यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Jun 09, 2025 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muzaffarpur News: स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के 2000 लाभार्थियों ने नहीं दी किस्त, विभाग ने भेजा नोटिस
मुजफ्फरपुर में स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के 2000 से ज्यादा लाभुकों ने ऋण की किस्त नहीं चुकाई है। विभाग को कोई सूचना भी नहीं दी गई। अब इन पर कानूनी ...और पढ़ें

HighLights
- 2000 से अधिक लाभुकों ने नहीं चुकाई किस्त
- कानूनी कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू
- ऋण वसूली के लिए नोटिस जारी
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के 2000 से अधिक लाभुकों ने ऋण की किस्त जमा नहीं की है। ऐसे लाभुकों ने इस संबंध में विभाग को कोई सूचना भी नहीं दी। अब इनपर कानूनी कार्रवाई की प्रकिया शुरू की गई है। सिकंदरपुर स्थित जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र ऐसे लाभुकों का नोटिस भेज रहा है। इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बताते हैं कि पढ़ाई पूरी होने और दी गई अवधि खत्म होने के बाद भी ऐसे लाभुकों ने न तो किस्त की राशि जमा की और न ही मोहलत के लिए शपथ पत्र दिया है। ज्ञात हो कि इससे पहले ऋण राशि की किस्त जमा नहीं करने वाले 734 लोगों पर सर्टिफिकेट केस किया जा चुका है। ऐसे ऋणी पर सरकार का करोड़ों रुपये बकाया है।
जानकारी के अनुसार, जिले के करीब 2000 से अधिक लाभुकों ने ऋण की राशि अदा करने में लापरवाही की है। नोटिस के बाद 269 ने शपथपत्र देकर विभाग को अपनी स्थिति से अवगत कराया और राशि जमा करने की मोहलत ली है।
चार लाख तक मिलता ऋण, 84 किस्तों में करना होता अदा
योजना के तहत इंटर के बाद स्नातक, स्नातकोत्तर के साथ ही मेडिकल, इंजीनियरिंग, आइटीआई, बीएड, लॉ समेत सभी व्यावसायिक एवं तकनीकी शिक्षा के लिए चार लाख तक का ऋण दिया जाता है। पढाई पूरी करने के बाद ऋण 84 किस्तों में देना होता है।
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इसको लेकर गाइडलाइन है, जिसके अनुसार मोहलत भी दी जाती है। जिले में अब तक 22,852 ने ऋण के लिए आवेदन दिया। सत्यापन के बाद 17,209 का ऋण स्वीकृत हुआ। 15,802 आवेदकों में 383.33 करोड़ की राशि का वितरण किया जा चुका है।
सरकार द्वारा इंटर के बाद स्नातक, स्नातकोत्तर, लॉ, बीएड, व्यावसायिक व अन्य तकनीकी शिक्षा प्राप्त करने के लिए राशि दी जाती है। 2000 से अधिक लाभुकों ने अवधि पूरी होने के बाद न किस्त जमा की और न हलफनामा देकर समय की मांग की। इनपर नियमानुसार कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू की गई है। - मनोज कुमार प्रधान, प्रबंधक, जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र, सिकंदरपुर