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    यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Oct 08, 2023 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।

    सरकारी स्कूल से कटेगा 1 लाख बच्चों का नाम, KK Pathak की सख्ती का शिक्षा विभाग में असर

    By Ankit KumarEdited By: Aysha Sheikh
    Updated: Sun, 08 Oct 2023 01:06 PM (GMT+05:30)

    Muzaffarpur News अगर आपने सितंबर में हुई अर्द्धवार्षिक परीक्षा नहीं दी है या फिर आप लगातार कक्षा में अनुपस्थित रहे हैं तो आपका नाम स्कूल से कट सकता ...और पढ़ें

    सरकारी स्कूलों से कटेंगे एक लाख बच्चों के नाम, दो दिनों का मिला समय; केके पाठक का विभाग सख्त
    सरकारी स्कूलों से कटेंगे एक लाख बच्चों के नाम, दो दिनों का मिला समय; केके पाठक का विभाग सख्त

    HighLights

    1. दो दिनों में जिले के सरकारी स्कूलों से कटेंगे एक लाख बच्चों के नाम
    2. परीक्षा में शामिल नहीं होने वाले और अनुपस्थित रहने वालों पर कार्रवाई

    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले के सरकारी स्कूलों से अगले दो दिनों में एक लाख विद्यार्थियों का नाम काटा जाएगा। इसको लेकर डीईओ अजय कुमार सिंह की अध्यक्षता में शनिवार को सभी प्रधानाध्यापकों की बैठक जिला स्कूल में हुई।

    डीईओ ने कहा कि पहली से आठवीं कक्षा की अर्द्धवार्षिक परीक्षा सितंबर में हुई। इसमें बड़ी संख्या में विद्यार्थी अनुपस्थित रहे हैं। शिक्षा विभाग की ओर से सख्त निर्देश है कि ऐसे विद्यार्थी जो परीक्षा में शामिल नहीं हुए या लगातार कक्षाओं में नहीं आ रहे। उनका नाम काटना है।

    10 अक्टूबर तक एक लाख विद्यार्थियों का नाम काटने का लक्ष्य दिया गया है। बैठक के दौरान कई प्रधानाध्यापकों ने विद्यार्थियों का नाम काटकर रिपोर्ट प्रस्तुत कर दी है। डीईओ ने कहा कि उपस्थिति को लेकर विभाग सख्त है। ऐसे में 10 अक्टूबर तक नाम काटे जाने वाले विद्यार्थियों की सूची आने के बाद उसे समेकित कर विभाग को भेजा जाएगा।

    डीआरसीसी के ऑपरेटर 10 से जाएंगे हड़ताल पर

    जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) के सिंगल विंडो ऑपरेटर व मल्टी परपज असिस्टेंट अपनी मांगों को लेकर 10 अक्टूबर से अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाएंगे। बिहार राज्य सिंगल विंडो ऑपरेटर-मल्टी परपज असिस्टेंट संघ के आह्वान पर संविदा कर्मियों ने हड़ताल का निर्णय लिया है।

    कहा कि बिहार विकास मिशन और बिहार सरकार की उदासीनता से कर्मी निराश हैं। मुख्यमंत्री की तीन महत्वपूर्ण योजनाओं बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, कुशल युवा कार्यक्रम और मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता के माध्यम से युवाओं को लाभान्वित करने में महत्वपूर्ण योगदान दे रहे हैं। इसके बाद भी उनकी मांगों को लगातार नजरअंदाज किया जा रहा है।

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