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मुजफ्फरपुर में मानसून की सुस्त रफ्तार, सावन में भी गर्मी का अहसास

Updated: Sat, 15 Aug 2026 04:24 PM (IST)

Monsoon Weak In Bihar: मुजफ्फरपुर में कमजोर मानसून के कारण अगस्त में अब तक सामान्य से 23% कम बारिश दर्ज की गई है, जिससे सावन में भी गर्मी महसूस हो रही है। मौसम विभाग ने 15 से 18 अगस्त के बीच हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है।

सुबह आसमान में बादल दिखे, लेकिन इसके साथ तेज धूप भी रही। फाइल फोटो

सुबह आसमान में बादल दिखे, लेकिन इसके साथ तेज धूप भी रही। फाइल फोटो

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Rainfall Deficit: मानसून के कमजोर होने के कारण मुजफ्फरपुर में बारिश की रफ्तार धीमी हो गई है। सुबह से मौसम की तपिश ने सावन में जेठ का एहसास कराया। सुबह आसमान में बादल दिखे, लेकिन इसके साथ तेज धूप भी रही।

पांच दिन के मौसम पूर्वानुमान के अनुसार उत्तर बिहार के कई जिलों में गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है।

15 से 18 अगस्त के बीच एक-दो दिनों में अच्छी वर्षा भी हो सकती है। इस अवधि में अधिकतम तापमान 33 से 37 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 से 29 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने की संभावना है।

जिले में अगस्त माह के दौरान बारिश का रुख कमजोर बना हुआ है। जिला कृषि विभाग के अनुसार एक से 14 अगस्त तक जिले में औसतन 101.43 मिमी वर्षा दर्ज की गई है, जबकि इस अवधि में सामान्य वर्षा 132.19 मिमी मानी जाती है।

इस तरह जिले में अब तक 30.76 मिमी कम वर्षा हुई है, जो सामान्य से 23.27 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। प्रखंडवार आंकड़ों के अनुसार बोचहां में सबसे अधिक 152.00 मिमी वर्षा हुई है। इसके बाद गायघाट में 147.40 मिमी, कांटी में 132.80 मिमी, बंदरा में 128.60 मिमी और सकरा में 110.60 मिमी वर्षा दर्ज की गई।

वहीं, कुढ़नी में मात्र 46.00 मिमी, औराई में 67.80 मिमी, मीनापुर में 79.00 मिमी, पारू में 79.20 मिमी और सरैया में 89.40 मिमी बारिश हुई है।

रिपोर्ट के अनुसार चार और छह अगस्त को जिले में अच्छी बारिश हुई, जबकि कई दिनों तक वर्षा नगण्य रही। 14 अगस्त को भी जिले में 113.80 मिमी सामूहिक वर्षा दर्ज की गई। इसमें बोचहां में 27.20 मिमी, गायघाट में 24.20 मिमी, मोतीपुर में 18.20 मिमी और कांटी में 12.40 मिमी वर्षा हुई।

मई में जिले में सामान्य से अधिक वर्षा हुई थी। इसके बाद जून में सामान्य से 55.58 प्रतिशत कम और जुलाई में 49.52 प्रतिशत कम वर्षा दर्ज की गई। अगस्त में भी बारिश की कमी के कारण मानसून का असर कमजोर बना हुआ है।