यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Apr 05, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muzaffarpur News: आग के ढेर पर शहर, हो जाएं सावधान! इस वजह से कभी भी हो सकती है बड़ी घटना
मुजफ्फरपुर में आग लगने की घटनाओं में लगातार वृद्धि हो रही है। छोटे सिलेंडरों के अवैध इस्तेमाल और घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग प्रमुख कारण हैं। ...और पढ़ें

HighLights
- सड़क किनारे रोज खुल रही दुकानों से हमेशा खतरा
- कार्रवाई तो दूर जांच भी नहीं होती
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। तापमान में वृद्धि से आग के खतरे को देखते हुए प्रशासन की ओर से गाइडलाइन तो जारी की जाती है, मगर कई तरह की गड़बड़ियों को रोकने के लिए कदम नहीं उठाए जाते।
इसमें सबसे महत्वपूर्ण है अवैध रूप से छोटे सिलेंडर के उपयोग पर रोक नहीं लगाया जाना। शुक्रवार को अहियापुर में छोटे सिलेंडर के फटने से ही आग लगी।
यह तो संयोग रहा कि सामने सड़क से गुजर रही बस इसकी चपेट में नहीं आई। इससे बड़ा हादसा हो सकता था। जिले में शहर से लेकर गांव तक इस छोटे सिलेंडर का दुकानों में धड़ल्ले से इस्तेमाल हो रहा है।
इसके अलावा घरेलू सिलेंडर भी व्यावसायिक सिलेंडरों की जगह दुकानों में उपयोग हो रहे हैं। मिठनपुरा क्षेत्र में सड़क किनारे चल रही फास्ट फूड की दुकानों में अधिकतर छोटे और घरेलू सिलेंडरों का ही इस्तेमाल हो रहा है।
ये दुकानें माल और अपार्टमेंट के सामने भी लगी हैं। अगर किसी दिन अहियापुर की दुकान की तरह सिलेंडर फटा तो बड़ा हादसा हो सकता है। इसके अलावा गैस रिफिलिंग के धंधे पर भी रोक नहीं लग सकी है। इससे भी हमेशा खतरा बना रहता है।
तीन दर्जन लापरवाह बीएलओ से स्पष्टीकरण
उधर, मुजफ्फरपुर से एक बड़ी खबर सामने आई है। मतदाता सूची से जुड़ी काम में लापरवाही को लेकर मुजफ्फरपुर विधानसभाा क्षेत्र के 35 बीएलओ से सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी एईआरओ एवं नगर आयुक्त विक्रम विरकर ने स्पष्टीकरण पूछा है।
बीएलओ को भेजे पत्र में एईआरओ ने लिखा है कि मुजफ्फरपुर विधानसभा की मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टि से संबंधित मतदाताओं का आवेदन 28 मार्च को उपलब्ध कराया गया था। इसके आलोक में सभी को दूरभाष और वाट्सएप पर बार-बार सूचना दी गई।
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इसके बावजूद शुक्रवार तक फार्म-7 का चेकलिस्ट वेरीफिकेशन नहीं किया। कार्य का निष्पादन रविवार तक कर लिया जाना है। इसे देखते हुए सभी स्पष्टीकरण दें कि कार्य के समय से निष्पादन नहीं होने से क्यों नहीं जिला निर्वाचन पदाधिकारी को अनुशंसा की जाए।