यह एक आर्काइव लेख है, जिसे Nov 15, 2024 को प्रकाशित किया गया था। इसमें दी गई जानकारी वर्तमान समय के लिहाज से पुरानी हो सकती है।
Muzaffarpur News: MBBS के छात्र को दूसरे के बदले परीक्षा देना पड़ा भारी,विश्वविद्यालय ने रद्द किया नामांकन
एसकेएमसीएच के प्रभारी प्राचार्य डॉ.महेश प्रसाद ने बताया कि आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से 2021 बैच के छात्र सीतामढ़ी के अफजल आजाद का नामांकन रद ...और पढ़ें

HighLights
- पीएमसीएच के छात्र के बदले परीक्षा देने वाले छात्र का नामांकन रद्द
- कॉलेज ने तकनीकी परीक्षा देने पर भी लगाई रोक
जागरण संवाददाता,मुजफ्फरपुर। मुजफ्फरपुर एसकेएमसीएच (श्रीकृष्ण मेडिकल कालेज एवं अस्पताल) के एमबीबीएस के थर्ड ईयर के छात्र को दूसरे के बदले परीक्षा देना भारी पड़ गया। जांच में गड़बड़ी की पुष्टि के बाद विश्वविद्यालय ने उसका नामांकन रद्द कर दिया है। इसके साथ ही उसके किसी भी तरह की तकनीकी परीक्षा में शामिल होने पर रोक लगा दी गई है।

विश्वविद्यालय से रिपोर्ट आने के बाद उसे कॉलेज परित्याग प्रमाणपत्र (सीएलसी) देने की कवायद की जा रही है। इससे पहले भी तीन छात्र इसी तरह की परीक्षा देने में फंसे है। रांची पुलिस उन्हें खोजते हुए आई थी, उनके ऊपर भी विभागीय कार्रवाई चल रही है।
पटना में पकड़ा गया था तीसरे वर्ष का मेडिकल छात्र
एसकेएमसीएच के प्रभारी प्राचार्य डॉ.महेश प्रसाद ने बताया कि आर्यभट्ट ज्ञान विश्वविद्यालय की ओर से 2021 बैच के छात्र सीतामढ़ी के अफजल आजाद का नामांकन रद्द किया गया है। उसपर आरोप है कि वह पीएमसीएच के तीसरे वर्ष के एमबीबीएस छात्र के बदले परीक्षा दे रहा था। जांच में उसको पकड़ा गया। उसके बाद विश्वविद्यालय ने यह एक्शन लिया है। कहा कि अब उसे सीएलसी देकर कॉलेज से नाम काट दिया जाएगा। विश्वविद्यालय ने उसके किसी भी तकनीकी परीक्षा देने पर रोक लगा दी है।
इस घटना के बाद सभी छात्रों को भी अगाह किया गया है कि वह उस तरह के किसी भी परीक्षा में दूसरे के बदले शामिल नहीं हों। अपना करियर बर्बाद करके दूसरे के चक्कर में नहीं पड़ें।
पहले भी तीन छात्रों का नाम सामने आया
पिछले दिनों पूर्णिया में नीट की परीक्षा के दौरान तीन छात्र पकड़े गए थे, जिसमें कॉलेज के द्वितीय वर्ष (2022 बैच) के मेडिकल छात्र नीतीश कुमार, जैद अहमद और डब्ल्यू कुमार का नाम शामिल है। इन पर विभागीय स्तर की कार्रवाई चल रही है। वहीं इस घटना पर पुलिस की ओर से भी छानबीन चल रही है।
खबरें और भी
मामला सामने आने के बाद प्राचार्य डॉ. आभा रानी सिन्हा ने पैथालॉजी, फार्माकोलॉजी और माइक्रोबायोलॉजी के विभागाध्यक्ष से तीनों छात्रों की जानकारी ली।
तीनों छात्र करीब एक माह से अधिक समय से क्लास नहीं आ रहे थे। वे हॉस्टल से भी बाहर रह रहे थे। बताया जा रहा कि तीनों छात्र अपने बैच के टॉपर की श्रेणी के हैं। एमबीबीएस फर्स्ट ईयर की परीक्षा में तीनों अच्छे अंक से पास हुए हैं। चर्चा है कि एक छात्र फर्स्ट ईयर के एक्जाम में टॉप -थ्री में शामिल था। तीनों छात्रों के फर्स्ट ईयर का रिजल्ट कार्ड एनाटॉमी, बायोकेमिस्ट्री और फिजियोलॉजी विभागाध्यक्ष से लिया गया। प्राचार्य ने कहा कि इसकी भी छानबीन चल रही है।