मुजफ्फरपुर के टोल प्लाजाओं का बड़ा पर्दाफाश, कहीं 55 तो कहीं 150 रुपये क्यों?
Muzaffarpur Toll Plaza Rates : मुजफ्फरपुर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल प्लाजा की दरों में भारी अंतर है, जिससे यात्रियों में असमंजस है। एनएचएआई का कह ...और पढ़ें

Bihar NH Toll Tax : इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
मुजफ्फरपुर के राष्ट्रीय राजमार्गों पर टोल दरों में भारी अंतर।
टू-लेन और फोर-लेन पर भी दरें एक समान नहीं।
एनएचएआई ने निर्माण लागत, तकनीकी मानकों को बताया कारण।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर। Muzaffarpur Darbhanga Toll Plaza : अगर आप मुजफ्फरपुर से अलग-अलग राष्ट्रीय राजमार्गों पर सफर करते हैं तो टोल प्लाजा पर चुकाई जाने वाली राशि देखकर हैरान हो सकते हैं।
कहीं टू-लेन सड़क पर कम तो कहीं ज्यादा टोल देना पड़ रहा है, वहीं फोरलेन हाईवे पर भी सभी टोल प्लाजा की दरें एक जैसी नहीं हैं। एक ही श्रेणी के वाहन के लिए अलग-अलग टोल दरों ने यात्रियों के बीच चर्चा छेड़ दी है।
टू-लेन एनएच पर भी अलग-अलग दरें
मुजफ्फरपुर-दरभंगा मार्ग की तुलना में टू-लेन राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी टोल शुल्क समान नहीं है। महंत मनियारी टोल प्लाजा पर कार या हल्के वाहन के लिए 55 रुपये तथा 24 घंटे के भीतर वापसी पर 80 रुपये का शुल्क निर्धारित है।
वहीं मुजफ्फरपुर-सीतामढ़ी मार्ग स्थित रुन्नीसैदपुर टोल प्लाजा पर इसी श्रेणी के वाहन से 90 रुपये तथा वापसी में 130 रुपये वसूले जाते हैं।
फोरलेन पर भी नहीं है एक समान शुल्क
फोरलेन राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी टोल शुल्क में अंतर देखने को मिलता है। मुजफ्फरपुर-दरभंगा मार्ग के मैठी टोल प्लाजा पर कार या हल्के वाहन के लिए 150 रुपये तथा 24 घंटे के भीतर वापसी पर 225 रुपये देने होते हैं। वहीं राजे टोल प्लाजा पर एक तरफ का शुल्क 150 रुपये, जबकि वापसी का शुल्क 220 रुपये निर्धारित है।
सबसे कम टोल सैदपुर पटेढ़ा में
फोरलेन होने के बावजूद सबसे कम टोल सैदपुर पटेढ़ा टोल प्लाजा पर लिया जाता है। यहां कार या हल्के वाहन के लिए 115 रुपये तथा 24 घंटे के भीतर वापसी पर 175 रुपये का शुल्क निर्धारित है। यही वजह है कि यह टोल प्लाजा वाहन चालकों के लिए अपेक्षाकृत राहत देने वाला माना जा रहा है।
खबरें और भी
एनएचएआई ने बताई वजह
एनएचएआई के अधिकारियों के अनुसार, टोल टैक्स की दरें स्थानीय स्तर पर तय नहीं की जाती हैं। इनका निर्धारण मुख्यालय स्तर पर विभिन्न तकनीकी और वित्तीय मानकों के आधार पर किया जाता है।
सड़क की लंबाई, निर्माण लागत, परियोजना का स्वरूप और अन्य मानकों को ध्यान में रखते हुए अलग-अलग टोल प्लाजा के लिए शुल्क तय किया जाता है। इसी कारण एक ही क्षेत्र के राष्ट्रीय राजमार्गों पर भी टोल की दरों में अंतर देखने को मिलता है।