मुजफ्फरपुर में रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण, 72 गांवों में सट्टा हस्तांतरण पर रोक
रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण के लिए मुजफ्फरपुर के 72 गांवों में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो गई है। अनावश्यक मूल्य वृद्धि र ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
रक्सौल-हल्दिया एक्सप्रेस-वे भूमि अधिग्रहण शुरू।
72 गांवों में भूमि सट्टा हस्तांतरण पर रोक।
भू-उपयोग परिवर्तन पर भी प्रतिबंध लागू।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । रक्सौल-हल्दिया ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे के निर्माण को लेकर भूमि अधिग्रहण से संबंधित कार्य शुरू हो चुका है। जिला भू-अर्जन पदाधिकारी की ओर से एनएचएआइ को थ्री ए के प्रकाशन के लिए रिपोर्ट भेजी जा चुकी है।
इसका प्रकाशन जनवरी में भारत के राजपत्र में किया जा चुका है। इसके अनुसार, जिले के पांच अंचलों में 72 गांव में भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया की जाएगी। इसमें मीनापुर, औराई, बोचहां, गायघाट व बंदरा अंचल शामिल हैं।
एनएचएआइ के परियोजना निदेशक ने डीएम को इसका ब्योरा भेजकर इन गांवों में अधिग्रहित की जाने वाली भूमि के स्पेकुलेटिव ट्रांसफर व भू-उपयोग परिवर्तन पर रोक लगाने का अनुरोध किया है ताकि अनावश्यक रूप से जमीन की कीमत में वृद्धि पर रोक लगाई जा सके।
परियोजना निदेशक ने कहा कि प्रभावित गांवों की स्थलीय जांच के बाद थ्री ए की अधिसूचना को भूमि राशि पोर्टल पर अपलोड किए जाने की प्रक्रिया जिला भू-अर्जन कार्यालय द्वारा की जा रही है।
किसी भी परियोजना की घोषणा के साथ ही संभावित भू-अर्जन को लेकर सबसे पहले उस क्षेत्र की भूमि के स्पेकुलेटिव ट्रांसफर पर रोक लगाने की कार्रवाई की जाती है ताकि भूमि के मूल्य में वृद्धि नहीं हो।
इसके अलावा भू-उपयोग परिवर्तन पर भी रोक लगाना आवश्यक है। इसी आधार पर डीएम से संबंधित विभाग के पदाधिकारी को इस दिशा में कार्रवाई के लिए निर्देशित करने का अनुरोध किया है।
क्या होता है स्पेकुलेटिव ट्रांसफर और भू-उपयोग परिवर्तन
विभाग के पदाधिकारी के अनुसार जब यह पता चलता है कि किसी खास क्षेत्र में सरकारी परियोजना (जैसे सड़क, एयरपोर्ट, इंडस्ट्री) के लिए जमीन लेने वाली है तो पूंजीपति उस इलाके की जमीन रैयतों से खरीद लेते हैं।
इस तरह के सौदे अक्सर कम समय के लिए होते हैं, जिसका उद्देश्य जमीन को विकसित करना नहीं, बल्कि सरकारी अधिग्रहण प्रक्रिया के तहत ऊंचे मुआवजे का दावा करना होता है।
इसी प्रकार अगर कोई कृषि भूमि अधिग्रहित की जा रही है तो अधिग्रहण की अधिसूचना जारी होने के बाद से लेकर मुआवजे की प्रक्रिया पूरी होने तक उस जमीन को आवासीय या व्यावसायिक भूखंड में नहीं बदला जा सकता। इसलिए भू-उपयोग परिवर्तन पर रोक लगाई जाती है।
जिले में 36 किलोमीटर होकर गुजरेगा एक्सप्रेस-वे
विदित हो कि रक्सौल से बंगाल के हल्दिया बंदरगाह तक 407.8 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे मुजफ्फरपुर में 36 किलोमीटर होकर गुजरेगी। पूर्वी चंपारण बार्डर से सटे मीनापुर के गोरीगामा से यह शुरू होकर समस्तीपुर बार्डर में मिलेगा। यह मुजफ्फरपुर के लिए पहला ग्रीनफील्ड एक्सप्रेस-वे होगा, जो सिक्स लेन का होगा।