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    बिना जांच के आवेदन रिजेक्ट, दलालों के जरिए मिलता है नया कनेक्शन; मुजफ्फरपुर में खुली बिजली विभाग की पोल

    Updated: Wed, 08 Apr 2026 02:25 PM (GMT+05:30)

    मुजफ्फरपुर के रसूलपुर गांव में 'जागरण आपके द्वार' कार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों ने बिजली विभाग की कार्यशैली पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि नए कन ...और पढ़ें

    बिजली के नए कनेक्शन देने में घोटाला। फाइल फोटो

    बिजली के नए कनेक्शन देने में घोटाला। फाइल फोटो

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    जानिए मुख्य बातें और खबर का सार एक नजर में

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    जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। जिले के अहियापुर थाना क्षेत्र के श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज के पास स्थित रसूलपुर गांव है। वहां कई वार्ड हैं। बिजली की समस्या को लेकर कई बार विभाग के अधिकारियों से शिकायत की जा रही है, लेकिन समाधान नहीं निकल रहा। 

    दैनिक जागरण के 'जागरण आपके द्वार' कार्यक्रम में ग्रामीणों ने अपनी-अपनी समस्याएं रखीं। बिजली विभाग की कार्यशैली को लेकर नाराजगी जताई।

    उनका आरोप था कि नए बिजली कनेक्शन के लिए दिए जाने वाले आवेदन बिना स्थल जांच के ही रिजेक्ट कर दिए जाते हैं, जबकि बिचौलियों के माध्यम से आने वाले आवेदनों पर बिना जांच किए ही मीटर लगा दिया जाता है।

    ग्रामीणों का कहना था कि आवेदन करने के साथ ही पैसों का त्रिस्तरीय खेल शुरू हो जाता है। विद्युत कनीय अभियंता की जगह लाइनमैन के इशारे पर मानव बल भेजा जाता है।

    वह व्यक्ति बिना स्थल जांच किए फोन पर बात करता है और सीधे जेई से मिलने को कहता है, यदि आवेदक उनसे नहीं मिल पाता तो आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है। कुछ दिनों पहले एक उपभोक्ता से कनेक्शन के लिए हुई बातचीत की आडियो भी इंटरनेट माडिया पर प्रसारित हुई थी।

    इसके साथ ही बिजली पोल हटाने, नीचे झूलते तारों से खतरा, टूटे पोल से आपूर्ति, सोलर लगाने के बाद भी ग्रिड तक बिजली नहीं जाने समेत कई समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने कहा कई जगह जर्जर पोल व लटकते तार दुर्घटना को आमंत्रण दे रहे, लेकिन विभाग कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रहा है।

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    इसके बाद ग्रामीण एसकेएमसीएच पावर सब स्टेशन स्थित बिजली कार्यालय गए। वहां जेई नहीं थे, सहायक विद्युत अभियंता नीरज कुमार ने समस्याएं सुनीं और शीघ्र आवेदन देने को कहा। कहा अगर कोई बिचौलिया पैसे मांग करे तो शिकायत करें। उस पर प्राथमिकी कराई जाएगी।

    शिकायतकर्ताओं के बयान

    नए बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन दिया था, लेकिन बिना स्थल जांच किए ही दो बार रिजेक्ट कर दिया गया। बाद में पता चला कि बिचौलियों के माध्यम से आने वाले आवेदनों को तुरंत स्वीकृति मिल रही है। कई बार विभाग का चक्कर लगाने के बाद भी सुनवाई नहीं हुई, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी है। -किशन कुमार

    लाइनमैन के कहने पर मानव बल को आवेदन की जांच के लिए भेजा गया। उसके साथ एक तीसरा व्यक्ति आया, जिसने जेई से मिलने को कहा। मिलने में असफल रहने पर आवेदन अस्वीकृत कर दिया गया। विभाग की यह प्रक्रिया पारदर्शी नहीं है, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही है। -गणेश कुमार

    गांव में बिजली पोल जर्जर हो चुका है और कभी भी गिर सकता है। कई बार आवेदन दिया गया, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। बारिश या तेज हवा में खतरा बढ़ जाता है। विभाग से तत्काल पोल बदलने की मांग की गई ताकि किसी बड़ी दुर्घटना से बचा जा सके। -विकास कुमार

    बिजली का तार काफी नीचे लटक रहा है, जिससे खेतों में काम करने वाले किसानों को खतरा बना रहता है। बच्चों के खेलने के दौरान भी दुर्घटना की आशंका रहती है। कई बार सूचना देने के बाद भी विभाग की ओर से मरम्मत नहीं कराई गई। -शंभू गुप्ता

    टूटा हुआ बिजली पोल होने के बाद भी उससे सप्लाई दी जा रही है। पोल झुक गया है और तारों पर दबाव बढ़ गया है। कभी भी दुर्घटना हो सकती है। विभाग को लिखित शिकायत दी गई, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। -राजेश कुमार

    सोलर पैनल लगने के बाद भी आन ग्रिड बिजली नहीं जा रही है। कई बार आवेदन देने के बाद भी कोई सुनवाई नहीं हुई। विभागीय अधिकारी केवल आश्वासन देते हैं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं होता। यह समस्या पिछले कई महीने से आ रही है। -सुधीर कुमार

    नया कनेक्शन लेने के लिए सभी दस्तावेज जमा किए, लेकिन आवेदन रिजेक्ट कर दिया गया। बाद में जानकारी मिली कि बिना बिचौलिए के आवेदन स्वीकृत नहीं किया जाता। यह व्यवस्था गरीब लोगों के साथ अन्याय है। -जीतू कुमार

    गांव में कई जगह बिजली के तार झूल रहे हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा है। बच्चों व पशुओं के लिए स्थिति खतरनाक बनी है। विभाग को कई बार सूचित किया गया, लेकिन कोई निरीक्षण नहीं किया गया। -आकाश कुमार

    मानव बल द्वारा जांच के नाम पर लोगों को परेशान किया जाता है। तीसरे व्यक्ति के माध्यम से फोन कर जेई से मिलने को कहा जाता है। नहीं मिलने पर आवेदन खारिज कर दिया जाता है, जो नियमों के विरुद्ध है। -नीरज कुमार

    बिजली पोल हटाने के लिए आवेदन दिया था, क्योंकि वह घर के सामने खतरनाक स्थिति में है। विभाग ने कोई कार्रवाई नहीं की। पोल गिरने का खतरा बना है और परिवार दहशत में है। -प्रमोद साह

    कनेक्शन के लिए आवेदन के बाद कोई स्थल जांच नहीं की गई। सीधे रिजेक्ट कर दिया गया। जब बिचौलियों से संपर्क किया गया तो तुरंत काम होने की बात कही गई। इससे विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठता है। -दीपक कुमार

    गांव में टूटे तारों से चिंगारी निकलती है। इससे आग लगने की आशंका बनी रहती है। कई बार शिकायत करने के बाद भी विभाग ने मरम्मत नहीं कराई, जिससे लोगों में डर का माहौल है। -दिलीप कुमार

    सोलर योजना का लाभ मिलने के बाद भी बिजली लाइन ठीक से नहीं जोड़ी गई। घर में बिजली आपूर्ति बाधित रहती है। कई बार अधिकारियों से संपर्क किया गया, लेकिन कोई समाधान नहीं मिला। -मुकेश कुमार

    जर्जर पोल को बदलने की मांग लंबे समय से की जा रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी ध्यान नहीं दे रहे हैं। बारिश के समय स्थिति और गंभीर हो जाती है। ग्रामीणों ने जल्द कार्रवाई की मांग की है। -नीरज कुमार

    नया कनेक्शन लेने में अनावश्यक बाधाएं डाली जा रही हैं। बिना जांच आवेदन रिजेक्ट कर दिया जाता है, जबकि बिचौलियों के माध्यम से आने वाले आवेदन तुरंत स्वीकृत हो जाते हैं। यह भेदभावपूर्ण रवैया है। -मनोहर झा

    गांव में कई जगह बिजली तार जमीन के काफी करीब हैं। इससे दुर्घटना का खतरा बना है। बच्चों और पशुओं के लिए यह स्थिति बेहद खतरनाक है। विभागीय अधिकारियों को कई बार कहा गया। सुधार की मांग की गई है। -अमरजीत कुमार