यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Aug 10, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muzaffarpur News: मुजफ्फरपुर में बांग्लादेशी समझ जिस साधु वेशधारी को पकड़ा, निकला दिल्ली का भिखारी
Bangladesh Crisis मुजफ्फरपुर में साधु के वेश में एक संदिग्ध शख्स को गिरफ्तार किया गया था। लेकिन अब आरोपी से पूछताछ में अलग ही खुलासे हुए हैं। बताया ज ...और पढ़ें

HighLights
- मुजफ्फरपुर में साधु के वेश में तथाकथित बांग्लादेशी शख्स को गिरफ्तार किया गया था
- पूछताछ के बाद उसकी पहचान दक्षिणी दिल्ली के स्थाई निवासी के तौर पर हुई
- आरोपी युवक से मुजफ्फरपुर पुलिस ने पूछताछ की
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur News: ब्रह्मपुरा थाना के चांदनी चौक के निकट जिस साधु वेशधारी को बांग्लादेशी समझ कर लोगों ने पकड़कर पुलिस के हवाले किया, वह दक्षिणी दिल्ली का भिखारी कन्हैयालाल निकला। उसके पास से तुर्की, नेपाल, भूटान, कतर व मलेशिया सहित कई इस्लामिक देशों की करेंसी (मुद्रा) मिली थी। इससे संदेह गहरा गया था।
पकड़े जाने के बाद लोगों की पिटाई से बचने के लिए वह अपने को बांग्लादेश का यूसुफ बताने लगा। शुरू में पुलिस भी उसे संदिग्ध मान रही थी। बाद में जब गहन जांच की गई तो दक्षिणी दिल्ली के स्थाई निवासी के रूप में पुष्टि हुई। नगर एएसपी भानुप्रताप सिंह ने बताया साधु वेशधारी की जांच की गई। उसके भारतीय नागरिक होने व दक्षिणी दिल्ली के निवासी होने का साक्ष्य मिला है।
भीख मांगने के क्रम में मुजफ्फरपुर चला आया था
वह भीख मांगने के क्रम में मुजफ्फरपुर चला आया। उसके पास से कई दूसरे देशों की करेंसी मिली है। इसकी संख्या काफी कम है। संभव है दिल्ली में भीख मांगने के दौरान उसे विदेशी नागरिक से यह करेंसी मिली हो। उसके बांग्लादेशी होने का कोई प्रमाण नहीं मिला है।
बांग्लादेशी के पकड़े जाने की सूचना से मच गया था हड़कंप
चांदनी चौक से कथित बांग्लादेशी के पकड़ाने की सूचना इंटरनेट मीडिया पर प्रसारित होने से शहर में हड़कंप मच गया था। बांग्लादेश की वर्तमान हालात को देखते हुए कई तरह की आशंका होने लगी थी।
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शुरू में वह पुलिस के समक्ष काफी घबराया था। जब वह सामान्य हुआ तो उसने दिल्ली निवासी होने के संबंध में सारी जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराई। सत्यापन कराया गया, तो वह सही निकला।
बांग्लादेश से 70 छात्राएं भारत वापस लौटीं
बांग्लादेश में हिंसा के बीच वहां मेडिकल की पढ़ाई कर रही 70 भारतीय छात्राएं वापस अपने वतन पहुंच गई हैं। इन्हें कॉलेज प्रशासन द्वारा कड़ी सुरक्षा के बीच बांग्लादेश से लगने वाले भारत के बंगाल बार्डर तक सुरक्षित पहुंचा दिया।
जहां से सभी छात्रा अपने अपने घर पहुंच गईं। पटना के दानापुर और महुआ की छात्राओं ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया कि हम सभी कॉलेज में पुरी तरह सुरक्षित थे मगर हंगामे की खबर से डर लगता था मगर कॉलेज प्रशासन हमारी सुरक्षा के प्रति काफी गंभीर और मुश्तैद था।