मुजफ्फरपुर-छपरा रोड में 50 से अधिक जगहों पर एनएचएआई की जमीन पर कब्जा, अब चलेगा बुलडोजर
एनएचएआई की मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच-722 पर 50 से अधिक जगहों पर अवैध कब्जे से फोरलेन कार्य बाधित हो रहा है। विभाग ने कब्जाधारियों को नोटिस भेजकर अल्टीमेटम ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।
HighLights
मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच-722 पर 50 से अधिक अवैध कब्जे।
एनएचएआई ने कब्जाधारियों को नोटिस भेजकर अल्टीमेटम दिया।
अतिक्रमण हटाने के लिए प्रशासन का सहयोग लिया जाएगा।
जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच-722 में 50 से अधिक जगहों पर एनएचएआई की जमीन पर अवैध कब्जा कर लिया गया है। इससे एनएच पर जीर्णोद्धार व प्रस्तावित फोरलेन कार्य करने में एनएचएआइ को परेशानी हो रही है।
इन सभी अवैध कब्जा करने वालों को चिह्नित किया गया है। दरअसल, एनएचएआइ के अधिकारियों ने इस एनएच का निरीक्षण करने के दौरान पाया कि 50 से अधिक जगहों पर कब्जा है। इसे हटाया जाना आवश्यक है।
इसपर विभाग की ओर से सभी संबंधितों को चिह्नित किया गया। इसके बाद नोटिस भेजा गया है। इन्हें अल्टीमेटम भी दिया गया है कि अगर स्वत: कब्जा नहीं खाली करते तो जिला प्रशासन व पुलिस से सहयोग लेकर इसे हटाया जाएगा।
परियोजना निदेशक ने इसकी रिपोर्ट डीएम व एसएसपी को भेजकर पूरे मामले से अवगत कराया है। विदित हो कि मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच को फोरलेन किया जाना प्रस्तावित है।
वर्तमान में यह पथ टू लेन है, लेकिन ट्रैफिक का अत्यधिक दबाव होने से अब इसे फोरलेन करने का निर्णय लिया गया है। रेवा घाट पुल को भी फोरलेन किया जाना है। इसकी प्रक्रिया चल रही है।
इस दौरान एनएचएआइ अपनी जमीन की मापी व सीमांकन में जुटा है। इसी दौरान इन अवैध कब्जाधारियों की जानकारी मिली। बिना इन्हें हटाए आगे का कार्य करने में परेशानी होगी। इसलिए डीएम व एसएसपी से भी अपने स्तर से प्राथमिकता के आधार पर लेकर कार्रवाई का अनुरोध किया गया है।
बताया गया कि पूर्व में भी कई बार इन सभी को अवैध कब्जा हटाने को कहा गया था, लेकिन इनके द्वारा संज्ञान नहीं लिया गया। मुजफ्फरपुर-छपरा एनएच निर्माण के दौरान उक्त भूमि का अधिग्रहण किया गया था और मुआवजा भुगतान प्रक्रिया भी हुई थी।
- मुजफ्फरपुर-छपरा रोड में 50 से अधिक जगहों पर एनएचएआई की जमीन पर कब्जा
- एनएचआई के परियोजना निदेशक ने संबंधितों को भेजा नोटिस, डीएम को भी दी जानकारी
- स्वत : नहीं खाली करेंगे कब्जा तो जिला प्रशासन का लिया जाएगा सहयोग, दिया अल्टीमेटम