Flash Flood Warning : तिब्बती क्षेत्र में झील टूटने की सूचना से नेपाल में अलर्ट, फिर बाढ़ का खतरा
तिब्बती क्षेत्र में एक झील के टूटने की सूचना के बाद नेपाल में बाढ़ का खतरा बढ़ गया है, खासकर ...और पढ़ें

नेपाल में बाढ़ को लेकर दहशत का माहौल।
HighLights
तिब्बती क्षेत्र में झील टूटने से नेपाल में बाढ़ का खतरा।
भोटेकोशी नदी में तेज बाढ़ की आशंका, लोग सतर्क रहें।
नेपाल पुलिस ने सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील की।
अमरेन्द्र तिवारी, मुजफ्फरपुर। नेपाल में एक बार फिर बड़ी तबाही का खतरा मंडराने लगा है। नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में ग्लेशियर फटने से हुई तबाही के बाद अब तिब्बती क्षेत्र में एक बड़ी झील के टूटने की सूचना ने चिंता बढ़ा दी है।
चीन के तिब्बती क्षेत्र में छोचेन खोला और पुरेपु त्सांगपो नदी के संगम के पास बनी झील के टूटने की सूचना सामने आई है। इसके बाद नेपाल के रसुवा जिले में भोटेकोशी नदी में फिर से तेज बाढ़ आने की आशंका जताई गई है। नेपाल पुलिस ने लोगों से तत्काल सतर्क रहने और सुरक्षित स्थानों की ओर जाने की अपील की है।
भोटेकोशी में फिर बढ़ सकता है पानी
उत्तरगया ग्रामीण नगरपालिका के अध्यक्ष माधव प्रसाद अर्याल ने भोटेकोशी नदी में पहले जैसी बाढ़ आने की आशंका जताई है। उन्होंने स्थानीय लोगों से विशेष सतर्कता बरतने का आग्रह किया है। नदी के आसपास रहने वाले लोगों को किसी भी तरह का जोखिम नहीं उठाने और सुरक्षित स्थानों पर जाने को कहा गया है।
चीन की ओर से मिली जानकारी
रसुवा के प्रमुख जिला अधिकारी नरेंद्र परियार के अनुसार, चीनी पक्ष से उक्त झील के टूटने की जानकारी मिली है। झील टूटने की सूचना के बाद नेपाल के संबंधित प्रशासनिक और सुरक्षा तंत्र को सतर्क किया गया है। नदी के जलस्तर में अचानक वृद्धि की आशंका को देखते हुए संवेदनशील क्षेत्रों पर नजर रखी जा रही है।
रेस्क्यू टीमों को भी किया गया सतर्क
नेपाल में पहले से ही राहत और बचाव कार्य में सुरक्षाकर्मी तथा रेस्क्यू टीमें जुटी हुई हैं। नई सूचना के बाद इन टीमों को भी विशेष सावधानी बरतने को कहा गया है। नेपाल पुलिस ने राहत और बचाव कार्य में लगे सुरक्षाकर्मियों, बचावकर्मियों तथा आम नागरिकों से तत्काल सतर्क रहने का आग्रह किया है।
सुरक्षित स्थानों पर जाने की अपील
नेपाल पुलिस ने लोगों से कहा है कि वे नदी और बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से दूर रहें। किसी भी तरह के खतरे की आशंका होने पर तत्काल सुरक्षित स्थान की ओर चले जाएं। आसपास रहने वाले लोगों को भी संभावित खतरे की सूचना देने का अनुरोध किया गया है।
पहले भी मची थी भारी तबाही
नेपाल-तिब्बत सीमा क्षेत्र में हाल में ग्लेशियर फटने की घटना के बाद भारी तबाही हुई थी। इसके बाद से भोटेकोशी और आसपास के क्षेत्रों में प्रशासन पहले से सतर्क है। अब तिब्बती क्षेत्र में झील टूटने की सूचना से एक बार फिर लोगों की चिंता बढ़ गई है।
नदी किनारे रहने वालों पर विशेष नजर
नई बाढ़ की आशंका को देखते हुए भोटेकोशी नदी के आसपास रहने वाले लोगों को विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां स्थिति पर नजर बनाए हुए हैं। अचानक जलस्तर बढ़ने की स्थिति में लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने के लिए भी तैयार रहने को कहा गया है।
तिब्बत में भीषण बाढ़ से कैलाश तीर्थयात्रा प्रभावित, 178 भारतीय लापता
नेपाल-चीन सीमा क्षेत्र में आई भीषण बाढ़ और भूस्खलन से कैलाश पर्वत की तीर्थयात्रा पर गए श्रद्धालु प्रभावित हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा के बाद कैलाश पर्वत की यात्रा पर गए 178 भारतीयों के लापता होने की सूचना है। नेपाल और तिब्बत में बाढ़ व भूस्खलन के कारण सैकड़ों लोगों के लापता होने से कैलाश-मानसरोवर यात्रा प्रभावित हुई है।
दक्षिण-पश्चिमी तिब्बत में चीन-नेपाल और भारत की सीमाओं के निकट स्थित कैलाश पर्वत समुद्र तल से 6,400 मीटर से अधिक की ऊंचाई पर है। इसके पास स्थित मानसरोवर झील हिंदुओं, बौद्धों, जैनियों और तिब्बती बोन परंपरा के अनुयायियों के लिए पवित्र मानी जाती है।
हिंदू धर्म में कैलाश पर्वत को भगवान शिव और देवी पार्वती का निवास स्थान माना जाता है, जबकि बोन परंपरा में इसे आध्यात्मिक शक्ति का केंद्र माना गया है। तीर्थयात्री आमतौर पर कैलाश पर्वत की लगभग 53 किलोमीटर की परिक्रमा करते हैं। वे पर्वत पर चढ़ाई नहीं करते। इस परिक्रमा को पूरा करने में करीब तीन दिन लगते हैं।
