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मुजफ्फरपुर में बिजली संकट होगा दूर, जारंग में 132/33 केवी ग्रिड को हरी झंडी

Published: Wed, 02 Sep 2026 11:42 PM (IST)

राज्य सरकार ने मुजफ्फरपुर के जारंग में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए 3.15 एकड़ सरकारी जमीन के ...और पढ़ें

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

इसमें प्रतीकात्मक तस्वीर लगाई गई है।

HighLights

  1. मुजफ्फरपुर के जारंग में नया 132/33 केवी ग्रिड बनेगा।

  2. 3.15 एकड़ सरकारी जमीन बिहार सरकार ने हस्तांतरित की।

  3. जिले में बिजली आपूर्ति मजबूत होगी, संकट होगा दूर।

जागरण संवाददाता, मुजफ्फरपुर । जिले में बिजली आपूर्ति व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में राज्य सरकार ने महत्वपूर्ण निर्णय लिया है। मुजफ्फरपुर के गायघाट अंचल अंतर्गत जारंग मौजा में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए 3.15 एकड़ सरकारी जमीन हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई है ।

कैबिनेट के फैसले के तहत यह जमीन बिहार स्टेट पावर ट्रांसमिशन कंपनी लिमिटेड (बीएसपीटीसीएल), पटना को हस्तांतरित की जाएगी। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग की ओर से जारी जानकारी के अनुसार, प्रस्तावित जमीन गैरमजरुआ बिहार सरकार की भूमि है।

यह गायघाट अंचल के जारंग मौजा में स्थित है। जमीन का विवरण थाना संख्या-163, खाता संख्या-3236 और खेसरा संख्या-6940 के रूप में दिया गया है । विद्युत कार्यपालक अभियंता श्रवण कुमार ठाकुर ने बताया कि वहां उप ग्रिड लगने से इलाके के लोगों को निर्बाध मिलेगी बिजली । 

1.98 करोड़ रुपये के भुगतान पर जमीन हस्तांतरण

ग्रिड उपकेंद्र के निर्माण के लिए उक्त 3.15 एकड़ जमीन का हस्तांतरण शुल्क के आधार पर किया जाएगा। इसके लिए कुल 1,98,45,000 रुपये यानी करीब 1.98 करोड़ रुपये का भुगतान बिहार सरकार को किया जाएगा । भुगतान के बाद जमीन को पावर ट्रांसमिशन कंपनी के नाम हस्तांतरित करने की प्रक्रिया आगे बढ़ेगी।

बढ़ती बिजली जरूरत के बीच अहम कदम

मुजफ्फरपुर और आसपास के इलाकों में बिजली की मांग लगातार बढ़ रही है। ऐसे में 132/33 केवी ग्रिड उपकेंद्र बनने से ट्रांसमिशन नेटवर्क को मजबूती मिलने की उम्मीद है। इससे संबंधित क्षेत्र में बिजली आपूर्ति की क्षमता बढ़ाने, लोड प्रबंधन बेहतर करने और भविष्य की बढ़ती मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी।

नए ग्रिड से जुड़े क्षेत्रों में आपूर्ति व्यवस्था को अधिक स्थिर बनाने में भी इसका योगदान होगा। खास बात: 3.15 एकड़ जमीन पर बनने वाला यह ग्रिड उपकेंद्र मुजफ्फरपुर के विद्युत ट्रांसमिशन ढांचे के विस्तार की महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा है।