नेपाल के प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने बुलाई आपात बैठक, भारत-चीन से मांगी मदद
नेपाल में भोटेकोशी नदी में आई भीषण बाढ़ के बाद प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने आपात बैठक बुलाई और भारत-चीन से ...और पढ़ें

इसमें एआई जनरेटेड तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
नेपाल में भोटेकोशी नदी की बाढ़ से रसुवा में भारी नुकसान।
पीएम बालेन्द्र शाह ने आपात बैठक बुलाई, भारत-चीन से मदद मांगी।
राहत-बचाव अभियान तेज, राजनीतिक दलों ने भी चिंता जताई।
अमरेंद्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। नेपाल में भोटेकोशी नदी की भीषण बाढ़ के बाद सरकार ने राहत और बचाव अभियान तेज कर दिया है। रसुवा जिले के बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में स्थिति की समीक्षा के लिए प्रधानमंत्री बालेन्द्र शाह ने मंत्रिपरिषद की बैठक बुलाई। बैठक में प्रभावित क्षेत्रों में चल रहे राहत-बचाव कार्यों, लोगों के सुरक्षित उद्धार और तत्काल सहायता पहुंचाने को लेकर चर्चा की गई।
भारत और चीन से मांगा सहयोग
नेपाल सरकार ने रसुवा समेत बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों में राहत एवं बचाव अभियान के लिए भारत और चीन से आवश्यक सहयोग मांगा है। सरकार के प्रवक्ता सस्मित पोखरेल ने मंत्रिपरिषद की बैठक के बाद पत्रकारों को बताया कि दोनों पड़ोसी देशों से सहायता उपलब्ध कराने का आग्रह किया गया है। उन्होंने कहा कि सहयोग को लेकर विदेश मंत्री शिशिर खनाल भारत और चीन के अधिकारियों के संपर्क में हैं।
नेपाल सरकार का जोर प्रभावित लोगों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने, राहत सामग्री उपलब्ध कराने और बाढ़ से क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में तत्काल सहायता पहुंचाने पर है। सरकार का मानना है कि पड़ोसी देशों के सहयोग से राहत-बचाव अभियान को और प्रभावी बनाया जा सकेगा।
रसुवा में बड़े पैमाने पर नुकसान
भोटेकोशी नदी में अचानक आई भीषण बाढ़ से रसुवा जिले में बड़े पैमाने पर नुकसान हुआ है। कई इलाकों में सड़क संपर्क प्रभावित हुआ है। रसुवागढ़ी, टिमुरे, स्याफ्रु, मैलुङ और बेत्रावती सहित कई क्षेत्रों में घर, सड़क, पुल, विद्युत संरचना और सार्वजनिक संस्थानों को नुकसान पहुंचने की सूचना है।
बाढ़ से पुलिस चौकी, सीमा कार्यालय समेत कई महत्वपूर्ण संरचनाएं भी प्रभावित हुई हैं। संपर्क व्यवस्था बाधित होने से राहत सामग्री और बचाव दल को प्रभावित इलाकों तक पहुंचाने में भी चुनौती सामने आ रही है।
प्रमुख राजनीतिक दलों ने जताई चिंता
बाढ़ से रसुवा, नुवाकोट, धादिंग समेत आसपास के क्षेत्रों में हुए नुकसान को लेकर नेपाल के प्रमुख राजनीतिक दलों ने चिंता जताई है। राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी, राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी, नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी और नेपाली कांग्रेस ने सरकार से राहत-बचाव अभियान तेज करने की अपील की है।
खतरे वाले इलाकों से लोगों को निकालने की मांग
राष्ट्रीय स्वतंत्र पार्टी के महामंत्री विपिन कुमार आचार्य ने बाढ़ पूर्वानुमान शाखा की चेतावनी को गंभीरता से लेने की अपील की। उन्होंने सरकार, स्थानीय प्रशासन और आम लोगों से उच्च सतर्कता बरतने को कहा। पार्टी ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के तटीय इलाकों में रहने वाले लोगों को जोखिम वाले स्थानों से तत्काल सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की मांग की है। अनावश्यक यात्रा से बचने की सलाह भी दी गई है।
पांच जिलों में बढ़ा खतरा
राष्ट्रीय प्रजातंत्र पार्टी ने रसुवा के साथ नुवाकोट, धादिंग, गोरखा और चितवन के नदी तटीय क्षेत्रों में भी खतरा बढ़ने की आशंका जताई है। पार्टी ने सरकार से राहत, बचाव और उपचार के लिए उपलब्ध सभी संसाधनों का प्रभावी इस्तेमाल करने की मांग की। प्रभावित नागरिकों तक तत्काल राहत पहुंचाने पर जोर दिया गया है।
सभी तंत्रों के समन्वय से बचाव की अपील
नेपाली कम्युनिस्ट पार्टी ने कहा कि बाढ़ से कई महत्वपूर्ण इलाकों में जनजीवन प्रभावित हुआ है। पार्टी ने सभी स्तर की सरकारों, सुरक्षा निकायों और राजनीतिक दलों से समन्वय बनाकर राहत-बचाव अभियान चलाने की अपील की। प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने के साथ जरूरी खाद्य सामग्री और अन्य राहत सामग्री उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
कांग्रेस ने कार्यकर्ताओं से मदद में जुटने को कहा
नेपाली कांग्रेस के सभापति गगन थापा ने भोटेकोशी और त्रिशूली नदी के निचले तटीय क्षेत्रों में उच्च सतर्कता बरतने की अपील की। उन्होंने सरकार से पूरे राज्य तंत्र को राहत-बचाव कार्य में लगाने को कहा। पार्टी कार्यकर्ताओं से भी प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाने और राहत कार्यों में सक्रिय भूमिका निभाने का आग्रह किया गया।
भारत-चीन के सहयोग से अभियान को मिलेगी गति
नेपाल सरकार की ओर से भारत और चीन से मदद मांगे जाने के बाद अब राहत-बचाव अभियान में पड़ोसी देशों के सहयोग की उम्मीद बढ़ी है। सरकार का प्राथमिक लक्ष्य बाढ़ प्रभावित लोगों की जान बचाना, संपर्क व्यवस्था बहाल करना और प्रभावित क्षेत्रों में जरूरी सेवाओं को जल्द शुरू करना है।
