पश्चिम चंपारण के बाद मुजफ्फरपुर में बाढ़ जैसे हालात, साहेबगंज में घरों तक पहुंचा पानी
पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज से छोड़े गए पानी से मुजफ्फरपुर के साहेबगंज प्रखंड में बाढ़ जैसे हालात बन गए ...और पढ़ें

पानी बढ़ने से मवेशियों को सुरक्षित रखने में पशुपालकों को परेशानी हो रही है। फोटो: जागरण
संवाद सहयोगी, साहेबगंज (मुजफ्फरपुर)। Muzaffarpur Flood News: पश्चिम चंपारण के वाल्मीकिनगर बराज से गुरुवार देर शाम छोड़ा गया 2.24 लाख क्यूसेक पानी रविवार को साहेबगंज प्रखंड क्षेत्र में पहुंच गया।
गंडक नदी के जलस्तर में वृद्धि के बाद प्रखंड क्षेत्र में बाढ़ जैसे हालात उत्पन्न हो गए हैं। माधोपुर हजारी पंचायत के वार्ड संख्या चार और बंगरा निजामत पंचायत के वार्ड संख्या 1, 2, 3 एवं 6 के निचले इलाकों में पानी घरों के दरवाजे तक पहुंच गया है।
ग्रामीणों में दहशत
अचानक पानी फैलने से निचले इलाकों में रहने वाले ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। गंडक के बढ़े जलस्तर का असर प्रखंड क्षेत्र के खेतों पर भी पड़ा है। करीब 70 प्रतिशत खेतों में बाढ़ का पानी फैल गया है, जिससे किसानों की चिंता बढ़ गई है।
आवागमन भी प्रभावित
कई निचले इलाकों में पानी तेजी से फैलने के कारण आवागमन प्रभावित होने लगा है। रूप छपरा पंचायत के निचले इलाकों में भी बाढ़ का पानी फैल गया है। पानी बढ़ने से मवेशियों को सुरक्षित रखने में पशुपालकों को परेशानी हो रही है।
सोमवार को घटेगा जलस्तर
जल संसाधन विभाग के सहायक अभियंता अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार तक गंडक नदी का जलस्तर घटकर करीब 1.30 लाख क्यूसेक होने की संभावना है। इसके बाद पानी साहेबगंज प्रखंड की सात पंचायतों से होकर रेवा की ओर बढ़ेगा। जलस्तर में कमी आने के बाद स्थिति में सुधार की संभावना है।
राहत की मांग
पानी फैलने से झोपड़ियों में रहने वाले लोगों की मुश्किलें भी बढ़ गई हैं। ग्रामीणों ने प्रशासन से निचले इलाकों में निगरानी बढ़ाने की मांग की है। साथ ही जरूरत पड़ने पर राहत एवं बचाव की व्यवस्था करने का आग्रह किया है।
