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    पटना में नीट छात्रा की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा, पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने खोले आपराधिक राज

    By Sanjeev KumarEdited By: Ajit kumar
    Updated: Mon, 19 Jan 2026 11:45 AM (IST)

    Bihar student case: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत का मामला अब राष्ट्रीय और राज्य मानवाधिकार आयोग पहुंच गया है। अधिवक्ता एस.के. झा ने याच ...और पढ़ें

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    HighLights

    1. नीट छात्रा की मौत का मामला मानवाधिकार आयोग पहुंचा।

    2. पोस्टमार्टम रिपोर्ट ने आत्महत्या के बजाय अपराध का संकेत दिया।

    3. निष्पक्ष जांच और न्याय की मांग, सुप्रीम कोर्ट को पत्र।

    संजीव कुमार, मुजफ्फरपुर। Patna NEET student death: पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की मौत के मामले ने नया मोड़ ले लिया है। इस गंभीर प्रकरण को लेकर राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग और राज्य मानवाधिकार आयोग में अलग-अलग याचिकाएं दायर की गई हैं। यह याचिका मानवाधिकार मामलों के जानकार अधिवक्ता एस.के. झा की ओर से दाखिल की गई है।

    मृत छात्रा बिहार के जहानाबाद जिले की रहने वाली थी और पटना के कंकड़बाग स्थित शम्भू गर्ल्स हॉस्टल में रहकर नीट की तैयारी कर रही थी। छात्रा की मौत के बाद प्रारंभिक जांच में पुलिस ने मामले को आत्महत्या से जोड़ने का प्रयास किया, लेकिन पोस्टमार्टम रिपोर्ट सामने आने के बाद कई गंभीर आपराधिक कृत्यों के संकेत मिले हैं।

    मानवाधिकार अधिवक्ता एस.के. झा ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट में शरीर पर चोटों के निशान और अन्य परिस्थितियां इस ओर इशारा करती हैं कि यह मामला केवल आत्महत्या नहीं, बल्कि गंभीर अपराध से जुड़ा हो सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुरुआत में इस घटना को दबाने और जानबूझकर आत्महत्या का रूप देने का प्रयास किया गया।

    अधिवक्ता ने कहा कि इस तरह के जघन्य मामले में यदि जांच के किसी भी स्तर पर लापरवाही या सच्चाई छिपाने का प्रयास हुआ है, तो वह दंडनीय अपराध की श्रेणी में आता है। बेटियों की सुरक्षा सभ्य समाज और सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए।

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    मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच सुनिश्चित करने के लिए मानवाधिकार आयोग से अवकाश-प्राप्त न्यायाधीश की निगरानी में जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही न्याय की गुहार लगाते हुए सुप्रीम कोर्ट और पटना हाई कोर्ट के चीफ जस्टिस को भी पत्र भेजा गया है।