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मुजफ्फरपुर में रिफाइन तेल महंगा, जमाखोरी और आयात बाधा से बढ़ी कीमतें

By Gopal Tiwari Edited By: Dharmendra Singh
Published: Fri, 13 Mar 2026 10:03 PM (IST)

मुजफ्फरपुर में रिफाइन तेल की कीमतें बढ़ गई हैं। थोक व्यापारियों द्वारा जमाखोरी के कारण 15 किलो के जार पर ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । अंतरराष्ट्रीय स्तर पर युद्ध की स्थिति और खाद्य तेलों के आयात प्रभावित होने की आशंका से मुजफ्फरपुर के बाजार पर दिखने लगा है।

शहर के थोक बाजार में रिफाइन तेल की जमाखोरी शुरू हो गई है, जिससे कीमतों में अचानक उछाल आ गया है। बाजार में कमी की आशंका को देखते रिफाइन तेल की थोक कारोबारियों की ओर से स्टाक रोकना शुरू कर दिया है।

इसका सीधा असर कीमतों पर पड़ा है और थोक से लेकर खुदरा बाजार तक तेल महंगा हो गया है। जानकारी के अनुसार, थोक बाजार में 15 किलो के रिफाइन तेल के जार पर करीब 200 रुपये तक की बढ़ोतरी कर दी गई है। इसको लेकर खुदरा दुकानों में भी तेल की कीमत बढ़ा दी गई है। कई दुकानों पर अब प्रति लीटर 15 से 20 रुपये अधिक कीमत पर बिक्री की जा रही है।

दुकानदारों का कहना है कि बड़े व्यापारियों की ओर से स्टाक रोकने के कारण बाजार में कृत्रिम कमी का माहौल बन रहा है। इससे छोटे दुकानदारों को भी महंगे दाम पर तेल खरीदना पड़ रहा है, जिसका असर सीधे खुदरा कीमतों पर पड़ रहा है।

गोलारोड स्थित एक होलसेल करोबारी केदार प्रसाद ने बताया कि पाम आयल जिससे कि रिफाइन तेल तैयार होता है, वह मलेशिया से आता है। युद्ध के कारण अभी आना बंद हो गया है, इसलिए रिफाइन तेल पर दाम बढ़ गया है।

उपभोक्ताओं का कहना है कि पहले से ही महंगाई की मार झेल रहे, यह बढ़ोतरी बड़ी परेशानी बन सकती है। गैस के बाद यदि स्थिति ऐसी ही रही तो आने वाले दिनों में रसोई का बजट पूरी तरह और बिगड़ जाएगा। उपभोक्ताओं ने कार्रवाई की मांग की है।

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