ़ा दिया, फिर सामान रखने लगे। इस बीच ट्रेन चल पड़ी और रफ्तार काफी तेज हो गई। दंपती कोच में चढ़ने के लिए दौड़ने लगे, लेकिन मासूम बच्ची को लगा कि वह पापा-मम्‍मी से बिछड़ जाएगी और कूदने का प्रयास करने लगी।

    इसके बाद स्वजन के साथ यात्रियों ने भी ट्रेन रुकवाने के लिए हो-हल्‍ला कर दिया। इस बीच देवदूत बनकर कोच से एक यात्री गेट पर पहुंचा और बच्ची को पकड़कर उसे कूदने से रोक दिया और इमरजेंसी चेन पुल कर दी, उसके बाद ट्रेन रुकने पर फिर सभी उक्त कोच में सवार होकर समस्तीपुर गए।