विज्ञापन हटाएंसिर्फ खबर पढ़ें

मुजफ्फरपुर में 150 kW तक का नया बिजली कनेक्शन लेना हुआ आसान, खत्म हुआ इंस्पेक्शन का झंझट

Published: Wed, 02 Sep 2026 08:16 PM (IST)

नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) ने मुजफ्फरपुर में 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल किया है।

मुजफ्फरपुर में 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन अब बिना निरीक्षण के, प्रक्रिया हुई आसान (AI Generated Image)

मुजफ्फरपुर में 150 किलोवाट तक के नए बिजली कनेक्शन अब बिना निरीक्षण के, प्रक्रिया हुई आसान (AI Generated Image)

HighLights

  1. 150 किलोवाट तक के कनेक्शन पर निरीक्षण की बाध्यता खत्म।

  2. नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने प्रक्रिया सरल की।

  3. सुविधा पोर्टल पर स्व-अभिप्रमाणित घोषणा से मिलेगा कनेक्शन।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। नया बिजली कनेक्शन लेने वाले उपभोक्ताओं को अब विद्युत निरीक्षक के निरीक्षण और प्रमाण-पत्र के लिए इंतजार नहीं करना पड़ेगा। नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड (एनबीपीडीसीएल) ने 150 किलोवाट तक के नए विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया को सरल और तेज कर दिया है।

खासकर छोटे और मध्यम औद्योगिक एवं वाणिज्यिक उपभोक्ताओं को इसका सीधा लाभ मिलने की उम्मीद की जा रही है। नई व्यवस्था के तहत 45 किलोवाट/50 केवीए तक के एलटी कनेक्शन के लिए विद्युत निरीक्षक से अनिवार्य निरीक्षण और प्रमाण-पत्र लेने की जरूरत नहीं होगी।

उपभोक्ता को सुविधा पोर्टल पर आवेदन करते समय स्व-अभिप्रमाणित घोषणा देनी होगी कि परिसर की आंतरिक वायरिंग और विद्युत सुरक्षा जांच लाइसेंसधारी विद्युत ठेकेदार से निर्धारित सुरक्षा मानकों के अनुरूप करा ली जाएगी।

आवेदन से बिजली चालू होने तक ऐसे होगी प्रक्रिया

पहला चरण, आवेदन उपभोक्ता सुविधा पोर्टल पर नए बिजली कनेक्शन के लिए करेंगे। दूसरे चरण की घोषणा, आवेदन के साथ परिसर की वायरिंग और सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर स्व-अभिप्रमाणित घोषणा करनी होगी।

तीसरा चरण का शुल्क जमा, विभाग की ओर से निर्धारित शुल्क जमा करना होगा। इसके बाद कनेक्शन देने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

चौथा चरण में ठेकेदार करेगा काम। शुल्क जमा होने के बाद अधिकृत ठेकेदार उपभोक्ता के परिसर तक तार-पोल लेकर पहुंचेंगे और लगाने में आवश्यक विद्युत कार्य करेंगे। इसके लिए दिल्ली की मिश्री लाल कंपनी को टेंडर दिया गया है।

पांचवां चरण में बिजली चालू करने की प्रक्रिया शामिल होगी। पूरी प्रक्रिया की निगरानी विभाग के अधिकारी करेंगे। इससे बिचौलियों की भूमिका भी खत्म होगी।

यदि कनेक्शन के लिए वितरण ट्रांसफार्मर की जरूरत पड़ती है तो उपभोक्ता के अनुरोध पर एनबीपीडीसीएल निर्धारित शुल्क लेकर ट्रांसफार्मर और संबंधित स्थापना कार्य कराएगा। 100 केवीए ट्रांसफार्मर की अनुमानित दर 2,97,857.30 रुपये और 200 केवीए की 4,73,626.80 रुपये तय की गई है।

विद्युत कार्यपालक अभियंता श्रवण ठाकुर ने बताया कि निरीक्षण की बाध्यता समाप्त होने से कनेक्शन मिलने में लगने वाला समय कम होगा। 45 किलोवाट से अधिक और 150 किलोवाट तक के कनेक्शन में भी, जहां वितरण अवसंरचना का कार्य एनबीपीडीसीएल को करना है, विद्युत निरीक्षक के निरीक्षण और प्रमाण-पत्र की आवश्यकता नहीं होगी।

हालांकि, 150 किलोवाट से अधिक भार वाले नए कनेक्शन में निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विद्युत निरीक्षक का निरीक्षण और प्रमाण-पत्र अनिवार्य रहेगा।