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मुजफ्फरपुर में अब नहीं होगी बिजली ट्रिपिंग, एलआइडी और वीपीडी किट से मिलेगी राहत

Published: Fri, 06 Nov 2026 04:33 PM (IST)

Muzaffarpur Electricity Tripping Solution: मुजफ्फरपुर में बिजली ट्रिपिंग और पावर कट से राहत मिलेगी क्योंकि एनबीपीडीसीएल ने एलआइडी और वीपीडी किट उपलब्ध कराई है।

बिजली लाइनों और इंसुलेटर में होने वाली संभावित गड़बड़ियों की पहचान अब समस्या पैदा होने से पहले ही कर ली जाएगी।

बिजली लाइनों और इंसुलेटर में होने वाली संभावित गड़बड़ियों की पहचान अब समस्या पैदा होने से पहले ही कर ली जाएगी।

HighLights

  1. एनबीपीडीसीएल द्वारा मुजफ्फरपुर में एलआइडी और वीपीडी किट उपलब्ध कराई गई।

  2. किट बिजली लाइनों और इंसुलेटर की खराबी का पहले पता लगाएगी।

  3. अल्ट्रासोनिक तकनीक से ट्रिपिंग और पावर कट की समस्या कम होगी।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Electricity News: जिले के लोगों को अब बार-बार होने वाली बिजली ट्रिपिंग और इंसुलेटर की खराबी के कारण लगने वाले पावर कट से बड़ी राहत मिलने जा रही है।

बिजली लाइनों और इंसुलेटर में होने वाली संभावित गड़बड़ियों की पहचान अब समस्या पैदा होने से पहले ही कर ली जाएगी।

इसके लिए उत्तर बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड यानी एनबीपीडीसीएल ने जिले में अत्याधुनिक एलआइडी और वीपीडी किट उपलब्ध कराने की तैयारी पूरी कर ली है।

चारों प्रमंडलों को किट

मुजफ्फरपुर के चारों विद्युत आपूर्ति प्रमंडलों अर्बन-वन, अर्बन-टू, ईस्ट और वेस्ट को एक-एक आधुनिक किट सौंपी जा रही है।

एनबीपीडीसीएल के मुख्य अभियंता बिनोद कुमार ने उपकरण की आपूर्ति से जुड़ा आधिकारिक पत्र जारी कर दिया है।

निर्माता कंपनी मेसर्स टारस पावरट्रानिक्स प्राइवेट लिमिटेड को कुल 46 किट भेजने की अनुमति मिली है, जिनकी आपूर्ति मुजफ्फरपुर स्थित केंद्रीय भंडार के जरिए होगी।

अल्ट्रासोनिक तकनीक का इस्तेमाल

यह नई तकनीक इंसुलेटर में होने वाले लीकेज करंट और अल्ट्रासोनिक पार्शियल डिस्चार्ज का शुरुआती स्तर पर ही पता लगा लेती है।

कई बार इंसुलेटर बाहर से बिल्कुल ठीक दिखाई देता है, लेकिन उसके आंतरिक हिस्से में विद्युत डिस्चार्ज शुरू हो जाता है। सही समय पर जानकारी न मिलने से इंसुलेटर पूरी तरह फेल हो जाता है और बिजली सप्लाई ठप हो जाती है।

ट्रिपिंग की समस्या से निजात

यह आधुनिक उपकरण बार-बार ट्रिप होने वाले 11 और 33 केवी फीडरों की जांच में बेहद मददगार साबित होगा।

अल्ट्रासाउंड इमेजिंग के माध्यम से संदिग्ध इंसुलेटर की सटीक पहचान की जाएगी और उसके डेटा का डिजिटल रिकॉर्ड भी सुरक्षित रखा जा सकेगा। इससे मेंटेनेंस की पूरी प्रक्रिया को पहले से अधिक प्रभावी बनाने में सीधी मदद मिलेगी।

केंद्रीय भंडार में निरीक्षण

विद्युत कार्यपालक अभियंता जेपी सिंह और निर्माता कंपनी के प्रतिनिधियों ने उपकरण का गहन निरीक्षण कर अपनी रिपोर्ट सौंपी थी।

निरीक्षण प्रतिवेदन मिलने के बाद ही किट को डिस्पैच करने की औपचारिक मंजूरी दी गई है। केंद्रीय भंडार में उपकरण पहुंचने के बाद सामग्री की एक बार फिर बारीकी से दोबारा जांच की जाएगी।

नियमित उपयोग से राहत

अधिकारियों का कहना है कि उपकरणों की उपलब्धता के साथ-साथ तकनीकी टीमों द्वारा इसका नियमित और समयबद्ध इस्तेमाल बेहद जरूरी होगा।

यदि फील्ड टीमें इसका लगातार उपयोग करेंगी तो जिले में ट्रिपिंग की समस्या में भारी कमी आएगी। इससे उपभोक्ताओं को बिना किसी रुकावट के निर्बाध बिजली सप्लाई मिल सकेगी।

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