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मुजफ्फरपुर में करोड़ों की ठगी के खेल में नया मोड़, जेल में बंद आशुतोष मंगलम की बहन की तलाश तेज

Published: Tue, 22 Sep 2026 03:40 PM (IST)

मशरूम हट बनवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी के मामले में जेल में बंद आशुतोष मंगलम की बहन शिवांगी ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । मशरूम हट बनवाने के नाम पर करोड़ों की ठगी मामले में जेल में बंद आशुतोष मंगलम की बहन शिवांगी की भी तलाश तेज कर दी गई है। पुलिस ने सोमवार को कई जगहों पर छापेमारी की। वह पकड़ में नहीं आई।

पुलिस का कहना है कि मंगलम ने ठगी का जाल मुजफ्फरपुर समेत कई जिलों में फैलाया था। मशरूम उत्पादन व मशरूम हट बनवाने पर आशुतोष मंगलम बहन के साथ मिलकर फर्जी तरीके से कंपनी बना ऋण दिलवाकर धोखाधड़ी करता था।

पुलिस का कहना है कि फिलहाल उसे सरैया थाने में दर्ज मशरूम हट बनवाने के नाम पर झांसा देकर 21 लाख रुपये प्राप्त कर धोखाधड़ी के मामले में जेल भेजा गया है। अन्य मामलों में पुलिस उसे रिमांड पर लेने की कवायद की जा रही है। इसके लिए कोर्ट की प्रक्रिया की जा रही है।

अब तक की जांच में गिरफ्तार आरोपित द्वारा पांच केसों में करीब 2.67 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी की बात सामने आई है। घटना में इन दोनों के अलावा अन्य संलिप्त आरोपितों की गिरफ्तारी के लिए भी छापेमारी की जा रही है।

पुलिस का कहना है कि आशुतोष मंगलम का पूर्व से आपराधिक रिकार्ड रहा है। इसमें मुशहरी व बोचहां थाने में भी पिछले साल केस दर्ज है।

मुफस्सिल (सीतामढ़ी) थाने में इस साल धोखाधड़ी व चेक बाउंस का मामला दर्ज है। इसमें 16 लाख का मामला है। थावे (गोपालगंज) थाने में भी पिछले साल 39 लाख छह हजार 650 रुपये धोखाधड़ी का केस दर्ज है।

उत्पल गांगुली के मीटिंग में शामिल होने पर दीदियां उठा रहीं सवाल

मुजफ्फरपुर : बिना किसी लिखित आदेश के आशुतोष मंगलम की कंपनी के खाते में जीविका दीदियों के ऋण के करोड़ों रुपये बैंक से भेजने का मामला तूल पकड़ता जा रहा है।

इस मामले में जीविका की डीपीएम अनिशा गांगुली ने एसडीओ पूर्वी को रिपोर्ट दी है। इसमें लिखा है कि जिले के वरीय पदाधिकारी के मौखिक आदेश पर जक्ष ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी के खाते में राशि दी गई थी।

वहीं उन्होंने जक्ष ग्रेविटी एग्रो एंड एनर्जी से अपने व पति उत्पल गांगुली का संबंध होने से इन्कार किया है। दीदियों की ओर से एक बैठक की कार्यवाही का रजिस्टर दिखाया जा रहा है। इसमें जक्ष की ओर से उत्पल गांगुली के बैठक में शामिल होने का जिक्र है। इसमें उनका हस्ताक्षर भी दिखाया गया है।

सीबीआइ जांच की उठने लगी मांग 

अब तक कि जांच में आशुतोष मंगलम की पांच कंपनियों की बात सामने आई है। बिहार के कई जिले में कंपनी द्वारा ठगी किए जाने का मामला भी पकड़ में आया है।

यह भी माना जा रहा है कि मंगलम में बड़ों का हाथ था। इसलिए उसे बैंक से लेकर जीविका से मदद मिलती चली गई। दो प्राथमिकी होने के बाद भी उसपर कार्रवाई नहीं हुई।

ऐसे में मामले की जांच बड़ी एजेंसी से कराने की मांग उठने लगी है। मुशहरी के समाजसेवी मुक्तेश्वर सिंह मुकेश ने कहा कि वे मामले की सीबीआइ से जांच की मांग का आग्रह कोर्ट से करेंगे।

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